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Solan News: एचआरटीसी सोलन डिपो की पांच बसें होंगी कंडम, नीलामी जल्द
Thu, 10 Sep 2026 12:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 10 Sep 2026 12:28 AM IST
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15 साल की समयावधि पूरी होने पर फैसला, प्रभावित रूटों पर दूसरी बसें चलाएगा निगम
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) सोलन डिपो की पांच पुरानी बसें जल्द ही बेड़े से हटाई जाएंगी। 15 साल की समयावधि पूरी होने के कारण यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर निगम इन्हें हटाने की तैयारी कर रहा है। कंडम घोषित करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निगम इन बसों की नीलामी करेगा।
वर्तमान में सोलन डिपो के अंतर्गत आने वाले 108 छोटे-बड़े रूटों पर एचआरटीसी की कुल 126 बसें चल रही हैं, जिनमें 22 इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं। पांच बसों के कंडम होने के बाद डिपो के बेड़े में 121 बसें ही रह जाएंगी। ऐसे में कुछ ग्रामीण और स्थानीय रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
एचआरटीसी सोलन डिपो के अतिरिक्त क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि नियमानुसार 15 साल की अवधि पूरी कर चुकी बसों को बेड़े से हटाना अनिवार्य होता है। नीलामी के बाद अक्सर लोग इन बसों को निजी इस्तेमाल या निजी रूटों पर चलाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी बसें हटने से जिन रूटों पर सेवाएं प्रभावित होंगी, वहां निगम वैकल्पिक बसों की सेवाएं शुरू करेगा, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।
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सोलन। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) सोलन डिपो की पांच पुरानी बसें जल्द ही बेड़े से हटाई जाएंगी। 15 साल की समयावधि पूरी होने के कारण यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर निगम इन्हें हटाने की तैयारी कर रहा है। कंडम घोषित करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निगम इन बसों की नीलामी करेगा।
वर्तमान में सोलन डिपो के अंतर्गत आने वाले 108 छोटे-बड़े रूटों पर एचआरटीसी की कुल 126 बसें चल रही हैं, जिनमें 22 इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं। पांच बसों के कंडम होने के बाद डिपो के बेड़े में 121 बसें ही रह जाएंगी। ऐसे में कुछ ग्रामीण और स्थानीय रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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एचआरटीसी सोलन डिपो के अतिरिक्त क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि नियमानुसार 15 साल की अवधि पूरी कर चुकी बसों को बेड़े से हटाना अनिवार्य होता है। नीलामी के बाद अक्सर लोग इन बसों को निजी इस्तेमाल या निजी रूटों पर चलाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी बसें हटने से जिन रूटों पर सेवाएं प्रभावित होंगी, वहां निगम वैकल्पिक बसों की सेवाएं शुरू करेगा, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।
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