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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Pollen shedding has led to an increase in eye and allergy patients.

Solan News: पोलन झड़ने से आंखों और एलर्जी के मरीज बढ़े

Wed, 11 Mar 2026 11:42 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Mar 2026 11:42 PM IST
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नेत्र रोग और मेडिसिन ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की कतारें
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शरीर पर भी हो रहे रैशेज, सांस लेने में भी आ रही काफी दिक्कत
रोजाना 60 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। वसंत ऋतु में पेड़ों से पोलन झड़ने के कारण अस्पतालों में आंखों की एलर्जी, त्वचा रोग और श्वास संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। अस्पतालों में रोजाना नेत्र रोग, एलर्जी और श्वास संबंधी परेशानी वाले मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन 60 से अधिक मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। इससे नेत्र रोग और मेडिसिन ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
इसके अलावा स्किन रोग ओपीडी में भी त्वचा पर रैशेज (चकत्ते) और खुजली से संबंधित मामले सामने आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि पोलन के कारण कई मरीजों को जल्दी राहत नहीं मिल पा रही है। पोलन का असर छाती पर भी पड़ रहा है। इससे मरीजों को कभी छाती में जलन तो कभी बलगम जमने की शिकायत हो रही है। वहीं आंखों में जलन और एलर्जी से परेशान लोग भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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इन दिनों वसंत ऋतु में खिले रंग-बिरंगे फूल और फलदार वृक्षों पर आया बौर देखने में आकर्षक लगता है, लेकिन इनके पराग कण (पोलन) कुछ लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में पोलन से प्रभावित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे मामले केवल क्षेत्रीय अस्पताल में ही नहीं बल्कि जिले के अर्की, धर्मपुर, चायल और कंडाघाट के अस्पतालों में भी सामने आ रहे हैं। मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए चिकित्सकों ने लोगों से इन्हें नजरअंदाज न करने की सलाह दी है, ताकि बीमारी गंभीर रूप न ले।
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क्षेत्रीय अस्पताल के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. तरुण शास्त्री ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पोलन से संबंधित मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अधिकतर मरीजों को सांस लेने में दिक्कत और एलर्जी की शिकायत है।

आम लक्षण
नाक का बहना या बंद होना
छींक आना, आंखों में खुजली और जलन
त्वचा पर चकत्ते या खुजली
गले में खराश
सांस लेने में कठिनाई

बचाव के उपाय
जब वातावरण में पराग कण अधिक हों तो घर से बाहर कम निकलें।
खिड़कियां बंद रखें।
घर की सफाई के लिए वैक्यूम क्लीनर का उपयोग करें।
बाहर जाते समय शरीर को ढककर रखें तथा सनग्लासेस, हैट और फेस मास्क का प्रयोग करें।
पालतू जानवरों के संपर्क में कम रहें।
बाहर से घर लौटने पर स्नान करें और कपड़े बदलें।
गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें।
दूध में हल्दी मिलाकर पिएं।
हाथों को बार-बार धोते रहें।
अस्पतालों में पोलन के कारण रोगियों की संख्या बढ़ी है। एलर्जी से पीड़ित व्यक्ति अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और समस्या होने पर इसे नजरअंदाज न करें।विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर उचित उपचार कराएं।
डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन
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