{"_id":"6973be76ee873ed36f034b8f","slug":"the-mayors-name-is-missing-from-the-corporations-family-register-raising-questions-about-the-survey-solan-news-c-176-1-ssml1042-161931-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: निगम के परिवार रजिस्टर से महापौर का\nही नाम गायब, सर्वे पर खड़े हुए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: निगम के परिवार रजिस्टर से महापौर का ही नाम गायब, सर्वे पर खड़े हुए सवाल
विज्ञापन
लोक मित्र की टीम ने किया था सर्वे, जांच में सामने आई कई खामियां
अभी भी कई नाम छूटे, शिमला की टीम आने के बाद भी पूरा नहीं हुआ है सर्वे
28 जून 2024 में सर्वे के दौरान परिवार रजिस्टर के लिए भरा था फॉर्म
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नगर निगम के परिवार रजिस्टर से ही शहर की प्रथम नागरिक व महापौर ऊषा शर्मा का नाम ही परिवार रजिस्टर से गायब कर दिया। लोक मित्र केंद्र की ओर से किए गए परिवार रजिस्टर के सर्वे से सवाल खड़े हो गए हैं। हैरत की बात तो यह है कि फॉर्म भरने के बाद भी महापौर का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज नहीं हुआ है। हालांकि, महापौर ने 28 जून 2024 में सर्वे के दौरान परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करवाने के लिए फॉर्म भरा था, लेकिन टीम की सबसे बड़ी चूक सामने आई है। वहीं, जांच में अभी ओर खामियां भी सामने आ रही है। अभी भी कई नाम परिवार रजिस्टर से छूट गए हैं। परिवार रजिस्टर में महापौर का नाम न होने के बाद नगर निगम ने लोगों से फिर लोक मित्र केंद्र में जाकर नाम दर्ज करवाने का आग्रह किया है। वहीं, नगर निगम के आला अधिकारियों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं जिन्होंने परिवार रजिस्टर की जांच की है। टीम ने 17 हजार परिवारों का डाटा एकत्र किया था। बता दें कि नगर निगम की ओर से पहले लोक मित्र केंद्र की ओर से परिवार रजिस्टर का सर्वे करवाया था। इस दौरान टीम ने घरद्वार पर जाकर सर्वे किया था, लेकिन यह सर्वे मात्र खाना पूर्ति साबित हुआ है। इस सर्वे के दौरान लोक मित्र केंद्र की टीम ने नगर निगम को तर्क दिया था कि लोग फ्रॉड होने के डर से नाम नहीं दे रहे हैं। इसके बाद शिमला से आई टीम ने शहर में परिवार रजिस्टर के लिए सर्वे किया। दूसरे सर्वे में भी कई नाम छूट गए हैं। अब लोगों के परिवार रजिस्टर में नाम न होने से काफी दिक्कतें भी आ रही है। कागजात तक नहीं मिल पा रहे हैं।
कोट
परिवार रजिस्टर के सर्वे के दौरान फॉर्म भरकर लोक मित्र केंद्र की टीम ले गई थी। अब जांच के दौरान पता चला कि रजिस्टर में नाम ही नहीं हैं। टीम से जवाब मांगा गया है।
-ऊषा शर्मा, महापौर, नगर निगम सोलन।
विज्ञापन
अभी भी कई नाम छूटे, शिमला की टीम आने के बाद भी पूरा नहीं हुआ है सर्वे
28 जून 2024 में सर्वे के दौरान परिवार रजिस्टर के लिए भरा था फॉर्म
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नगर निगम के परिवार रजिस्टर से ही शहर की प्रथम नागरिक व महापौर ऊषा शर्मा का नाम ही परिवार रजिस्टर से गायब कर दिया। लोक मित्र केंद्र की ओर से किए गए परिवार रजिस्टर के सर्वे से सवाल खड़े हो गए हैं। हैरत की बात तो यह है कि फॉर्म भरने के बाद भी महापौर का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज नहीं हुआ है। हालांकि, महापौर ने 28 जून 2024 में सर्वे के दौरान परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करवाने के लिए फॉर्म भरा था, लेकिन टीम की सबसे बड़ी चूक सामने आई है। वहीं, जांच में अभी ओर खामियां भी सामने आ रही है। अभी भी कई नाम परिवार रजिस्टर से छूट गए हैं। परिवार रजिस्टर में महापौर का नाम न होने के बाद नगर निगम ने लोगों से फिर लोक मित्र केंद्र में जाकर नाम दर्ज करवाने का आग्रह किया है। वहीं, नगर निगम के आला अधिकारियों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं जिन्होंने परिवार रजिस्टर की जांच की है। टीम ने 17 हजार परिवारों का डाटा एकत्र किया था। बता दें कि नगर निगम की ओर से पहले लोक मित्र केंद्र की ओर से परिवार रजिस्टर का सर्वे करवाया था। इस दौरान टीम ने घरद्वार पर जाकर सर्वे किया था, लेकिन यह सर्वे मात्र खाना पूर्ति साबित हुआ है। इस सर्वे के दौरान लोक मित्र केंद्र की टीम ने नगर निगम को तर्क दिया था कि लोग फ्रॉड होने के डर से नाम नहीं दे रहे हैं। इसके बाद शिमला से आई टीम ने शहर में परिवार रजिस्टर के लिए सर्वे किया। दूसरे सर्वे में भी कई नाम छूट गए हैं। अब लोगों के परिवार रजिस्टर में नाम न होने से काफी दिक्कतें भी आ रही है। कागजात तक नहीं मिल पा रहे हैं।
कोट
परिवार रजिस्टर के सर्वे के दौरान फॉर्म भरकर लोक मित्र केंद्र की टीम ले गई थी। अब जांच के दौरान पता चला कि रजिस्टर में नाम ही नहीं हैं। टीम से जवाब मांगा गया है।
विज्ञापन
-ऊषा शर्मा, महापौर, नगर निगम सोलन।