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Solan News: शिवाजी ने की थी छापामार युद्ध की नई शैली विकसित
Mon, 19 Feb 2024 11:24 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 19 Feb 2024 11:24 PM IST
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बद्दी के अमरावती में छत्रपति शिवाजी जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में दीप प्रज्वलित करते अष्ट व
अमरावती में मनाया छत्रपति शिवाजी का जन्मोत्सव
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। अष्ट विनायक मित्र मंडल बद्दी की ओर से अमरावती काॅलोनी में मराठा साम्राज्य के पहले छत्रपति शिवाजी का जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। महाराष्ट्र के सैकड़ों परिवार लंबे समय से बीबीएन में रह रहे हैं। मित्र मंडल के प्रधान दिनेश पाटिल, मनीष पाटिल, नितिन पाटिल ने बताया कि शिवाजी महाराज का जन्म महाराष्ट्र के शिवनेरी दुर्ग में 19 फरवरी 1630 पिता शहाजी राजे और माता जीजाबाई के घर पर हुआ था। उन्होंने अपनी अनुशासित सेना एवं सुसंगठित प्रशासनिक इकाइयों की सहायता से एक योग्य एवं प्रगतिशील प्रशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने छापामार युद्ध की नई शैली (शिवसूत्र) विकसित की। बाल गंगाधर तिलक ने राष्ट्रीयता की भावना के विकास के लिए शिवाजी का जन्मोत्सव की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का जन्मोत्सव मनाने का उद्देश्य उनके विचारों को आने वाली पीढ़ियों को अवगत करवाना व उनके द्वारा बताए गए धर्म के मार्ग पर चलकर सभी प्राणियों के प्रति धर्म, न्याय और समानता का भाव विकसित करना प्रमुख रहता है। उन्होंने कहा कि सभी मराठा निवासी एकत्रित होकर यह कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
इस अवसर पर जयवंत कोलेकर, महेश माली, शिक्षकांत मोरे, शंकर बच्छाव, प्रदीप सिंह प्रदेसी, संदपी सोनवणे, कमलेश बंसल, राम सिंह, मंजिरी माली, वैशाली पाटिल, अरूणा कोलेकर, शीतल पाटिल स्वाती, शीतल मोरे, पूनम पाटिल, रूपाली परदेसी आदि अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। अष्ट विनायक मित्र मंडल बद्दी की ओर से अमरावती काॅलोनी में मराठा साम्राज्य के पहले छत्रपति शिवाजी का जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। महाराष्ट्र के सैकड़ों परिवार लंबे समय से बीबीएन में रह रहे हैं। मित्र मंडल के प्रधान दिनेश पाटिल, मनीष पाटिल, नितिन पाटिल ने बताया कि शिवाजी महाराज का जन्म महाराष्ट्र के शिवनेरी दुर्ग में 19 फरवरी 1630 पिता शहाजी राजे और माता जीजाबाई के घर पर हुआ था। उन्होंने अपनी अनुशासित सेना एवं सुसंगठित प्रशासनिक इकाइयों की सहायता से एक योग्य एवं प्रगतिशील प्रशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने छापामार युद्ध की नई शैली (शिवसूत्र) विकसित की। बाल गंगाधर तिलक ने राष्ट्रीयता की भावना के विकास के लिए शिवाजी का जन्मोत्सव की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का जन्मोत्सव मनाने का उद्देश्य उनके विचारों को आने वाली पीढ़ियों को अवगत करवाना व उनके द्वारा बताए गए धर्म के मार्ग पर चलकर सभी प्राणियों के प्रति धर्म, न्याय और समानता का भाव विकसित करना प्रमुख रहता है। उन्होंने कहा कि सभी मराठा निवासी एकत्रित होकर यह कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
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इस अवसर पर जयवंत कोलेकर, महेश माली, शिक्षकांत मोरे, शंकर बच्छाव, प्रदीप सिंह प्रदेसी, संदपी सोनवणे, कमलेश बंसल, राम सिंह, मंजिरी माली, वैशाली पाटिल, अरूणा कोलेकर, शीतल पाटिल स्वाती, शीतल मोरे, पूनम पाटिल, रूपाली परदेसी आदि अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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