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Solan News: पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए वार्डों में लगेंगे बोरवेल
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प्रथम चरण में शहर के वार्ड-16 के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू
अन्य वार्डों में भी विभाग व निगम कर रहा जगह तलाश
बोरवेल से अश्वनी, गिरि योजना बंद होने पर भी नहीं पड़ेगा प्रभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में लगातार चल रहे पेयजल संकट से आगामी समय में राहत मिलेगी। जल शक्ति विभाग ने वार्ड स्तर पर बोरवेल लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग की ओर से पहले चरण में वार्ड-16 शामती में बोरवेल लगाया जाएगा। इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके बाद शहर के अन्य वार्डों में भी उपयुक्त स्थान चिह्नित कर बोरवेल लगाए जाएंगे। विभाग की ओर से निगम को जगहें तलाशने के लिए कहा गया है। निगम की ओर से संभावित जगहों की तलाश की जा रही है, ताकि जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर पर पानी का अतिरिक्त स्रोत तैयार किया जा सके।
शहर में बीते कुछ समय से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में लोगों को नियमित अंतराल पर पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में जल शक्ति विभाग अब मौजूदा जलस्रोतों पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ वैकल्पिक स्रोत विकसित करने की दिशा में कदम उठा रहा है। वर्तमान में मुख्य रूप से गिरि और अश्वनी पेयजल योजनाओं से पानी की आपूर्ति हो रही है। बारिश के दौरान इन जलस्रोतों में गाद आने से योजनाओं की सप्लाई प्रभावित होती है। इसका सीधा असर शहर की पेयजल व्यवस्था पर पड़ता है और लोगों को पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
इनसेट
कई वार्डों में नहीं है प्राकृतिक स्रोत
शहर के कई वार्डों में पानी के प्राकृतिक स्रोत, हैंडपंप आदि भी नहीं है। इससे पेयजल किल्लत के दौरान उस वार्ड के लोगों को भारी दिक्कतें आती हैं। उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता और न ही प्राकृतिक स्रोत होने से वह कहीं और से पानी ला सकते हैं। हालांकि यदि वार्डों में बोरवेल लग जाएंगे तो उन्हें सीधे मुख्य सप्लाई से जोड़कर उनसे सप्लाई दी जाएगी।
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इनसेट
पेयजल किल्लत से जूझ रहा शहर
शहर में पेयजल संकट बरकरार है। सर्दियों में भी लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। लोगों को नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। कई वार्डों में छह से सात दिन के अंतराल के बाद पानी की आपूर्ति हो रही है। लंबे अंतराल में पानी आने के कारण लोगों को अपने घरों में पानी का भंडारण करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में लोग टैंकर और बोतलों से अपनी पानी की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। पानी न आने से घरेलू काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
कोट
शहर में पानी की समस्या के समाधान के लिए बोरवेल लगाए जाएंगे। इससे गिरि और अश्वनी पेयजल योजनाओं पर निर्भरता कम होगी। नगर निगम को सभी वार्डों में जगह तलाशने काे कहा गया है, जगह मिलते ही अन्य वार्डों के लिए भी टेंडर शुरू होंगे।
-ई. ऐन सिंह, एसडीओ, जल शक्ति विभाग
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अन्य वार्डों में भी विभाग व निगम कर रहा जगह तलाश
बोरवेल से अश्वनी, गिरि योजना बंद होने पर भी नहीं पड़ेगा प्रभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में लगातार चल रहे पेयजल संकट से आगामी समय में राहत मिलेगी। जल शक्ति विभाग ने वार्ड स्तर पर बोरवेल लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग की ओर से पहले चरण में वार्ड-16 शामती में बोरवेल लगाया जाएगा। इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके बाद शहर के अन्य वार्डों में भी उपयुक्त स्थान चिह्नित कर बोरवेल लगाए जाएंगे। विभाग की ओर से निगम को जगहें तलाशने के लिए कहा गया है। निगम की ओर से संभावित जगहों की तलाश की जा रही है, ताकि जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर पर पानी का अतिरिक्त स्रोत तैयार किया जा सके।
शहर में बीते कुछ समय से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में लोगों को नियमित अंतराल पर पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में जल शक्ति विभाग अब मौजूदा जलस्रोतों पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ वैकल्पिक स्रोत विकसित करने की दिशा में कदम उठा रहा है। वर्तमान में मुख्य रूप से गिरि और अश्वनी पेयजल योजनाओं से पानी की आपूर्ति हो रही है। बारिश के दौरान इन जलस्रोतों में गाद आने से योजनाओं की सप्लाई प्रभावित होती है। इसका सीधा असर शहर की पेयजल व्यवस्था पर पड़ता है और लोगों को पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
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कई वार्डों में नहीं है प्राकृतिक स्रोत
शहर के कई वार्डों में पानी के प्राकृतिक स्रोत, हैंडपंप आदि भी नहीं है। इससे पेयजल किल्लत के दौरान उस वार्ड के लोगों को भारी दिक्कतें आती हैं। उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता और न ही प्राकृतिक स्रोत होने से वह कहीं और से पानी ला सकते हैं। हालांकि यदि वार्डों में बोरवेल लग जाएंगे तो उन्हें सीधे मुख्य सप्लाई से जोड़कर उनसे सप्लाई दी जाएगी।
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पेयजल किल्लत से जूझ रहा शहर
शहर में पेयजल संकट बरकरार है। सर्दियों में भी लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। लोगों को नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। कई वार्डों में छह से सात दिन के अंतराल के बाद पानी की आपूर्ति हो रही है। लंबे अंतराल में पानी आने के कारण लोगों को अपने घरों में पानी का भंडारण करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में लोग टैंकर और बोतलों से अपनी पानी की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। पानी न आने से घरेलू काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
कोट
शहर में पानी की समस्या के समाधान के लिए बोरवेल लगाए जाएंगे। इससे गिरि और अश्वनी पेयजल योजनाओं पर निर्भरता कम होगी। नगर निगम को सभी वार्डों में जगह तलाशने काे कहा गया है, जगह मिलते ही अन्य वार्डों के लिए भी टेंडर शुरू होंगे।
-ई. ऐन सिंह, एसडीओ, जल शक्ति विभाग