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Solan News: घर-घर जाकर बलगम के सैंपल लेने की प्रकिया को किया जाएगा तेज
Tue, 03 Nov 2026 02:06 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Tue, 03 Nov 2026 02:06 AM IST
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सीएमओ कार्यालय सोलन में आयोजित टीबी बैठक के दौरान मौजूद अधिकारी व अन्य। संवाद
सीएमओ कार्यालय में आयोजित हुई टीबी की मासिक बैठक
जिले में टीपीटी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के दिए गए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में क्षय रोग (टीबी) की शुरुआती पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर बलगम के सैंपल लेने की प्रक्रिया तेज करेगा। इसके लिए सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सोमवार को जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सोलन में टीबी को लेकर मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सामने आया कि जिले में टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले कई परिजन टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) लेने से इनकार कर रहे हैं। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने कहा कि लोगों को टीपीटी के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। इसके लिए टीबी अभियान के तहत घर-घर जाकर लोगों को इसके महत्व की जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी टीबी मरीज की मृत्यु होती है तो संबंधित क्षेत्र के अस्पताल के डॉक्टरों को इसके कारणों की जानकारी लेकर अगली टीबी समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करनी होगी। इससे अधिकारियों को मृत्यु के कारणों का पता चल सकेगा और अन्य मरीजों के उपचार पर विशेष ध्यान देने में मदद मिलेगी।
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डॉ. पाठक ने कहा कि टीबी मरीजों की बीमारी गंभीर होने से पहले ही उनकी पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. योगेश, सभी खंड चिकित्सा अधिकारी और अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।
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जिले में टीपीटी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के दिए गए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में क्षय रोग (टीबी) की शुरुआती पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर बलगम के सैंपल लेने की प्रक्रिया तेज करेगा। इसके लिए सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सोमवार को जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सोलन में टीबी को लेकर मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सामने आया कि जिले में टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले कई परिजन टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) लेने से इनकार कर रहे हैं। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने कहा कि लोगों को टीपीटी के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। इसके लिए टीबी अभियान के तहत घर-घर जाकर लोगों को इसके महत्व की जानकारी दी जाएगी।
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उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी टीबी मरीज की मृत्यु होती है तो संबंधित क्षेत्र के अस्पताल के डॉक्टरों को इसके कारणों की जानकारी लेकर अगली टीबी समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करनी होगी। इससे अधिकारियों को मृत्यु के कारणों का पता चल सकेगा और अन्य मरीजों के उपचार पर विशेष ध्यान देने में मदद मिलेगी।
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डॉ. पाठक ने कहा कि टीबी मरीजों की बीमारी गंभीर होने से पहले ही उनकी पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. योगेश, सभी खंड चिकित्सा अधिकारी और अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।