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जल संकट : जिले में दो स्कीमें बंद, 71 सूखने की कगार पर
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/बद्दी/धर्मपुर। जिले में बीते सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद पेयजल संकट शुरू हो गया है। जल शक्ति विभाग की दो स्कीमें बंद हो गई हैं जबकि 71 स्कीमें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। गर्मी का अगर यही हाल रहा तो लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है।
औद्योगिक क्षेत्र में भी इन दिनों यही हाल बना हुआ है। इसके चलते कई जगहों पर लोगों को पानी के लिए प्राकृतिक स्रोतों का सहारा लेना पड़ रहा है लेकिन इनमें भी पानी काफी नीचे चला गया है।
जानकारी के अनुसार जल शक्ति मंडल सोलन में 218 स्कीमें हैं जबकि अर्की मंडल में 247, नालागढ़ मंडल में 120 और बद्दी में 150 स्कीमें से लोगों की प्यास बुझा रही हैं। कई जगहों में पानी 35 से 40 फीसदी तक रह गया है जो आगामी दिनों में और घट सकता है।
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हालांकि इन स्कीमों से रुक-रुक कर मोटरों को चलाया जा रहा है। बारिश न होने से समस्या जस की तस बनी हुई है। बीबीएन में 13, सोलन में 30 और अर्की में 28 स्कीमों में जल स्तर घटा है।
कौशल्या खड्ड में भी घटा पानी का स्तर
परवाणू (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू व आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट पैदा हो गया है। कौशल्या खड्ड भी सूखने की कागार पर पहुंच गई है। हिमुडा के सहायक अभियंता राजेश चौहान ने बताया कि कौशल्या खड्ड में पानी की कमी आई है। यहां पर करीब 50 फीसदी पानी रह गया है।
धर्मपुर में पांचवें दिन हो रही सप्लाई
जिले के धर्मपुर, कुमारहट्टी, बोहली, भोजनगर, गढ़खल और जाबली में लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर लोगों को पांचवें दिन सप्लाई हो रही है। हालांकि विभाग दावा कर रहा है कि पेयजल किल्लत से निपटने के लिए गिरि योजना से 70-75 लाख लीटर और अश्वनी खड्ड से 25-30 लाख लीटर पानी लिफ्ट किया जा रहा है। इसे सोलन शहर और अन्य जगहों की प्यास बुझाई जा रही है।
75 परिवारों को काफी परेशानी
बद्दी-नालागढ़ की थाना, कौंडी, कुल्हाड़ीवाला योजनाओं का जल स्तर कम होता जा रहा है। थाना और कौंडी में हर साल गर्मियों में जल स्तर कम होता है लेकिन कुल्हाड़ीवाला में पहली बार ऐसा हुआ है। घरेड़ पंचायत की बहकोलियां और बलदू खड्ड योजनाओं का पानी पूरी तरह सूख गया है। बहकोरियां में 50 परिवार और बलदू खड्ड स्कीम से 25 परिवार जुड़े हैं। इन्हें पेयजल समस्या पैदा हो गई है। हालांकि इन दोनों योजनाओं को अबरनी योजना से जोड़ कर लोगों को राहत दी है।
भोजनगर पंचायत के माइंया गांव में 25 सालों से पानी की कमी
कसौली के माइंया गांव में लोगों को 25 सालों से पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने और पशुओं के लिए टैंकर खरीदकर पानी की पूर्ति कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई बार समस्या के बारे में बताया है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय रंजीत ठाकुर, धमेंद्र ठाकुर, अक्षय, संजय और अन्य लोगों ने बताया कि अगर पेयजल किल्लत का कोई समाधान नहीं होता है तो 2022 के विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी
जल शक्ति विभाग सोलन मंडल के अधिशासी अभियंता ई. रविकांत शर्मा ने बताया कि गिरि और अश्वनी योजना से सुचारु रूप से पानी की लिफ्टिंग हो रही है। 30 स्कीमों में पानी आंशिक रूप से कम हुआ है लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।
नालागढ़ के सहायक अभियंता ई. चमन लाल ने बताया कि क्षेत्र में कुछ स्कीमों में जलस्तर घटा है। योजनाओं में पानी कम हुआ है, उन्हें दूसरी स्कीम के साथ जोड़ा है। बद्दी के अधिशासी अभियंता ई. पुनीत शर्मा ने बताया कि किसी भी योजना से उन्हें पानी की कमी की शिकायत नहीं आई है।
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सोलन/बद्दी/धर्मपुर। जिले में बीते सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद पेयजल संकट शुरू हो गया है। जल शक्ति विभाग की दो स्कीमें बंद हो गई हैं जबकि 71 स्कीमें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। गर्मी का अगर यही हाल रहा तो लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है।
औद्योगिक क्षेत्र में भी इन दिनों यही हाल बना हुआ है। इसके चलते कई जगहों पर लोगों को पानी के लिए प्राकृतिक स्रोतों का सहारा लेना पड़ रहा है लेकिन इनमें भी पानी काफी नीचे चला गया है।
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जानकारी के अनुसार जल शक्ति मंडल सोलन में 218 स्कीमें हैं जबकि अर्की मंडल में 247, नालागढ़ मंडल में 120 और बद्दी में 150 स्कीमें से लोगों की प्यास बुझा रही हैं। कई जगहों में पानी 35 से 40 फीसदी तक रह गया है जो आगामी दिनों में और घट सकता है।
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हालांकि इन स्कीमों से रुक-रुक कर मोटरों को चलाया जा रहा है। बारिश न होने से समस्या जस की तस बनी हुई है। बीबीएन में 13, सोलन में 30 और अर्की में 28 स्कीमों में जल स्तर घटा है।
कौशल्या खड्ड में भी घटा पानी का स्तर
परवाणू (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू व आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट पैदा हो गया है। कौशल्या खड्ड भी सूखने की कागार पर पहुंच गई है। हिमुडा के सहायक अभियंता राजेश चौहान ने बताया कि कौशल्या खड्ड में पानी की कमी आई है। यहां पर करीब 50 फीसदी पानी रह गया है।
धर्मपुर में पांचवें दिन हो रही सप्लाई
जिले के धर्मपुर, कुमारहट्टी, बोहली, भोजनगर, गढ़खल और जाबली में लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर लोगों को पांचवें दिन सप्लाई हो रही है। हालांकि विभाग दावा कर रहा है कि पेयजल किल्लत से निपटने के लिए गिरि योजना से 70-75 लाख लीटर और अश्वनी खड्ड से 25-30 लाख लीटर पानी लिफ्ट किया जा रहा है। इसे सोलन शहर और अन्य जगहों की प्यास बुझाई जा रही है।
75 परिवारों को काफी परेशानी
बद्दी-नालागढ़ की थाना, कौंडी, कुल्हाड़ीवाला योजनाओं का जल स्तर कम होता जा रहा है। थाना और कौंडी में हर साल गर्मियों में जल स्तर कम होता है लेकिन कुल्हाड़ीवाला में पहली बार ऐसा हुआ है। घरेड़ पंचायत की बहकोलियां और बलदू खड्ड योजनाओं का पानी पूरी तरह सूख गया है। बहकोरियां में 50 परिवार और बलदू खड्ड स्कीम से 25 परिवार जुड़े हैं। इन्हें पेयजल समस्या पैदा हो गई है। हालांकि इन दोनों योजनाओं को अबरनी योजना से जोड़ कर लोगों को राहत दी है।
भोजनगर पंचायत के माइंया गांव में 25 सालों से पानी की कमी
कसौली के माइंया गांव में लोगों को 25 सालों से पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने और पशुओं के लिए टैंकर खरीदकर पानी की पूर्ति कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई बार समस्या के बारे में बताया है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय रंजीत ठाकुर, धमेंद्र ठाकुर, अक्षय, संजय और अन्य लोगों ने बताया कि अगर पेयजल किल्लत का कोई समाधान नहीं होता है तो 2022 के विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी
जल शक्ति विभाग सोलन मंडल के अधिशासी अभियंता ई. रविकांत शर्मा ने बताया कि गिरि और अश्वनी योजना से सुचारु रूप से पानी की लिफ्टिंग हो रही है। 30 स्कीमों में पानी आंशिक रूप से कम हुआ है लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।
नालागढ़ के सहायक अभियंता ई. चमन लाल ने बताया कि क्षेत्र में कुछ स्कीमों में जलस्तर घटा है। योजनाओं में पानी कम हुआ है, उन्हें दूसरी स्कीम के साथ जोड़ा है। बद्दी के अधिशासी अभियंता ई. पुनीत शर्मा ने बताया कि किसी भी योजना से उन्हें पानी की कमी की शिकायत नहीं आई है।