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Solan News: नगर निगम सोलन में भाजपा व कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की साख दाव पर
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सोलन में भाजपा के बागियों को मनाने के लिए डॉ. बिंदल कर रहे बैठक
स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल भी कांग्रेस के बागियों से निपटने को बना रहे प्लान
भाजपा के 13 और कांग्रेस के 3 बागियों ने निर्दलीय भरा है नामांकन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नगर निगम सोलन के चुनावी रण में इस बार प्रदेश के दो दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। एक तरफ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल कांग्रेस का मोर्चा संभाले हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने खुद कमान संभाल ली है। दोनों नेताओं के बीच यह मुकाबला अब सीधे टकराव में बदल चुका है। दोनों ही पार्टियों के लिए इस समय सबसे बड़ी सिरदर्दी उनके अपने बागी बने हुए हैं। टिकट वितरण से नाराज कई नेताओं ने निर्दलीय ताल ठोक दी है, जिससे चुनावी समीकरण बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसमें भाजपा के 13 और कांग्रेस के 3 बागियों ने निर्दलीय नामांकन भरा है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल खुद सोलन में डटे हुए हैं। वे लगातार बैठकों का दौर चला रहे हैं और रूठे हुए कार्यकर्ताओं व बागियों को मनाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। बिंदल का पूरा ध्यान कुनबे को एकजुट रखने पर है ताकि वोटों का बिखराव न हो। दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल कांग्रेस के बागियों से निपटने के लिए डैमेज कंट्रोल प्लान पर काम कर रहे हैं। मंत्री शांडिल स्थानीय नेताओं के साथ रणनीति बना रहे हैं कि कैसे बागियों को बिठाया जाए और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकी जाए। हालांकि डॉ. शांडिल इससे पहले भी नगर निगम में कांग्रेस को जीत दिलाने में सफल रहे थे। यह चुनाव केवल नगर निगम की सत्ता का नहीं, बल्कि इन दोनों कद्दावर नेताओं के राजनीतिक वर्चस्व का भी पैमाना माना जा रहा है। डॉ. शांडिल के लिए अपने गृह क्षेत्र में पकड़ बनाए रखना अनिवार्य है। डॉ. बिंदल के लिए प्रदेशाध्यक्ष के तौर पर सोलन में भाजपा की जीत सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है। दोनों ही खेमे इस समय प्लान-बी पर भी काम कर रहे हैं ताकि चुनाव के अंतिम समय में बाजी पलटी जा सके। अब देखना यह होगा कि सोलन की जनता किस दिग्गज के दावों पर मुहर लगाती है।
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स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल भी कांग्रेस के बागियों से निपटने को बना रहे प्लान
भाजपा के 13 और कांग्रेस के 3 बागियों ने निर्दलीय भरा है नामांकन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नगर निगम सोलन के चुनावी रण में इस बार प्रदेश के दो दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। एक तरफ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल कांग्रेस का मोर्चा संभाले हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने खुद कमान संभाल ली है। दोनों नेताओं के बीच यह मुकाबला अब सीधे टकराव में बदल चुका है। दोनों ही पार्टियों के लिए इस समय सबसे बड़ी सिरदर्दी उनके अपने बागी बने हुए हैं। टिकट वितरण से नाराज कई नेताओं ने निर्दलीय ताल ठोक दी है, जिससे चुनावी समीकरण बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसमें भाजपा के 13 और कांग्रेस के 3 बागियों ने निर्दलीय नामांकन भरा है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल खुद सोलन में डटे हुए हैं। वे लगातार बैठकों का दौर चला रहे हैं और रूठे हुए कार्यकर्ताओं व बागियों को मनाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। बिंदल का पूरा ध्यान कुनबे को एकजुट रखने पर है ताकि वोटों का बिखराव न हो। दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल कांग्रेस के बागियों से निपटने के लिए डैमेज कंट्रोल प्लान पर काम कर रहे हैं। मंत्री शांडिल स्थानीय नेताओं के साथ रणनीति बना रहे हैं कि कैसे बागियों को बिठाया जाए और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकी जाए। हालांकि डॉ. शांडिल इससे पहले भी नगर निगम में कांग्रेस को जीत दिलाने में सफल रहे थे। यह चुनाव केवल नगर निगम की सत्ता का नहीं, बल्कि इन दोनों कद्दावर नेताओं के राजनीतिक वर्चस्व का भी पैमाना माना जा रहा है। डॉ. शांडिल के लिए अपने गृह क्षेत्र में पकड़ बनाए रखना अनिवार्य है। डॉ. बिंदल के लिए प्रदेशाध्यक्ष के तौर पर सोलन में भाजपा की जीत सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है। दोनों ही खेमे इस समय प्लान-बी पर भी काम कर रहे हैं ताकि चुनाव के अंतिम समय में बाजी पलटी जा सके। अब देखना यह होगा कि सोलन की जनता किस दिग्गज के दावों पर मुहर लगाती है।