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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Villages will be selected based on population under the TB campaign.

Solan News: टीबी अभियान के तहत जनसंख्या के आधार पर होगा गांवों का चयन

Thu, 03 Sep 2026 12:22 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Thu, 03 Sep 2026 12:22 AM IST
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अब तक चयनित 637 गांव में लगा शिविर, मिले 1170 नए मरीज
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विभाग जिले के हर गांव को करेगा टीबी अभियान के तहत कवर
इस साल के अंत तक जिले में हो सकती है मरीजों की संख्या दोगुनी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिलेभर में क्षय रोग (टीबी) की जांच के लिए चलाए जा रहे टीबी मुक्त अभियान 2.0 के समापन के बाद भी इसे नियमित रूप से चलाया जाएगा। अब अभियान के तहत लगाने वाले निक्षय शिविरों के लिए गांव का चयन जनसंख्या के आधार पर होगा। अधिक जनसंख्या वाले गांवों में विभाग की ओर से पहले शिविर लगाया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे जिले के हर गांव में लोगों की टीबी जांच की जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
विभाग की ओर से इससे पहले केंद्र की ओर से चयनित किए गए 637 गांव में ही यह अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभाग को इन गांव में 1170 नए टीबी मरीज मिले हैं। इन सभी मरीजों को विभाग की ओर से नजदीकी सरकारी अस्पतालों के साथ जोड़ दिया गया है और उपचार शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से अब जिलेभर के हर गांव को अभियान के तहत कवर किया जाएगा। इससे जिले में टीबी मरीजों की समय रहते पहचान हो सकेगी और जल्द-से-जल्द उपचार मिल सकेगा। वहीं छह माह के अंदर आए 1170 मरीजों के बाद अब इस वर्ष के अंत तक इनकी संख्या दोगुनी होने की संभावना है।
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इनसेट
विभाग की ओर से अभियान को और तेज करने के लिए नई पोर्टेबल एक्सरे मशीन से भी काम लिया जा रहा है। पहले जहां विभाग दो पोर्टेबल एक्सरे मशीन से काम चला रहा था, वहीं अब अभियान में छह मशीनें काम कर रही है। ऐसे में अब हर स्वास्थ्य खंड में एक पोर्टेबल एक्सरे मशीन मौजूद है। इससे एक दिन में छह या इससे अधिक गांव में शिविर लग रहे हैं।
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इनसेट
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रतिवर्ष जिले में 2000 या इससे अधिक टीबी मरीज निकल रहे हैं। वहीं विभाग की ओर से जिले में 2030 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं यदि यह संख्या निरंतर बढ़ती रही, तो टीबी मुक्त जिला का लक्ष्य पूरा कर पाना मुश्किल हो सकता है। वहीं सामान्य टीबी के मरीजों के साथ जिले में एमडीआर टीबी के मरीज भी सामने आ रहे हैं, जिनके उपचार में सामान्य मरीज से अधिक समय लगता है।


कोट
विभाग की ओर से टीबी अभियान को खत्म होने के बाद भी नियमित रूप से चलाया जा रहा है। इससे जिले में टीबी मरीजों की जानकारी समय पर विभाग के पास पहुंच सकेगी और जल्द-से-जल्द उपचार मिलने से मरीजों को भी लाभ होगा। विभाग अब जनसंख्या के तहत गांवों का चयन करेगा। बड़े गांव में पहले शिविर लगेंगे। - डॉ. अजय पाठक
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग सोलन

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