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Solan News: धोखाधड़ी का भगोड़ा लुधियाना से गिरफ्तार
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ट्रक खरीदने के बाद न लोन चुकाया, न मालिक को दिए पैसे
कोर्ट के बार-बार बुलाने पर भी पेश नहीं हो रहा था आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। पुलिस के पीओ सैल ने धोखाधड़ी के मामले में भगोड़े अपराधी अजय कुमार (42) को लुधियाना, पंजाब से गिरफ्तार किया है। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अजय कुमार के खिलाफ 19 जनवरी 2013 को पुलिस थाना सदर सोलन में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं 420 और 406 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता के साथ ट्रक का 3.30 लाख रुपये में बिक्री समझौता किया था। शिकायतकर्ता ने ट्रक और संबंधित दस्तावेज आरोपी को सौंप दिए थे। समझौते के अनुसार आरोपी को श्रीराम ट्रांसपोर्ट कंपनी के लोन खाते में तीन लाख रुपये जमा करने थे और 30 हजार रुपये शिकायतकर्ता को देने थे। हालांकि, आरोपी ने न तो लोन की राशि जमा की और न ही शिकायतकर्ता को भुगतान किया।
जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा किया गया था। पुलिस ने मामले में आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान आरोपी को कई बार न्यायालय में पेश होने के निर्देश दिए गए, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद न्यायालय ने 12 जून 2025 को उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया।
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कोर्ट के बार-बार बुलाने पर भी पेश नहीं हो रहा था आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। पुलिस के पीओ सैल ने धोखाधड़ी के मामले में भगोड़े अपराधी अजय कुमार (42) को लुधियाना, पंजाब से गिरफ्तार किया है। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अजय कुमार के खिलाफ 19 जनवरी 2013 को पुलिस थाना सदर सोलन में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं 420 और 406 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता के साथ ट्रक का 3.30 लाख रुपये में बिक्री समझौता किया था। शिकायतकर्ता ने ट्रक और संबंधित दस्तावेज आरोपी को सौंप दिए थे। समझौते के अनुसार आरोपी को श्रीराम ट्रांसपोर्ट कंपनी के लोन खाते में तीन लाख रुपये जमा करने थे और 30 हजार रुपये शिकायतकर्ता को देने थे। हालांकि, आरोपी ने न तो लोन की राशि जमा की और न ही शिकायतकर्ता को भुगतान किया।
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जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा किया गया था। पुलिस ने मामले में आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान आरोपी को कई बार न्यायालय में पेश होने के निर्देश दिए गए, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद न्यायालय ने 12 जून 2025 को उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया।
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