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Solan News: नए कानून काे लेकर भड़के ट्रक चालक, किया चक्का जाम
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आधे घंटे तक पुलिस को जाम खुलवाने में करनी पड़ी मशक्कत चालकों ने केंद्र सरकार से नए कानून को वापिस लेने की उठाई मांग
कानून वापिस नहीं लिए तो आंदोलन को तेज करने की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। केंद्र सरकार की ओर से सड़क सुरक्षा में बनाए गए नए कानूनों के विरोध में बद्दी व नालागढ़ में ट्रक चालकों ने चक्का जाम किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बद्दी में ट्रक चालकों ने राष्ट्रीय मार्ग पर चक्का जाम किया, वहीं नालागढ़ ट्रक यूनियन ने भी मुख्य मार्ग पर जाम लगाया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थी। सूचना मिलते ही बद्दी में थाना प्रभारी राकेश राॅय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे के बाद जाम खुलवाया गया। इससे पहले पुलिस ने जाम को देखते हुए बाईपास से ट्रैफिक को भेजना शुरू कर दिया था। नालागढ़ में भी कुछ समय के बाद लोगों के समझाने पर चालकों ने जाम खोल दिया था।
बद्दी में सैकड़ों चालक 11:30 बजे मार्ग पर एकत्रित हुए और 12:00 बजे तक केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए कानूनों के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। चालकों का कहना है कि अगर हादसा होता है को चालक को घायल को अस्पताल पहुंचाना होगा। अगर भाग जाता है तो दस साल सजा व सात लाख रुपये की जुर्माना लगेगा। उन्होंने कहा कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता तब तक इसका विरोध किया जाएगा।
चालक पवन कुमार व मोहम्मद रिहान ने कहा कि नए कानून के अनुसार अगर चालक से गलती होती है तो उसका खामियाजा उसके परिवार के लोग क्यों भुगते। अगर ऐसा होता है तो चालक को अपना काम छोडने पर मजबूर होना पड़ेगा। दुर्घटना होने पर चालक मौके पर रहता है तो भीड़ उसे पीट कर मार डालेगी। 10 साल की सजा व लाखों का जुर्माना चालक कहां से भरेगा। एक चालक को 5000 रुपये वेतन मिलता है। वह अपना परिवार चलाएगा या जुर्माना भरेगा। ट्रक किसी छोटे वाहन से टकराता है तो गलती छोटे वाहन की होने के बावजूद भी बड़े वाहन पर दोष लगाया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इन कानूनों में संशोधन नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन को तेज करने पर मजबूर होना पड़ेगा। ट्रक चालक देश की रीढ़ की हड्डी है और यह टूट गई तो देश बिखर जाएगा।
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डीएसपी प्रियंक गुप्ता ने बताया कि जाम को पुलिस ने कुछ समय में ही खोल दिया था। इससे पहले पुलिस ने ट्रैफिक को बाईपास होकर सिक्का होटल की ओर डायवर्ट कर दिया था।
इनसेट
टेंपू यूनियन ने किया हड़ताल का समर्थन
बद्दी(सोलन)। टेंपू यूनियन बद्दी ने भी हड़ताल का समर्थन किया और केंद्र की ओर से जारी किए गए नए कानूनों का जम कर विरोध किया। मंगलवार को किसी भी टैंकर चालक ने कंपनियों का माल नहीं उठाया। टेंपू संचालक राजेश, जयराम, तरसेम लाल, जिया लाल के नेतृत्व में टेंपू चालकों ने सिक्का होटल के समीप जमकर नारेबाजी की और सरकार से इन काले कानून को वापस करने की मांग रखी। यूनियन के पदाधिकारी राजेश ने बताया कि उनकी यूनियन देश भर में चल रही चालकों की हड़ताल का समर्थन करती है। सरकार ने जो कानून चालकों पर थोपे हैं इससे चालकों को रोजी रोटी छिन जाएगी। एक समय ऐसा आएगा जब कोई भी व्यक्ति चालक बनने के तैयार नहीं होगा। उन्होंने इन कानूनों को समाप्त करने की मांग की है।
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कानून वापिस नहीं लिए तो आंदोलन को तेज करने की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। केंद्र सरकार की ओर से सड़क सुरक्षा में बनाए गए नए कानूनों के विरोध में बद्दी व नालागढ़ में ट्रक चालकों ने चक्का जाम किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बद्दी में ट्रक चालकों ने राष्ट्रीय मार्ग पर चक्का जाम किया, वहीं नालागढ़ ट्रक यूनियन ने भी मुख्य मार्ग पर जाम लगाया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थी। सूचना मिलते ही बद्दी में थाना प्रभारी राकेश राॅय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे के बाद जाम खुलवाया गया। इससे पहले पुलिस ने जाम को देखते हुए बाईपास से ट्रैफिक को भेजना शुरू कर दिया था। नालागढ़ में भी कुछ समय के बाद लोगों के समझाने पर चालकों ने जाम खोल दिया था।
बद्दी में सैकड़ों चालक 11:30 बजे मार्ग पर एकत्रित हुए और 12:00 बजे तक केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए कानूनों के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। चालकों का कहना है कि अगर हादसा होता है को चालक को घायल को अस्पताल पहुंचाना होगा। अगर भाग जाता है तो दस साल सजा व सात लाख रुपये की जुर्माना लगेगा। उन्होंने कहा कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता तब तक इसका विरोध किया जाएगा।
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चालक पवन कुमार व मोहम्मद रिहान ने कहा कि नए कानून के अनुसार अगर चालक से गलती होती है तो उसका खामियाजा उसके परिवार के लोग क्यों भुगते। अगर ऐसा होता है तो चालक को अपना काम छोडने पर मजबूर होना पड़ेगा। दुर्घटना होने पर चालक मौके पर रहता है तो भीड़ उसे पीट कर मार डालेगी। 10 साल की सजा व लाखों का जुर्माना चालक कहां से भरेगा। एक चालक को 5000 रुपये वेतन मिलता है। वह अपना परिवार चलाएगा या जुर्माना भरेगा। ट्रक किसी छोटे वाहन से टकराता है तो गलती छोटे वाहन की होने के बावजूद भी बड़े वाहन पर दोष लगाया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इन कानूनों में संशोधन नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन को तेज करने पर मजबूर होना पड़ेगा। ट्रक चालक देश की रीढ़ की हड्डी है और यह टूट गई तो देश बिखर जाएगा।
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डीएसपी प्रियंक गुप्ता ने बताया कि जाम को पुलिस ने कुछ समय में ही खोल दिया था। इससे पहले पुलिस ने ट्रैफिक को बाईपास होकर सिक्का होटल की ओर डायवर्ट कर दिया था।
इनसेट
टेंपू यूनियन ने किया हड़ताल का समर्थन
बद्दी(सोलन)। टेंपू यूनियन बद्दी ने भी हड़ताल का समर्थन किया और केंद्र की ओर से जारी किए गए नए कानूनों का जम कर विरोध किया। मंगलवार को किसी भी टैंकर चालक ने कंपनियों का माल नहीं उठाया। टेंपू संचालक राजेश, जयराम, तरसेम लाल, जिया लाल के नेतृत्व में टेंपू चालकों ने सिक्का होटल के समीप जमकर नारेबाजी की और सरकार से इन काले कानून को वापस करने की मांग रखी। यूनियन के पदाधिकारी राजेश ने बताया कि उनकी यूनियन देश भर में चल रही चालकों की हड़ताल का समर्थन करती है। सरकार ने जो कानून चालकों पर थोपे हैं इससे चालकों को रोजी रोटी छिन जाएगी। एक समय ऐसा आएगा जब कोई भी व्यक्ति चालक बनने के तैयार नहीं होगा। उन्होंने इन कानूनों को समाप्त करने की मांग की है।