फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Rabi crop spoiled due to drought in hilly areas of Doon

Solan News: दून के पहाड़ी क्षेत्रों में सूखे से रबी की फसल खराब

Fri, 10 Mar 2023 11:39 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Mar 2023 11:39 PM IST
विज्ञापन
Rabi crop spoiled due to drought in hilly areas of Doon
नालागढ़ के मितियां पंचायत में सूख से खराब हुई गेहूं की फसल। संवाद
बद्दी (सोलन)। नालागढ़ और दून की पहाड़ी पंचायतों में बारिश न होने से गेहूं की फसल सूख गई है। इसके चलते पशुचारे की समस्या पैदा हो गई है। करीब चार दर्जन पंचायतों में रबी की फसल सूखे से नष्ट हो गई है। इन पंचायतों में किसान खेती के साथ पशुपालन भी करते है, लेकिन बारिश न होने से अब चारे की भी परेशानी हो गई है।
विज्ञापन

बीबीएन में 11,000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल बीजी गई है, इसमें से 75 फीसदी फसल बारिश पर निर्भर है। लेकिन इस बार सर्दियों में बारिश बहुत कम हुई जिसके असर यह दिखा है कि बीबीएन का पहाड़ी क्षेत्र इस बार सूखे की चपेट में आ गया है। यहां पर गेहूं और अन्य फसलें पूरी तरह से सूख गई हैं। गेहूं के भूसे को किसान करीब छह माह तक पशुचारे में उपयोग करते हैं, मगर गेहूं सूखने से अब भूसा भी नहीं मिल पाएगा। डूमनवाला गांव के किसान अमर सिंह ठाकुर, सोढी राम, मुकेश कुमार ने बताया कि इस बार सिंचित क्षेत्रों में भी फसल ठीक नहीं है। बारिश से जो बात बनती है वह इस बार मैदानी क्षेत्र में भी नहीं दिख रही है। पानी लगने से बिजली खर्च से उत्पादन लागत बढ़ गई है। अब गेहूं की फसल पानी मांग रही है। अगर किसान पानी लगाता है तो भी नुकसान है और नहीं लगाता है तो फसल समय से पहले सूख जाएगी। पानी लगाने के बाद अगर हवा चलती है तो गेहूं खराब होने का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन

नालागढ़ के पहाड़ी क्षेत्र मितियां के तेजपाल चौहान, नानक चंद, सरोर के प्रधान धर्मपाल चंदेल, कोईड़़ी की प्रधान गंगो देवी, रामशहर की प्रधान कृष्णा देवी, बायला की रजना, साई के मेहर चंद, चमदार के कर्मचंद, लूसन की सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बारिश न होने से उनकी गेहूं समय से पहले सूख गई है और बहुत कम उत्पादन हुआ है। पहले अच्छी गेहूं होने से भूसे के रूप में पशुचारा हो जाता था लेकिन इस वर्ष गेहूं नहीं होगी तो चारा कहां से आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, कृषि विभाग के विषय वाद विशेषज्ञ डॉ प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष सर्दियों में कम बारिश होने से पहाड़ी क्षेत्र में गेहूं की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है। वहीं, मैदानी क्षेत्र में बारिश न होने से फसल प्रभावित हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed