फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   State Level Bankers Committee: Banks to provide loans worth ₹45,886 crore to MSMEs and the agriculture sector

SLBC Meeting: हिमाचल में एमएसएमई और कृषि को 45,886 करोड़ का कर्ज देंगे बैंक

Fri, 26 Jun 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 26 Jun 2026 05:00 AM IST
सार

वार्षिक ऋण योजना (एसीपी) के अनुसार सबसे अधिक 23,821 करोड़ रुपये का लक्ष्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए रखा गया है, जो कुल लक्ष्य का 52.01 प्रतिशत है।

विज्ञापन
State Level Bankers Committee: Banks to provide loans worth ₹45,886 crore to MSMEs and the agriculture sector
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) ने वर्ष 2026-27 के लिए प्राथमिकता क्षेत्र में 45,886 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। वार्षिक ऋण योजना (एसीपी) के अनुसार सबसे अधिक 23,821 करोड़ रुपये का लक्ष्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए रखा गया है, जो कुल लक्ष्य का 52.01 प्रतिशत है। कृषि क्षेत्र के लिए 18,198 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय हुआ है, जिसकी हिस्सेदारी 39.71 प्रतिशत रहेगी। समिति की बैठक होटल होलिडे होम शिमला में सचिव वित्त अभिषेक जैन की अध्यक्षता में हुई। इसमें आरबीआई महाप्रबंधक पीतांबर अग्रवाल, नाबार्ड से उप महाप्रबंधक उप महाप्रबंधक और राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति के समन्वयक व यूको बैंक के उप महाप्रबंधक कमल कुमार शर्मा विशेष रूप उपस्थित रहे।

विज्ञापन

नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को 1,724 करोड़

इस बैठक में  नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को 1,724 करोड़, सामाजिक अवसंरचना सहायता स्कूल, अस्पताल और परिवहन के लिए 1,444 करोड़ और आवास क्षेत्र के लिए 411 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया है। निर्यात ऋण के लिए 17 करोड़ रुपये और माइक्रो क्रेडिट और अन्य गतिविधियों के लिए 110-110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नाबार्ड ने प्राथमिकता क्षेत्र के लिए संभावित ऋण योजना (पीएलपी) में 45,809.93 करोड़ रुपये की आवश्यकता आंकी थी, जिसके मुकाबले एसीपी लक्ष्य 45,886 करोड़ रुपये रखा गया है।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

सोलन जिले को सबसे अधिक 9,387.38 करोड़

सोलन जिले को सबसे अधिक 9,387.38 करोड़ रुपये का लक्ष्य आवंटित किया गया है। शिमला को 9,356.03 करोड़, कांगड़ा 7,091.99 करोड़, मंडी 4,450.14 करोड़ और सिरमौर को 4,336.75 करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला है। कुल्लू के लिए 2,739.87 करोड़, ऊना 2,568.87 करोड़, हमीरपुर 2,062.88 करोड़, बिलासपुर के लिए 1,625.83 करोड़ तथा चंबा के लिए 1,388.49 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किन्नौर को 564.67 करोड़ रुपये और लाहौल-स्पीति को 262.09 करोड़ रुपये का सबसे कम लक्ष्य मिला है।
 

विज्ञापन

ऋण-जमा अनुपात में सुधार

हिमाचल प्रदेश में बैंकों के ऋण-जमा अनुपात में बीते एक वर्ष के दौरान सुधार हुआ है। राज्य का औसत ऋण-जमा अनुपात मार्च 2025 के 50.29 फीसदी से बढ़कर मार्च 2026 में 51.18 फीसदी हो गया। शिमला जिले में सबसे अधिक 3.42 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो 47.91 फीसदी तक पहुंचा। हालांकि, लाहौल-स्पीति, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में ऋण-जमा अनुपात में गिरावट आई है। सबसे ज्यादा सोलन का ऋण-जमा अनुपात 82.49 फीसदी और सिरमौर का 79.21 फीसदी रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed