{"_id":"682342abccb772ef2d0c4b99","slug":"the-fairs-will-begin-with-baniya-ri-jatra-in-arki-solan-news-c-176-1-ssml1040-143782-2025-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: अर्की में बनिया री जात्रा से शुरू होगी मेलों की शुरुआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: अर्की में बनिया री जात्रा से शुरू होगी मेलों की शुरुआत
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
अर्की (सोलन)। उपमंडल अर्की में होने वाले मेलों की शुरुआत माता बनिया देवी में बनिया री जात्रा से हो जाएगी। इस दौरान क्षेत्र में छोटे-बड़े मेलों के साथ प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक बाड़िया री जात्रा, दानोघाट जात्रा के अलावा शालाघाट, घनागुघाट, दाड़लाघाट, दाउटी, बसंतपुर, बखालग, सहित अर्की में छोटे-बड़े दंगलों का भी आयोजन एक माह तक चलेगा।इसके बाद 15 जून को उपमंडल में लगने वाले यह मेले माता श्री बनिया देवी में आयोजित मेला मां मंगलो री जात्रा के साथ संपन्न हो जाएंगे। बनिया देवी का मेला 14 मई को बनिया देवी मंदिर प्रांगण में होगा। मेला कमेटी के प्रधान पूर्णचंद शर्मा और महावीर दंगल समिति के प्रधान राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि 13 मई को मेले का शुभारंभ भजन संध्या से हुआ। बता दें श्री बनिया देवी में मां वन दुर्गा का ऐतिहासिक मंदिर है। यह बाघल के राज परिवार के साथ क्षेत्र के हजारों लोगों की कुल देवी हैं। बताया जाता है कि संक्रांति को अपने परिवार समेत मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने बनिया देवी आते थे और राज परिवार व जनता की सुख-समृद्धि की कामना करते थे। उस समय से यहां हर वर्ष ज्येष्ठ माह की संक्रांति को यह मेला लगता है।
विज्ञापन
अर्की (सोलन)। उपमंडल अर्की में होने वाले मेलों की शुरुआत माता बनिया देवी में बनिया री जात्रा से हो जाएगी। इस दौरान क्षेत्र में छोटे-बड़े मेलों के साथ प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक बाड़िया री जात्रा, दानोघाट जात्रा के अलावा शालाघाट, घनागुघाट, दाड़लाघाट, दाउटी, बसंतपुर, बखालग, सहित अर्की में छोटे-बड़े दंगलों का भी आयोजन एक माह तक चलेगा।इसके बाद 15 जून को उपमंडल में लगने वाले यह मेले माता श्री बनिया देवी में आयोजित मेला मां मंगलो री जात्रा के साथ संपन्न हो जाएंगे। बनिया देवी का मेला 14 मई को बनिया देवी मंदिर प्रांगण में होगा। मेला कमेटी के प्रधान पूर्णचंद शर्मा और महावीर दंगल समिति के प्रधान राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि 13 मई को मेले का शुभारंभ भजन संध्या से हुआ। बता दें श्री बनिया देवी में मां वन दुर्गा का ऐतिहासिक मंदिर है। यह बाघल के राज परिवार के साथ क्षेत्र के हजारों लोगों की कुल देवी हैं। बताया जाता है कि संक्रांति को अपने परिवार समेत मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने बनिया देवी आते थे और राज परिवार व जनता की सुख-समृद्धि की कामना करते थे। उस समय से यहां हर वर्ष ज्येष्ठ माह की संक्रांति को यह मेला लगता है।