{"_id":"615f39368ebc3e62a314f463","slug":"people-to-light-deepak-and-dhoop-outside-shoolini-temple-solan-solan-news-sml3863993172","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिर के बाहर जलाया धूप-दीया, दर्शन कर पांच मिनट में वापसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिर के बाहर जलाया धूप-दीया, दर्शन कर पांच मिनट में वापसी
विज्ञापन
सोलन के मां शूलिनी मंदिर में दर्शन करते लोग। संवाद
- फोटो : SOLAN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोलन। प्रथम नवरात्र को लेकर मां शूलिनी मंदिर में हजारों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। वीरवार सुबह छह बजे मंदिर के कपाट खोल दिए गए। इस बीच सरकार से जारी गाइड लाइन का पालन किया गया। मंदिर परिसर में नारियल, प्रसाद, घंटियां बजाने पर प्रतिबंध रहा। लोगों के बीच सामाजिक दूरी बनाने के लिए सुरक्षा बल मुस्तैद रहा।
मंदिर परिसर में लगी दुकानों से श्रद्धालुओं ने सामान खरीदारी की। मंदिर परिसर के बाहर ही धूप दीया जलाना पड़ा। अगले आठ दिनों तक चलने वाले नवरात्र के उपलक्ष्य पर मंदिर में लोग दर्शन करने पहुंचेंगे। कोविड से पहले मंदिरों में मुख्य गेट से लेकर सड़क तक लोगों की लाइन लगी रहती थी। इस साल मंदिर के बाहर लोगों की कतारें नहीं लगने दी गईं।
मंदिर के भीतर लोग मां के दर्शन कर अपने घरों को वापस लौट गए। मंदिर के बाहर ही लोगों को धूप-दीया जलाना पड़ा। उधर, मां शूलिनी मंदिर के पुजारी पंडित राम स्वरूप शर्मा ने कहा कि कोविड के बीच इस बार मंदिर में हजारों लोगों ने मां के दर्शन किए। प्रात: छह बजे से मंदिर खोल दिया गया। मंदिर में नारियल, प्रसाद, घंटी बजाने पर प्रतिबंध है। मंदिर में पहुंच रहे प्रत्येक भक्त को कोविड नियमों का पालना करवाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंदिर परिसर में लगी दुकानों से श्रद्धालुओं ने सामान खरीदारी की। मंदिर परिसर के बाहर ही धूप दीया जलाना पड़ा। अगले आठ दिनों तक चलने वाले नवरात्र के उपलक्ष्य पर मंदिर में लोग दर्शन करने पहुंचेंगे। कोविड से पहले मंदिरों में मुख्य गेट से लेकर सड़क तक लोगों की लाइन लगी रहती थी। इस साल मंदिर के बाहर लोगों की कतारें नहीं लगने दी गईं।
विज्ञापन
मंदिर के भीतर लोग मां के दर्शन कर अपने घरों को वापस लौट गए। मंदिर के बाहर ही लोगों को धूप-दीया जलाना पड़ा। उधर, मां शूलिनी मंदिर के पुजारी पंडित राम स्वरूप शर्मा ने कहा कि कोविड के बीच इस बार मंदिर में हजारों लोगों ने मां के दर्शन किए। प्रात: छह बजे से मंदिर खोल दिया गया। मंदिर में नारियल, प्रसाद, घंटी बजाने पर प्रतिबंध है। मंदिर में पहुंच रहे प्रत्येक भक्त को कोविड नियमों का पालना करवाया गया।
विज्ञापन