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Solan News: प्रदेश भाजपा नेताओं ने गुल्लरवाला गुरुद्वारा में टेका मात्था
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गुरुनानक देव के प्रकाश उत्सव की प्रदेश वासियों की दी बधाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। भाजपा प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और संगठन महामंत्री सिद्धार्थन ने गुल्लरवाला गुरुद्वारा में गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व पर शीश नवाया। इस अवसर पर सभी नेताओं ने प्रदेशवासियों को गुरु पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी ने मानवता, समानता और सेवा का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि ईश्वर एक है और सभी स्त्री-पुरुष समान हैं। गुरु नानक देव ने अंधविश्वास और पाखंड का विरोध करते हुए धर्म को नई दिशा दी।
उन्होंने सिख धर्म में निस्वार्थ सेवा को सर्वोच्च बताया। इसके परिणामस्वरूप लंगर की परंपरा शुरू हुई जो आज भी सिख समाज की पहचान है। भोजन शरीर को जीवित रखने के लिए आवश्यक है, परंतु इसके लिए लोभ और संग्रह नहीं करना चाहिए यह संदेश उन्होंने मानवता को दिया।
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गुरु नानक देव का जन्म वर्तमान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रावी नदी के किनारे स्थित तलवंडी गांव (अब ननकाना साहिब) में हुआ था। वहां आज भी ऐतिहासिक गुरुद्वारा है, जहां हर वर्ष भारत सहित दुनियाभर से श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा को गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। इस बार 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। भाजपा प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और संगठन महामंत्री सिद्धार्थन ने गुल्लरवाला गुरुद्वारा में गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व पर शीश नवाया। इस अवसर पर सभी नेताओं ने प्रदेशवासियों को गुरु पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी ने मानवता, समानता और सेवा का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि ईश्वर एक है और सभी स्त्री-पुरुष समान हैं। गुरु नानक देव ने अंधविश्वास और पाखंड का विरोध करते हुए धर्म को नई दिशा दी।
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उन्होंने सिख धर्म में निस्वार्थ सेवा को सर्वोच्च बताया। इसके परिणामस्वरूप लंगर की परंपरा शुरू हुई जो आज भी सिख समाज की पहचान है। भोजन शरीर को जीवित रखने के लिए आवश्यक है, परंतु इसके लिए लोभ और संग्रह नहीं करना चाहिए यह संदेश उन्होंने मानवता को दिया।
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गुरु नानक देव का जन्म वर्तमान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रावी नदी के किनारे स्थित तलवंडी गांव (अब ननकाना साहिब) में हुआ था। वहां आज भी ऐतिहासिक गुरुद्वारा है, जहां हर वर्ष भारत सहित दुनियाभर से श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा को गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। इस बार 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।