{"_id":"68f775a7773272bb1c03ebfc","slug":"the-story-of-king-parikshits-salvation-solan-news-c-176-1-ssml1040-155478-2025-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: राजा परीक्षित के मोक्ष की सुनाई कथा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: राजा परीक्षित के मोक्ष की सुनाई कथा
विज्ञापन
बोहली में आयोजित भागवत कथा के दौरान मौजूद लोग। संवाद
कसौली के बोहली में श्रीमद्भागवत कथा संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कसौली विधानसभा क्षेत्र की बोहली पंचायत के बोहली गांव में श्रीमद्भागवत कथा का हवन और पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन आचार्य सौरभ शर्मा ने राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा सुनाई।
उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित को बचाने के लिए उनके पुत्र ने पूरे संसार से सपेरे बुला लिए और महल को चारों ओर से बंद कर दिया। जब श्रीमद्भागवत कथा का समापन हुआ तो पूर्णाहुति के बाद पंडित राजा परीक्षित को माला पहनाने लगे। इसी दौरान माला के फूलों के बीच तक्षक नाग छोटा सा कीड़ा बनकर छिपा हुआ था। जैसे ही राजा को माला पहनाई गई, तक्षक नाग उसमें से निकला और राजा को डंस लिया, जिससे क्षणभर में राजा की मृत्यु हो गई।
आचार्य ने कहा कि राजा परीक्षित ने भागवत कथा सुनी थी, जिसके फलस्वरूप मृत्यु के बाद उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। इसके अलावा उन्होंने कई छोटे-छोटे प्रेरक प्रसंग भी सुनाए।
विज्ञापन
बोहली निवासी अजय ठाकुर के घर में चल रही इस कथा के अंतिम दिन सैकड़ों श्रद्धालु आशीर्वाद लेने पहुंचे। कथा के समापन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जो दोपहर तीन बजे शुरू हुआ और देर रात तक चलता रहा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कसौली विधानसभा क्षेत्र की बोहली पंचायत के बोहली गांव में श्रीमद्भागवत कथा का हवन और पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन आचार्य सौरभ शर्मा ने राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा सुनाई।
उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित को बचाने के लिए उनके पुत्र ने पूरे संसार से सपेरे बुला लिए और महल को चारों ओर से बंद कर दिया। जब श्रीमद्भागवत कथा का समापन हुआ तो पूर्णाहुति के बाद पंडित राजा परीक्षित को माला पहनाने लगे। इसी दौरान माला के फूलों के बीच तक्षक नाग छोटा सा कीड़ा बनकर छिपा हुआ था। जैसे ही राजा को माला पहनाई गई, तक्षक नाग उसमें से निकला और राजा को डंस लिया, जिससे क्षणभर में राजा की मृत्यु हो गई।
विज्ञापन
आचार्य ने कहा कि राजा परीक्षित ने भागवत कथा सुनी थी, जिसके फलस्वरूप मृत्यु के बाद उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। इसके अलावा उन्होंने कई छोटे-छोटे प्रेरक प्रसंग भी सुनाए।
विज्ञापन
बोहली निवासी अजय ठाकुर के घर में चल रही इस कथा के अंतिम दिन सैकड़ों श्रद्धालु आशीर्वाद लेने पहुंचे। कथा के समापन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जो दोपहर तीन बजे शुरू हुआ और देर रात तक चलता रहा।