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बिजली गुल, टार्च से ही आपरेशन कर बचा ली जिदंगी
चंबा/ब्यूरो
Updated Tue, 14 May 2013 01:40 AM IST
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सरकारी अस्पताल में महिला का आपरेशन चल रहा था और बिजली गुल हो गई। यहां का एकमात्र जनरेटर भी खराब था। ऐसे में टार्च की रोशनी में आपरेशन किया गया जो तीन घंटे तक चला।
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डाक्टरों के अनुसार महिला का रसौली का आपरेशन अगर बीच में ही रोकना पड़ता तो उसकी जान भी जा सकती है।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर करोड़ों खर्च करने वाला विभाग जिला अस्पताल में जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था न कर पाने के चलते कटघरे में आ गया है।
सिल्लाघाट के मुडाह निवासी मासूमा बेगम की बच्चेदानी में करीब एक किलोग्राम की रसौली थी। उसे निकालने के लिए सोमवार को डाक्टरों की टीम आपरेशन में जुटी थी।
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इसी दौरान बिजली गुल हो गई। अस्पताल का जनरेटर खराब होने के कारण डाक्टरों ने टार्च की रोशनी में आपरेशन जारी किया।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. संतोष वर्मा और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डा. आरती शर्मा ने तीन घंटे तक टार्च की रोशनी में महिला का आपरेशन कर बच्चेदानी से रसौली निकाल दी।
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आपरेशन के दौरान बिजली गुल होने पर चिकित्सकों ने बड़ी मशक्कत कर टार्च की रोशनी में महिला का आपरेशन किया। गायनी के चार आपरेशन नहीं किए जा सके। जनरेटर ठीक करने के लिए भेजा गया है। इसे जल्द ठीक करा दिया जाएगा।
-डा. विनोद शर्मा, एमएस, जिला अस्पताल चंबा