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रामनवमी अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक : देवेंद्र
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कथा के दौरान मनाया गया
श्रीराम कथा जन्मोत्सव
श्रीसालासर धाम सेवा समिति करवा रही रामकथा
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। वार्ड-9 के दशहरा मैदान में श्रीसालासर धाम सेवा समिति की ओर से करवाई जा रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन श्रीराम जन्मोत्सव मनाया गया। कथा व्यास देवेंद्र महाराज ने कहा कि रामनवमी के दिन राम का जन्म हुआ था। यह शुभ त्योहार हिंदू कैलेंडर में चैत्र महीने के नौवें दिन मनाया जाता है। यह दिन राम के जन्म का प्रतीक है और उनकी ओर से दर्शाए आदर्शों पर चलने का संकल्प दिलाता है। रामनवमी का हिंदू संस्कृति और आध्यात्मिकता में बहुत बड़ा महत्व है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रामनवमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि आत्म निरीक्षण और एक सद्गुणी जीवन जीने की अपनी प्रतिबद्धता को समझने का दिन है। यह भगवान राम के सिद्धांतों और आदर्शों की याद दिलाता है। यह लोगों को सत्य, नैतिकता और भक्ति के साथ जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस त्योहार को मनाकर, भक्त ईश्वरीय आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और राम की शिक्षाओं को अपने जीवन में शामिल करने का संकल्प धारण करते हैं।
12 अप्रैल को हनुमान जयंती पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। रात को जागरण होगा। समिति के अध्यक्ष हैपी गर्ग, सदस्य मदन लाल गर्ग, मामचंद गर्ग, मुनीश गोयल, कमल भारगव, विनोद गर्ग, सत्या प्रकाश शुक्ला, रमेश जिन्दल, दलजीत सिंह, रामनिवास, प्रमोद गोयल, राकेश शर्मा, दरिया सिंह आदि उपस्थित रहे।
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श्रीराम कथा जन्मोत्सव
श्रीसालासर धाम सेवा समिति करवा रही रामकथा
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। वार्ड-9 के दशहरा मैदान में श्रीसालासर धाम सेवा समिति की ओर से करवाई जा रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन श्रीराम जन्मोत्सव मनाया गया। कथा व्यास देवेंद्र महाराज ने कहा कि रामनवमी के दिन राम का जन्म हुआ था। यह शुभ त्योहार हिंदू कैलेंडर में चैत्र महीने के नौवें दिन मनाया जाता है। यह दिन राम के जन्म का प्रतीक है और उनकी ओर से दर्शाए आदर्शों पर चलने का संकल्प दिलाता है। रामनवमी का हिंदू संस्कृति और आध्यात्मिकता में बहुत बड़ा महत्व है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रामनवमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि आत्म निरीक्षण और एक सद्गुणी जीवन जीने की अपनी प्रतिबद्धता को समझने का दिन है। यह भगवान राम के सिद्धांतों और आदर्शों की याद दिलाता है। यह लोगों को सत्य, नैतिकता और भक्ति के साथ जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस त्योहार को मनाकर, भक्त ईश्वरीय आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और राम की शिक्षाओं को अपने जीवन में शामिल करने का संकल्प धारण करते हैं।
12 अप्रैल को हनुमान जयंती पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। रात को जागरण होगा। समिति के अध्यक्ष हैपी गर्ग, सदस्य मदन लाल गर्ग, मामचंद गर्ग, मुनीश गोयल, कमल भारगव, विनोद गर्ग, सत्या प्रकाश शुक्ला, रमेश जिन्दल, दलजीत सिंह, रामनिवास, प्रमोद गोयल, राकेश शर्मा, दरिया सिंह आदि उपस्थित रहे।
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