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Solan News: ग्रीन स्कूल कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, 11 अक्तूबर अंतिम तिथि
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बेहतरीन कार्य करने वाले स्कूलों को किया जाएगा सम्मानित
6 वर्षों से जिला सोलन बन रहा सीएम रॉलिंग ट्रॉफी का विजेता
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। ग्रीन स्कूल कार्यक्रम के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र नई दिल्ली की ओर से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। स्कूल के इको क्लब से पर्यावरणीय ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर ग्रीन स्कूल कार्यक्रम (डीएसपी) पोर्टल पर अपलोड की जाती है। सभी सरकारी, निजी वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च, माध्यमिक और प्राथमिक स्कूल भाग ले सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 11 अक्तूबर है।
जिला विज्ञान पर्यवेक्षक अमरीश शर्मा ने बताया कि स्कूल से छह मापदंडों पर ऑडिट रिपोर्ट बनाई जाती है जिसमें वायु, ऊर्जा, खाद्य पदार्थ, भूमि, जल और अपशिष्ट प्रबंधन के अनुभाग को शामिल किया गया है। ऑडिट प्रक्रिया के लिए हर अनुभाग में 10-10 बच्चों का समूह बनाया जाता है। इसमें एक टीम लीडर, इको क्लब या पर्यावरण पढ़ाने वाले शिक्षक की अध्यक्षता में डाटा एकत्रित किया जाता है।
इसमें सभी अनुभागों के तहत कई मुद्दों पर चर्चा भी की जाती है। इसमें कैसे हमारा स्कूल पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर बने, ऊर्जा के लिए एलईडी बल्ब का उपयोग या सौर पैनल से विद्युत बिल में कटौती, निजी स्कूलों में बसों द्वारा ईंधन के उपयोग में कटौती, जल संरक्षण के लिए उठाए गए प्रयास जैसे अन्य कार्यों की रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिसे ऑनलाइन डीएसपी पोर्टल पर अपलोड करना होता है। ऑडिट रिपोर्ट का मूल्यांकन सीएसई नई दिल्ली से होता है जिसके तहत स्कूलों को ग्रीन, येलो और ऑरेंज प्रमाणित किया जाता है। ग्रीन स्कूल या ऑरेंज से ऊपर की श्रेणी में आने वाले स्कूलों को चेंज मेकर श्रेणी में रखा जाता है। इस ग्रीन स्कूल कार्यक्रम (डीएसपी) को हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकोस्टे) की ओर से मान्यता दी गई है और इसे एक सरकारी कार्यक्रम के रूप में रखा गया है। पिछले छह वर्षो से जिला सोलन इसमें विजेता बनता आ रहा है। सीएम रॉलिंग ट्रॉफी भी सोलन के पास ही है।
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6 वर्षों से जिला सोलन बन रहा सीएम रॉलिंग ट्रॉफी का विजेता
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। ग्रीन स्कूल कार्यक्रम के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र नई दिल्ली की ओर से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। स्कूल के इको क्लब से पर्यावरणीय ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर ग्रीन स्कूल कार्यक्रम (डीएसपी) पोर्टल पर अपलोड की जाती है। सभी सरकारी, निजी वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च, माध्यमिक और प्राथमिक स्कूल भाग ले सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 11 अक्तूबर है।
जिला विज्ञान पर्यवेक्षक अमरीश शर्मा ने बताया कि स्कूल से छह मापदंडों पर ऑडिट रिपोर्ट बनाई जाती है जिसमें वायु, ऊर्जा, खाद्य पदार्थ, भूमि, जल और अपशिष्ट प्रबंधन के अनुभाग को शामिल किया गया है। ऑडिट प्रक्रिया के लिए हर अनुभाग में 10-10 बच्चों का समूह बनाया जाता है। इसमें एक टीम लीडर, इको क्लब या पर्यावरण पढ़ाने वाले शिक्षक की अध्यक्षता में डाटा एकत्रित किया जाता है।
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इसमें सभी अनुभागों के तहत कई मुद्दों पर चर्चा भी की जाती है। इसमें कैसे हमारा स्कूल पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर बने, ऊर्जा के लिए एलईडी बल्ब का उपयोग या सौर पैनल से विद्युत बिल में कटौती, निजी स्कूलों में बसों द्वारा ईंधन के उपयोग में कटौती, जल संरक्षण के लिए उठाए गए प्रयास जैसे अन्य कार्यों की रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिसे ऑनलाइन डीएसपी पोर्टल पर अपलोड करना होता है। ऑडिट रिपोर्ट का मूल्यांकन सीएसई नई दिल्ली से होता है जिसके तहत स्कूलों को ग्रीन, येलो और ऑरेंज प्रमाणित किया जाता है। ग्रीन स्कूल या ऑरेंज से ऊपर की श्रेणी में आने वाले स्कूलों को चेंज मेकर श्रेणी में रखा जाता है। इस ग्रीन स्कूल कार्यक्रम (डीएसपी) को हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकोस्टे) की ओर से मान्यता दी गई है और इसे एक सरकारी कार्यक्रम के रूप में रखा गया है। पिछले छह वर्षो से जिला सोलन इसमें विजेता बनता आ रहा है। सीएम रॉलिंग ट्रॉफी भी सोलन के पास ही है।
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