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Solan News: मांगू घाट में पुलिस ने दर्ज किए ब्लास्टिंग प्रभावितों के बयान
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संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट(सोलन)। मांगू घाट क्षेत्र में अंबुजा सीमेंट कंपनी की ओर से की गई अनियंत्रित एवं जानलेवा ब्लास्टिंग के मामले में दाड़लाघाट पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और माइनिंग साइट का निरीक्षण कर कुछ प्रभावित ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। सीमेंट उद्योग व माइनिंग प्रभावित मंच ने बताया कि यह ब्लास्टिंग 25 दिसंबर को दोपहर लगभग 1:30 बजे की गई थी। इस ब्लास्टिंग से क्षेत्र में भय का माहौल बना और ग्रामीणों की जान को सीधा खतरा उत्पन्न हुआ। मंच ने कहा कि मांगू प्रकरण में एफआईआर दर्ज होना संघर्ष की दिशा में एक अहम कदम है, इसमें कई गंभीर प्रश्न अब भी अनुत्तरित हैं, जिन पर प्रशासन को तुरंत स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। मंच के संयोजक संदीप ने कहा कि 25 दिसंबर को मांगू घाट के समस्त ग्रामवासियों ने अनियंत्रित ब्लास्टिंग को प्रत्यक्ष रूप से देखा है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा केवल आठ लोगों के बयान लेने की बात कहना न तो तथ्यात्मक है और न ही न्यायसंगत। उन्होंने मांग उठाई कि पुलिस सभी प्रभावित ग्रामवासियों के बयान उनके घर जाकर दर्ज करे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करें। इधर, सीमेंट उद्योग व माइनिंग प्रभावित मंच का धरना शनिवार को 30वें दिन में प्रवेश कर गया।
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दाड़लाघाट(सोलन)। मांगू घाट क्षेत्र में अंबुजा सीमेंट कंपनी की ओर से की गई अनियंत्रित एवं जानलेवा ब्लास्टिंग के मामले में दाड़लाघाट पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और माइनिंग साइट का निरीक्षण कर कुछ प्रभावित ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। सीमेंट उद्योग व माइनिंग प्रभावित मंच ने बताया कि यह ब्लास्टिंग 25 दिसंबर को दोपहर लगभग 1:30 बजे की गई थी। इस ब्लास्टिंग से क्षेत्र में भय का माहौल बना और ग्रामीणों की जान को सीधा खतरा उत्पन्न हुआ। मंच ने कहा कि मांगू प्रकरण में एफआईआर दर्ज होना संघर्ष की दिशा में एक अहम कदम है, इसमें कई गंभीर प्रश्न अब भी अनुत्तरित हैं, जिन पर प्रशासन को तुरंत स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। मंच के संयोजक संदीप ने कहा कि 25 दिसंबर को मांगू घाट के समस्त ग्रामवासियों ने अनियंत्रित ब्लास्टिंग को प्रत्यक्ष रूप से देखा है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा केवल आठ लोगों के बयान लेने की बात कहना न तो तथ्यात्मक है और न ही न्यायसंगत। उन्होंने मांग उठाई कि पुलिस सभी प्रभावित ग्रामवासियों के बयान उनके घर जाकर दर्ज करे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करें। इधर, सीमेंट उद्योग व माइनिंग प्रभावित मंच का धरना शनिवार को 30वें दिन में प्रवेश कर गया।