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स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण दें : बबिता
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स्कूल प्रमुखों की बैठक में आरटीई और यू-डाइज पर मंथन
रख राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुरूप कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण पर जोर
आरटीई के तहत पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया अपनाने के निर्देश
बाल यौन उत्पीड़न के मामलों में गोपनीयता बनाए रखने और तत्काल सूचना देने को कहा
निजी स्कूलों को विद्यार्थियों के पुराने रिकॉर्ड की जांच करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। पीएम श्री राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंडाघाट में ब्लॉक प्रोजेक्ट ऑफिसर की अध्यक्षता में सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों व मुख्य अध्यापकों की बैठक हुई। इसमें राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024, पॉक्सो एक्ट और यू-डाइस से जुड़े शैक्षणिक संकेतकों पर चर्चा की गई।
पहले सत्र में समग्र शिक्षा सोलन की मूल्यांकन विशेषज्ञ बबिता ठाकुर ने बाल अधिकार, आरटीई अधिनियम और परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 पर प्रस्तुति दी। उन्होंने स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार करने, शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने और शिक्षकों व गैर-शिक्षण कर्मचारियों को संवेदनशील बनाने पर जोर दिया। उन्होंने आरटीई के तहत पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया अपनाने और परख सर्वेक्षण के अनुरूप कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अधिवक्ता राजीव शर्मा ने पॉक्सो अधिनियम पर जानकारी देते हुए स्कूलों में बाल यौन उत्पीड़न के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा। उन्होंने ऐसे मामलों में गोपनीयता बनाए रखने और घटना की जानकारी तत्काल बाल संरक्षण समिति या संबंधित अधिकारियों को देने के निर्देश दिए।
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जिला एमआईएस प्रभारी गोविंद ठाकुर ने यू-डाइस प्लस और अपार आईडी अपडेट करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने निजी स्कूलों को फीस बकाया या लंबे समय से अनुपस्थित विद्यार्थियों का रिकॉर्ड पेन ड्रॉपबॉक्स में स्थानांतरित करने और नए दाखिले के दौरान विद्यार्थियों के पिछले रिकॉर्ड की जांच करने के निर्देश दिए।
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रख राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुरूप कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण पर जोर
आरटीई के तहत पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया अपनाने के निर्देश
बाल यौन उत्पीड़न के मामलों में गोपनीयता बनाए रखने और तत्काल सूचना देने को कहा
निजी स्कूलों को विद्यार्थियों के पुराने रिकॉर्ड की जांच करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। पीएम श्री राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंडाघाट में ब्लॉक प्रोजेक्ट ऑफिसर की अध्यक्षता में सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों व मुख्य अध्यापकों की बैठक हुई। इसमें राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024, पॉक्सो एक्ट और यू-डाइस से जुड़े शैक्षणिक संकेतकों पर चर्चा की गई।
पहले सत्र में समग्र शिक्षा सोलन की मूल्यांकन विशेषज्ञ बबिता ठाकुर ने बाल अधिकार, आरटीई अधिनियम और परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 पर प्रस्तुति दी। उन्होंने स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार करने, शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने और शिक्षकों व गैर-शिक्षण कर्मचारियों को संवेदनशील बनाने पर जोर दिया। उन्होंने आरटीई के तहत पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया अपनाने और परख सर्वेक्षण के अनुरूप कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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अधिवक्ता राजीव शर्मा ने पॉक्सो अधिनियम पर जानकारी देते हुए स्कूलों में बाल यौन उत्पीड़न के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा। उन्होंने ऐसे मामलों में गोपनीयता बनाए रखने और घटना की जानकारी तत्काल बाल संरक्षण समिति या संबंधित अधिकारियों को देने के निर्देश दिए।
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जिला एमआईएस प्रभारी गोविंद ठाकुर ने यू-डाइस प्लस और अपार आईडी अपडेट करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने निजी स्कूलों को फीस बकाया या लंबे समय से अनुपस्थित विद्यार्थियों का रिकॉर्ड पेन ड्रॉपबॉक्स में स्थानांतरित करने और नए दाखिले के दौरान विद्यार्थियों के पिछले रिकॉर्ड की जांच करने के निर्देश दिए।