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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Radiologist at Nalagarh Hospital Did not handle the workload, patients are getting worried

Solan News: नालागढ़ अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट ने नहीं संभाला कार्यभार, मरीज हो रहे परेशान

Sun, 24 Sep 2023 05:29 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Sun, 24 Sep 2023 05:29 PM IST
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सरकार ने बीते कुछ दिन पहले दिए थे पदभार संभालने के आदेश
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रेडियोलोजिस्ट न होने से लोग अल्ट्रासाउंड के लिए हो रहे परेशान
निजी लैब से करवाने पड़ रहे अल्ट्रासाउंड, जेब पर पड़ रहा बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। प्रदेश सरकार के आदेश के बावजूद भी नालागढ़ में रेडियोलॉजिस्ट ने कार्यभार नहीं संभाला। इसके चलते अस्पताल में मरीजों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। रेडियोलॉजिस्ट न होने से रोगियों को अल्ट्रासाऊंड करवाने के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अधिकतर परेशानी गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को हो रही है।
नालागढ़ अस्पताल में लंबे समय से रेडियोलॉजिस्ट, सर्जन व मेडिसिन विशेषज्ञ का पद खाली था। सरकार ने पदों को भरने के लिए तीनों चिकित्सकों के आदेश जारी किए थे। इनमें से दो ने अस्पताल में कार्यभार संभाल लिया और सेवाएं देनी शुरू कर दी हैं। लेकिन रेडियोलॉजिस्ट ने अभी तक कार्यभार नहीं संभाला है। अस्पताल में पिछले काफी लंबे समय से कोई भी रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण लोगों को अल्ट्रासाउंड करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सबसे ज्यादा प्रभावित वे गर्भवती महिलाएं हैं। जिन्हें सरकार की ओर से अल्ट्रासाउंड की मुफ्त सुविधा मिली हुई है लेकिन अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण इन्हें अल्ट्रासाउंड निजी केंद्रों पर करवाना पड़ता है। नालागढ़ में एक निजी केंद्र की ओर से लेवल एक का सामान्य अल्ट्रासाउंड के 1300 रुपये और क्वाड स्क्रीन टेस्ट के साथ 2800 रुपये तथा लेवल दो के सामान्य अल्ट्रासाउंड के 1800 रुपये और क्वाड स्क्रीन टेस्ट के साथ 4300 रुपये वसूले जाते हैं। इससे मरीजों की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
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उधर, नालागढ़ विकास मंच के अध्यक्ष नरेश घई ने कहा कि अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद कई सालों से खाली है। पिछले सरकार ने यहां पर इसका दर्जा बढ़कर 100 बिस्तरों का कर दिया था। लेकिन कोई चिकित्सक नहीं भेजे और वर्तमान सरकार ने आर्डर तो किए लेकिन रेडियोलॉजिस्ट ने यहां पर कार्यभार नहीं संभाला। इससे मरीजों को काफी दिक्कतें आ रही है। वहीं बीएमओ डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने बताया कि यहां पर तीन चिकित्सकों के आदेश हुए थे। इनमें से दो ने तो कार्यभार संभाल लिया है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट ने कार्यभार नहीं संभाला है।
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