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सिरीनगर पंचायत घर के कब्जे को लेकर मचा बवाल
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कंडाघाट(सोलन)। ग्राम पंचायत सिरीनगर का भवन नगर पंचायत कंडाघाट को सौंपने को लेकर पंचायत भवन में जमकर बवाल हुआ। सोमवार को पंचायत घर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई और लोगों ने पंचायत घर का कब्जा नपं को देने का पुरजोर विरोध किया। इस बीच प्रशासन को पुलिस बल बुलाना पड़ा। सिरीनगर पंचायत का भवन परिसर इस मौैके पर एक तरह से पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। इसके बावजूद सोमवार सुबह आठ बजे प्रशासन ने कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच डंडे के जोर पर भवन का कब्जा नगर पंचायत को देने की कार्रवाई की। इस दौरान विरोध करने वाले कई लोगों पर मामले दर्ज किए गए।
पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत सिरीनगर का परिसीमन कर इसके कस्बाई क्षेत्र की नगर पंचायत कंडाघाट बनाई गई है और बाकी क्षेत्र ग्राम पंचायत सिरीनगर में ही रहे। नगर पंचायत कंडाघाट के पहले चुनाव के बाद पंचायत घर भवन सिरीनगर पर नगर पंचायत अपना अधिकार जता रही है। ग्राम पंचायत सिरीनगर के लोग 1955 में बनी पंचायत के पंचायत घर पर अपना हक मानते हैं। इस भवन की भूमि की किस्म आबादी देह है जिसे स्थानीय लोगों ने पंचायत को दान दिया है।
उपायुक्त सोलन के निर्देशों के अनुसार 18 जून को नगर पंचायत कंडाघाट के सचिव रजनीश चौहान इस पंचायत घर के एसेट और लायबिलिटी लेने के लिए गए। इस पर ग्राम पंचायत सिरीनगर के पदाधिकारियों और उनके बीच गहमागहमी हो गई। उन्हें कब्जा नहीं मिला और इसकी सूचना उन्होंने एसडीएम कंडाघाट सहित उच्चाधिकारियों को दी। इस पर पंचायत प्रधान, उपप्रधान समेत कई लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने जैसी धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं।
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इसके बाद सोमवार सुबह एसडीएम कंडाघाट डॉ विकास सूद, तहसीलदार कंडाघाट अमन राणा, बीडीओ एचसी शर्मा सहित अन्य अधिकारी पुलिस अधिकारियों और जवानों सहित पंचायत घर पहुंच गए। पंचायत घर के बंद कमरों में किसी को अंदर आने की अनुमति नहीं थी। अंदर कब्जे की प्रक्रिया शुरू की गई। बाहर भवन को नगर पंचायत को भवन देने का विरोध करने वाले सिरीनगर पंचायत के लोग भी थे लेकिन किसी ने उनकी कुछ नहीं सुनी।
पंचायत प्रधान राजविंद्र कौर और उपप्रधान प्रद्युम्न ठाकुर का कहना है कि पंचायत के लोग अपना पंचायत घर नहीं देना चाहते। इसके लिए लोगों ने आबादी देह की जमीन दान दी है। पंचायत प्रधान ने कहा कि सोमवार को सुबह आठ बजे से लेकर अधिकारियों ने उन्हें अपने ही कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया। अंदर अधिकारी क्या कार्रवाई कर रहे हैं, उन्हें मालूम तक नहीं हुआ।
कब्जा नगर पंचायत को दिया गया : एसडीएम
कंडाघाट के एसडीएम विकास सूद ने बताया कि पंचायत भवन सिरीनगर का कब्जा नगर पंचायत कंडाघाट को दिया गया। जिस स्थान पर दोलग में सिरीनगर का पंचायत घर शिफ्ट होना है, इस स्थान को बीडीओ कंडाघाट की रिपोर्ट के मुताबिक ठीक नहीं बताया गया, इसलिए सिरीनगर का पंचायत घर तदर्थ आधार पर केवल एक मास के लिए इसी भवन से चलेगा। सोमवार से यह भवन नगर पंचायत का हो गया है।
पंचायत घर बनते ही बेघर हुए
सिरीनगर पंचायत ने अभी हाल ही में 60 लाख की लागत से पंचायत का कार्यालय बनाकर तैयार किया। पंचायत के कई प्रधानों के प्रयास से पंचायत को एक अच्छा पंचायत घर मिला। इस भवन में चंद महीनों पहले ही प्रवेश किया था। प्रवेश के कुछ समय बाद ही पंचायत को यह भवन नसीब हुआ और अब पंचायत को इससे बेघर होकर निकलना पड़ा।
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पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत सिरीनगर का परिसीमन कर इसके कस्बाई क्षेत्र की नगर पंचायत कंडाघाट बनाई गई है और बाकी क्षेत्र ग्राम पंचायत सिरीनगर में ही रहे। नगर पंचायत कंडाघाट के पहले चुनाव के बाद पंचायत घर भवन सिरीनगर पर नगर पंचायत अपना अधिकार जता रही है। ग्राम पंचायत सिरीनगर के लोग 1955 में बनी पंचायत के पंचायत घर पर अपना हक मानते हैं। इस भवन की भूमि की किस्म आबादी देह है जिसे स्थानीय लोगों ने पंचायत को दान दिया है।
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उपायुक्त सोलन के निर्देशों के अनुसार 18 जून को नगर पंचायत कंडाघाट के सचिव रजनीश चौहान इस पंचायत घर के एसेट और लायबिलिटी लेने के लिए गए। इस पर ग्राम पंचायत सिरीनगर के पदाधिकारियों और उनके बीच गहमागहमी हो गई। उन्हें कब्जा नहीं मिला और इसकी सूचना उन्होंने एसडीएम कंडाघाट सहित उच्चाधिकारियों को दी। इस पर पंचायत प्रधान, उपप्रधान समेत कई लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने जैसी धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं।
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इसके बाद सोमवार सुबह एसडीएम कंडाघाट डॉ विकास सूद, तहसीलदार कंडाघाट अमन राणा, बीडीओ एचसी शर्मा सहित अन्य अधिकारी पुलिस अधिकारियों और जवानों सहित पंचायत घर पहुंच गए। पंचायत घर के बंद कमरों में किसी को अंदर आने की अनुमति नहीं थी। अंदर कब्जे की प्रक्रिया शुरू की गई। बाहर भवन को नगर पंचायत को भवन देने का विरोध करने वाले सिरीनगर पंचायत के लोग भी थे लेकिन किसी ने उनकी कुछ नहीं सुनी।
पंचायत प्रधान राजविंद्र कौर और उपप्रधान प्रद्युम्न ठाकुर का कहना है कि पंचायत के लोग अपना पंचायत घर नहीं देना चाहते। इसके लिए लोगों ने आबादी देह की जमीन दान दी है। पंचायत प्रधान ने कहा कि सोमवार को सुबह आठ बजे से लेकर अधिकारियों ने उन्हें अपने ही कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया। अंदर अधिकारी क्या कार्रवाई कर रहे हैं, उन्हें मालूम तक नहीं हुआ।
कब्जा नगर पंचायत को दिया गया : एसडीएम
कंडाघाट के एसडीएम विकास सूद ने बताया कि पंचायत भवन सिरीनगर का कब्जा नगर पंचायत कंडाघाट को दिया गया। जिस स्थान पर दोलग में सिरीनगर का पंचायत घर शिफ्ट होना है, इस स्थान को बीडीओ कंडाघाट की रिपोर्ट के मुताबिक ठीक नहीं बताया गया, इसलिए सिरीनगर का पंचायत घर तदर्थ आधार पर केवल एक मास के लिए इसी भवन से चलेगा। सोमवार से यह भवन नगर पंचायत का हो गया है।
पंचायत घर बनते ही बेघर हुए
सिरीनगर पंचायत ने अभी हाल ही में 60 लाख की लागत से पंचायत का कार्यालय बनाकर तैयार किया। पंचायत के कई प्रधानों के प्रयास से पंचायत को एक अच्छा पंचायत घर मिला। इस भवन में चंद महीनों पहले ही प्रवेश किया था। प्रवेश के कुछ समय बाद ही पंचायत को यह भवन नसीब हुआ और अब पंचायत को इससे बेघर होकर निकलना पड़ा।