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Solan News: दाड़लाघाट के चल्यावन गांव में तेंदुए की दशतक से दहशत
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बरायली के चल्यावन गांव में तेंदुए की गतिविधियों को लेकर मौके पर निरीक्षण करते वन विभाग के कर्मच
- फोटो : मंदिर के बाहर जुटी लोगों की भीड़। स्रोत : पुलिस
ग्रामीणों ने वन विभाग से कार्रवाई करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। दाड़लाघाट की निकटवर्ती पंचायत बरायली के चल्यावन गांव में तेंदुए की गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद पंचायत प्रधान कृष्ण चंद्र भट्टी ने वन विभाग को सूचित किया। इसके बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान फॉरेस्ट गार्ड पूनम, प्रधान कृष्ण चंद्र भट्टी और उपप्रधान प्रकाश ने ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने पिंजरा लगाने की संभावना पर चर्चा की। प्रधान ने बताया कि विभाग ने पिंजरा लगाने की सलाह दी थी, लेकिन ग्रामीणों की आपसी सहमति के अभाव में स्थान तय नहीं हो सका। इस कारण फिलहाल पिंजरा नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों ने अपने बच्चों और पशुधन की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने तत्काल समाधान की मांग की है।
वन खंड अधिकारी दाड़लाघाट राजेश चौधरी ने बताया कि विभाग ने क्षेत्र का दौरा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिंजरा लगाने की कार्रवाई ग्रामीणों की सहमति के बाद ही की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से अकेले आवाजाही न करने की अपील की। उन्होंने सलाह दी कि ग्रामीण समूह में रहें और सतर्कता बरतें। किसी भी संदिग्ध स्थिति में शोर मचाकर दूसरों को सचेत करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। दाड़लाघाट की निकटवर्ती पंचायत बरायली के चल्यावन गांव में तेंदुए की गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद पंचायत प्रधान कृष्ण चंद्र भट्टी ने वन विभाग को सूचित किया। इसके बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान फॉरेस्ट गार्ड पूनम, प्रधान कृष्ण चंद्र भट्टी और उपप्रधान प्रकाश ने ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने पिंजरा लगाने की संभावना पर चर्चा की। प्रधान ने बताया कि विभाग ने पिंजरा लगाने की सलाह दी थी, लेकिन ग्रामीणों की आपसी सहमति के अभाव में स्थान तय नहीं हो सका। इस कारण फिलहाल पिंजरा नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों ने अपने बच्चों और पशुधन की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने तत्काल समाधान की मांग की है।
वन खंड अधिकारी दाड़लाघाट राजेश चौधरी ने बताया कि विभाग ने क्षेत्र का दौरा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिंजरा लगाने की कार्रवाई ग्रामीणों की सहमति के बाद ही की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से अकेले आवाजाही न करने की अपील की। उन्होंने सलाह दी कि ग्रामीण समूह में रहें और सतर्कता बरतें। किसी भी संदिग्ध स्थिति में शोर मचाकर दूसरों को सचेत करें।
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