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नालागढ़-बद्दी में अल्ट्रासाउंड सुविधा ठप
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बद्दी (सोलन)। कोरोना महामारी का असर गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं पर भी पड़ रहा है। सरकार गर्भवती महिलाओं को मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा का दावा तो करती है लेकिन बीबीएन में कोरोना काल में महिलाओं को यह सुविधा मिल नहीं रही। बद्दी में जुलाई के बाद गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। अस्पताल में मशीन नहीं है और बाहर के निजी अस्पताल इसे करने को तैयार नहीं है।
वहीं, नालागढ़ में मशीन तो है लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। जिन निजी अस्पतालों से विभाग ने अल्ट्रासाउंड के लिए करार किया था, वे कोरोना के भय से अल्ट्रासाउंड करने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। निजी अस्पतालों में मई-जून में कई बार गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड हुए और बाद में ये महिलाएं पॉजिटिव निकलीं। स्वास्थ्य विभाग ने इन अस्पतालों को सीज कर दिया।
नालागढ़ अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन तो है लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। यहां पर गर्भवती महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर हैं। बद्दी के थाना गांव की रोनिका और भटोली की गर्भवती महिला कुसुम, बद्दी की सुखजिंद्र कौर, आंचल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल रही है। उन्हें पैसे देकर चंडीगढ़ या अन्य निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं निजी अस्पतालों का खर्च वहन नहीं कर पा रही हैं। महिलाओं का कहना है कि पिछले दो माह में बद्दी अस्पताल में डॉक्टर गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड के लिए फार्म नहीं भर रहे हैं।
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निजी अस्पताल संचालकों से बातचीत कर सुलझाएंगे मामला
उधर, बद्दी अस्पताल के एसएमओ डॉ. अनिल अरोड़ा ने कहा कि कोरोना के चलते समस्या आई है लेकिन निजी अस्पतालों के संचालकों से बातचीत कर इसे सुलझा लिया जाएगा। नालागढ़ के बीएमओ डॉ. केडी जस्सल ने कहा कि कोरोना के चलते कुछ दिन के लिए अल्ट्रासाउंड बीच में बंद था। अब निजी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के मुफ्त अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं।
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वहीं, नालागढ़ में मशीन तो है लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। जिन निजी अस्पतालों से विभाग ने अल्ट्रासाउंड के लिए करार किया था, वे कोरोना के भय से अल्ट्रासाउंड करने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। निजी अस्पतालों में मई-जून में कई बार गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड हुए और बाद में ये महिलाएं पॉजिटिव निकलीं। स्वास्थ्य विभाग ने इन अस्पतालों को सीज कर दिया।
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नालागढ़ अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन तो है लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। यहां पर गर्भवती महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर हैं। बद्दी के थाना गांव की रोनिका और भटोली की गर्भवती महिला कुसुम, बद्दी की सुखजिंद्र कौर, आंचल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल रही है। उन्हें पैसे देकर चंडीगढ़ या अन्य निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं निजी अस्पतालों का खर्च वहन नहीं कर पा रही हैं। महिलाओं का कहना है कि पिछले दो माह में बद्दी अस्पताल में डॉक्टर गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड के लिए फार्म नहीं भर रहे हैं।
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निजी अस्पताल संचालकों से बातचीत कर सुलझाएंगे मामला
उधर, बद्दी अस्पताल के एसएमओ डॉ. अनिल अरोड़ा ने कहा कि कोरोना के चलते समस्या आई है लेकिन निजी अस्पतालों के संचालकों से बातचीत कर इसे सुलझा लिया जाएगा। नालागढ़ के बीएमओ डॉ. केडी जस्सल ने कहा कि कोरोना के चलते कुछ दिन के लिए अल्ट्रासाउंड बीच में बंद था। अब निजी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के मुफ्त अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं।