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महिलाओं को गलत नीयत से घूरने पर होगी जेल
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सोलन के गुग्गाघाट स्कूल में अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं मुख्यतिथि व अध्याप?
- फोटो : SOLAN
सोलन। किसी भी महिला या छात्रा को बदनीयत से 14 सेकेंड तक घूरने के अपराध में जेल हो सकती है। भारतीय दंड संहिता की धारा 509 के तहत यह दंडनीय अपराध है। सोलन महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीत वर्मा ने सोमवार को रामापा गुगाघाट में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में यह जानकारी दी।
कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचीं इंस्पेक्टर सुनीता वर्मा ने छात्राओं को पोक्सो एक्ट, घरेलू हिंसा अज्ञैर ह्यूमन ट्रैफिकिंग एक्ट की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय कानून में महिलाओं को कई तरह के अधिकार दिए गए हैं जिनके प्रति हर महिला को जागरूक होना आवश्यक है लेकिन इन अधिकारों का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
इस कार्यक्रम में छात्राओं ने मुख्यातिथि से कई सवाल किए जिनके मंच से जवाब दिए। इस मौके पर प्रधानाचार्या मीना वर्मा, प्रवक्ता लेखराज शर्मा, संदीप शर्मा, संदीप ठाकुर, रजनी, हिमाचली ठाकुर आदि मौजूद रहे।
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इन छात्राओं ने पूछे सवाल
जेल होने के बाद क्यों होती है बेल : भूमिका
नौवीं छात्रा भूमिका शर्मा ने सवाल किया कि आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद उसे बेल क्यों मिल जाती है। इंस्पेक्टर सुनीता वर्मा ने बताया कि आरोपी या अपराधी को भी कानून अपना पक्ष रखने का अधिकार देता है। यह एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके तहत आरोपियों को जमानत मिलती है।
केमिस्ट दवा न दे तो क्या करें : ईशिता
नौवीं की छात्रा ईशिता कश्यप ने पूछा कि अगर कोई केमिस्ट या दुकानदार ग्राहक को आवश्यक सामान देने से इंकार करे तो उस पर क्या कार्रवाई बनती है। महिला थाना एसएचओ ने कहा कि दवा के मामले में डॉक्टर की पर्ची आवश्यक है। उसके बावजूद कोताही पर संबंधित विभाग को शिकायत की जा सकती है।
आत्मरक्षा में हमलावर की मौत हो जाए तो क्या करें : मुस्कान
दसवीं की छात्रा मुस्कान ने सवाल किया कि अगर कोई आरोपी किसी पर हमला करता है और आत्मरक्षा में आरोपी की जान चली जाती है तो कानून क्या कहता है। मुख्यातिथि ने बताया कि पुलिस मामले को क्रॉस एग्जामिन करती है। देखा जाता है कि पीड़ित ने किन परिस्थितियों में आरोपी को मारा है।
दुष्कर्म के आरोपी को सजा मिलने में देरी क्यों : महक
बारहवीं की छात्रा महक ने पूछा कि दुष्कर्म के मामलों में आरोपी को सजा बहुत देरी से होती है, ऐसा क्यों। मुख्यातिथि ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया में कई बार समय लग जाता है। हालांकि अब सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट चला रही है जिनमें तेजी से ऐसे मामलों में सजा तय की जाती है।
पुलिस में महिला चालक क्यों नहीं : एकता
कार्यक्रम में मौजूद बीएड की प्रशिक्षु छात्रा एकता ने पूछा कि पुलिस में महिला चालकों की भर्ती क्यों नहीं होती। इस पर इंस्पेक्टर सुनीता वर्मा ने जवाब दिया कि यह राज्य सरकार की नीति पर निर्भर है। हालांकि कई थानों में महिलाएं भी सरकारी वाहन चलाती हैं।
शिविर से छात्राओं को मिली अहम जानकारी : मीना वर्मा
स्कूल प्रधानाचार्या मीना वर्मा ने कहा कि इस शिविर से छात्राओं को उनके जीवन के लिए अहम जानकारी मिली जिसका उन्हें आगे चलकर लाभ होगा। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि किसी भी तरह के अपराध के मामले में अपनी चुप्पी तोड़ें और उसके खिलाफ शिकायत करें। उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन और महिला थाना प्रभारी का आभार जताया।
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कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचीं इंस्पेक्टर सुनीता वर्मा ने छात्राओं को पोक्सो एक्ट, घरेलू हिंसा अज्ञैर ह्यूमन ट्रैफिकिंग एक्ट की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय कानून में महिलाओं को कई तरह के अधिकार दिए गए हैं जिनके प्रति हर महिला को जागरूक होना आवश्यक है लेकिन इन अधिकारों का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
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इस कार्यक्रम में छात्राओं ने मुख्यातिथि से कई सवाल किए जिनके मंच से जवाब दिए। इस मौके पर प्रधानाचार्या मीना वर्मा, प्रवक्ता लेखराज शर्मा, संदीप शर्मा, संदीप ठाकुर, रजनी, हिमाचली ठाकुर आदि मौजूद रहे।
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इन छात्राओं ने पूछे सवाल
जेल होने के बाद क्यों होती है बेल : भूमिका
नौवीं छात्रा भूमिका शर्मा ने सवाल किया कि आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद उसे बेल क्यों मिल जाती है। इंस्पेक्टर सुनीता वर्मा ने बताया कि आरोपी या अपराधी को भी कानून अपना पक्ष रखने का अधिकार देता है। यह एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके तहत आरोपियों को जमानत मिलती है।
केमिस्ट दवा न दे तो क्या करें : ईशिता
नौवीं की छात्रा ईशिता कश्यप ने पूछा कि अगर कोई केमिस्ट या दुकानदार ग्राहक को आवश्यक सामान देने से इंकार करे तो उस पर क्या कार्रवाई बनती है। महिला थाना एसएचओ ने कहा कि दवा के मामले में डॉक्टर की पर्ची आवश्यक है। उसके बावजूद कोताही पर संबंधित विभाग को शिकायत की जा सकती है।
आत्मरक्षा में हमलावर की मौत हो जाए तो क्या करें : मुस्कान
दसवीं की छात्रा मुस्कान ने सवाल किया कि अगर कोई आरोपी किसी पर हमला करता है और आत्मरक्षा में आरोपी की जान चली जाती है तो कानून क्या कहता है। मुख्यातिथि ने बताया कि पुलिस मामले को क्रॉस एग्जामिन करती है। देखा जाता है कि पीड़ित ने किन परिस्थितियों में आरोपी को मारा है।
दुष्कर्म के आरोपी को सजा मिलने में देरी क्यों : महक
बारहवीं की छात्रा महक ने पूछा कि दुष्कर्म के मामलों में आरोपी को सजा बहुत देरी से होती है, ऐसा क्यों। मुख्यातिथि ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया में कई बार समय लग जाता है। हालांकि अब सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट चला रही है जिनमें तेजी से ऐसे मामलों में सजा तय की जाती है।
पुलिस में महिला चालक क्यों नहीं : एकता
कार्यक्रम में मौजूद बीएड की प्रशिक्षु छात्रा एकता ने पूछा कि पुलिस में महिला चालकों की भर्ती क्यों नहीं होती। इस पर इंस्पेक्टर सुनीता वर्मा ने जवाब दिया कि यह राज्य सरकार की नीति पर निर्भर है। हालांकि कई थानों में महिलाएं भी सरकारी वाहन चलाती हैं।
शिविर से छात्राओं को मिली अहम जानकारी : मीना वर्मा
स्कूल प्रधानाचार्या मीना वर्मा ने कहा कि इस शिविर से छात्राओं को उनके जीवन के लिए अहम जानकारी मिली जिसका उन्हें आगे चलकर लाभ होगा। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि किसी भी तरह के अपराध के मामले में अपनी चुप्पी तोड़ें और उसके खिलाफ शिकायत करें। उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन और महिला थाना प्रभारी का आभार जताया।

सोलन के गुग्गाघाट स्कूल में अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं व अध्यापिकाएं। संव?- फोटो : SOLAN