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अडानी-अंबानी ग्रुप से सतर्क हो जाएं हिमाचली किसान : टिकैत

Sat, 28 Aug 2021 11:32 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Aug 2021 11:32 PM IST
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Rakesh Tikait warns farmers in Solan to remain alert from Adani-Ambani  Tomato and vegetable MSP
सेब मंडी सोलन में किसान नेता राकेश टिकैत का स्वागत करते लोग। संवाद - फोटो : SOLAN
सोलन/कंडाघाट। किसान नेता राकेश टिकैत का हिमाचल पहुंचने पर किसान संगठनों ने सोलन और कंडाघाट में उनका स्वागत किया। सोलन में टिकैत ने सेब मंडी का निरीक्षण किया और छोटी मंडियों पर किसानों-बागवानों से अपने उत्पाद देने का आग्रह किया।
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टिकैत कंडाघाट में किसानों और पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दावा कर रहे हैं कि 2022 में किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। अगर वह ऐसा करते हैं तो पीएम का समर्थन करेंगे। हैं। उन्होंने कहा कि देश में एग्रीकल्चर मिनिस्ट्री नहीं है जिसके चलते किसानों को लूटा जा रहा है। 18 मंत्रालय कृषि को देखते हैं लेकिन सभी ठीक तरीके से कार्य नहीं कर रहे।
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उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि हिमाचल का किसान एकजुट हो जाएं वर्ना अडानी-अंबानी ग्रुप किसानों को खा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो प्रदेश में भी आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शिव कुमार, पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल ठाकुर, नगर परिषद सोलन के पूर्व अध्यक्ष कुल राकेश पंत, हिमाचल किसान सभा के सोलन जिलाध्यक्ष प्यारे लाल, भारतीय किसान यूनियन के राज्य अध्यक्ष अनिंदर सिंह नॉटी, सचिव मनीष ठाकुर और यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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फसलों को मिले न्यूनतम समर्थन
कंडाघाट के पडौथा में यूनियन की प्रदेश और जिला इकाई के पदाधिकारियों सहित कई स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ के किसान यूनियन का अंग हैं जिनकी लड़ाई लड़ी जाएगी। किसानों को सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना चाहिए। पहाड़ के किसानों की लड़ाई संयुक्त किसान यूनियन मजबूती से लड़ेगी। इसमें टमाटर, सेब और अन्य फसल उत्पादकों को आने वाली समस्याएं शामिल होंगी।

टमाटर और सेब से आधारित उद्योग लगाए जाएं
उन्होंने कहा कि सरकार को सरकारी क्षेत्र में टमाटर और सेब जैसी फसलों पर आधारित उद्योग लगाकर किसानों से सरकारी तौर पर फसलें खरीदनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की फसलों को देश की मंडियों तक पहुंचाने के लिए ट्रांसपोर्ट सब्सिडी देनी चाहिए। इससे छोटे-बड़े सभी किसानों को राहत मिल सकेगी।
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