{"_id":"62c7236381d82c3ca23c7eb2","slug":"sub-divisions-solan-kunihar-and-kasauli-in-solan-district-facing-urea-fertilizer-crisis-solan-news-sml414446210","type":"story","status":"publish","title_hn":"टमाटर, शिमला मिर्च समेत अन्य फसलों को नहीं मिल रही यूरिया खाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टमाटर, शिमला मिर्च समेत अन्य फसलों को नहीं मिल रही यूरिया खाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/कुनिहार। जिला मुख्यालय समेत अन्य उपमंडलों में यूरिया खाद का संकट पैदा हो गया है। हिमफेड के पास भी खाद की उचित सप्लाई नहीं आ रही है। जिले में एक हजार बोरियों की आवश्यकता पर सिर्फ 200 से 300 बोरी खाद ही मिल रही है।
किसान रोजाना खाद डिपुओं के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं लेकिन खाद नहीं मिल रही है। हालांकि अन्य सभी खाद हिम फेड के पास है।
जानकारी के अनुसार मानसून की बारिश के बीच टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी समेत अन्य फसलों के लिए यूरिया खाद अति आवश्यक होती है। हालांकि इस बार अधिकतर किसानों को उचित खाद न मिलने से फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है।
किसानों की मानें तो खाद न मिलने से उनकी टमाटर, शिमला मिर्च समेत अन्य फसल खराब होने लगी है। जिले में खुले अधिकतर खाद वितरण केंद्रों में खाद नहीं मिल रही है। कुछ केंद्रों में खाद का वितरण किया जा रहा है जबकि वहां किसानों के मन मुताबिक खाद नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
कुनिहार सहित कई पंचायतों में मक्की की गुड़ाई के बाद किसानों ने अपनी फसल की अच्छी पैदावार के लिए यूरिया खाद अपने खेतों में डालनी थी लेकिन हिमफेड स्टोर में खाद नहीं पहुंचने से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कुनिहार के किसान कृष्ण लाल, देवी राम, अनिल कुमार, सुनील कुमार, पवन कुमार, नेक राम, बाबू राम आदि का कहना है कि मक्की, टमाटर समेत अन्य नकदी फसलों की गुड़ाई के बाद खाद की आवश्यकता है। कुनिहार हिमफेड डिपो पर पिछले एक डेढ़ महीने से खाद यूरिया की सप्लाई न आने से निराश होना पड़ रहा है।
उधर, कुनिहार हिम फेड डिपू के स्टोर इंचार्ज सिद्धार्थ ठाकुर ने बताया कि पिछले कई दिनों से खाद की सप्लाई नहीं आ रही है जिस कारण किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। खाद की मांग भेजी गई है, जैसे ही खाद हिमफेड के स्टोर कुनिहार पहुंचती है, किसानों को खाद यूरिया दे दी जाएगी।
वहीं हिमफैड क्षेत्रीय प्रबंधक जिला सोलन हरीश शर्मा ने बताया कि यूरिया खाद की कमी को लेकर आला अधिकारियों ने दो दिनों में एनएफएल से खाद की पूर्ति करने का आश्वासन दिया है। जैसे ही उनके पास सप्लाई पहुंचेगी, जिले के सभी क्षेत्रों को खाद दी जाएगी। वर्तमान में मांग से 70 फीसदी कम सप्लाई मिल रही है।
विज्ञापन
सोलन/कुनिहार। जिला मुख्यालय समेत अन्य उपमंडलों में यूरिया खाद का संकट पैदा हो गया है। हिमफेड के पास भी खाद की उचित सप्लाई नहीं आ रही है। जिले में एक हजार बोरियों की आवश्यकता पर सिर्फ 200 से 300 बोरी खाद ही मिल रही है।
किसान रोजाना खाद डिपुओं के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं लेकिन खाद नहीं मिल रही है। हालांकि अन्य सभी खाद हिम फेड के पास है।
जानकारी के अनुसार मानसून की बारिश के बीच टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी समेत अन्य फसलों के लिए यूरिया खाद अति आवश्यक होती है। हालांकि इस बार अधिकतर किसानों को उचित खाद न मिलने से फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है।
विज्ञापन
किसानों की मानें तो खाद न मिलने से उनकी टमाटर, शिमला मिर्च समेत अन्य फसल खराब होने लगी है। जिले में खुले अधिकतर खाद वितरण केंद्रों में खाद नहीं मिल रही है। कुछ केंद्रों में खाद का वितरण किया जा रहा है जबकि वहां किसानों के मन मुताबिक खाद नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
कुनिहार सहित कई पंचायतों में मक्की की गुड़ाई के बाद किसानों ने अपनी फसल की अच्छी पैदावार के लिए यूरिया खाद अपने खेतों में डालनी थी लेकिन हिमफेड स्टोर में खाद नहीं पहुंचने से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कुनिहार के किसान कृष्ण लाल, देवी राम, अनिल कुमार, सुनील कुमार, पवन कुमार, नेक राम, बाबू राम आदि का कहना है कि मक्की, टमाटर समेत अन्य नकदी फसलों की गुड़ाई के बाद खाद की आवश्यकता है। कुनिहार हिमफेड डिपो पर पिछले एक डेढ़ महीने से खाद यूरिया की सप्लाई न आने से निराश होना पड़ रहा है।
उधर, कुनिहार हिम फेड डिपू के स्टोर इंचार्ज सिद्धार्थ ठाकुर ने बताया कि पिछले कई दिनों से खाद की सप्लाई नहीं आ रही है जिस कारण किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। खाद की मांग भेजी गई है, जैसे ही खाद हिमफेड के स्टोर कुनिहार पहुंचती है, किसानों को खाद यूरिया दे दी जाएगी।
वहीं हिमफैड क्षेत्रीय प्रबंधक जिला सोलन हरीश शर्मा ने बताया कि यूरिया खाद की कमी को लेकर आला अधिकारियों ने दो दिनों में एनएफएल से खाद की पूर्ति करने का आश्वासन दिया है। जैसे ही उनके पास सप्लाई पहुंचेगी, जिले के सभी क्षेत्रों को खाद दी जाएगी। वर्तमान में मांग से 70 फीसदी कम सप्लाई मिल रही है।