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Solan News: देहूंघाट में वन स्टॉप सेंटर तैयार, जल्द महिलाओं को मिलेगा लाभ
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एक छत के नीचे मिलेगी सुविधा, पांच पीडि़त महिलाओं को मिलेगा आश्रय
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। देहूंघाट में सखी वन स्टॉप सेंटर बनकर तैयार हो गया है। इसमें घरेलू उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं को आश्रय प्रदान किया जाएगा। साथ ही महिलाओं को निशुल्क पुलिस सहायता, कानूनी सहायता, चिकित्सा सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श, अस्थायी आश्रय की सुविधा प्रदान की जाएगी। वन स्टॉप सेंटर में एक समय में पांच महिलाओं के रहने की व्यवस्था है। इस दौरान महिलाओं के खाने-रहने संबंधित सभी व्यवस्थाएं की जाएंगी।
पीड़ित महिलाओं के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर 24 घंटे खुला रहेगा। वहीं हिंसा संबंधी सभी समस्याओं के निजात का प्रयास किया जाएगा। साथ ही महिलाओं को समस्याओं से संबंधित विशेषज्ञ समाधान भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। सखी वन स्टॉप सेंटर में चार से पांच दिन तक महिलाओं को रखा जाएगा। उसके बाद उन्हें परिवार को सौंप दिया जाएगा। यदि किसी महिला के परिवार वाले नहीं है तो उसे आश्रम में भेजा जाएगा। वर्तमान समय में वन स्टॉप सेंटर क्षेत्रीय अस्पताल के पास किराये के भवन में चलाया जा रहा है। जल्द नए भवन में महिलाओं को आश्रय मिलेगा। इससे महिलाओं को आश्रय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सेंटर का निर्माण महिला एवं बाल विकास विभाग की आरे से तैयार करवाया गया है। महिलाओं की देखभाल और प्रशासनिक कार्यों के लिए 13 लोगों का स्टाफ हर समय मौजूद रहेगा।
कोट
पीड़ित महिलाओं के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर तैयार हो चुका है। महिलाओं के लिए 24 घंटे सेंटर खुला रहेगा। महिलाओं के आश्रय के साथ भोजन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है। हमारा उद्देश्य पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें आश्रय प्रदान करना है।
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-डॉ. पदम देव शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी सोलन
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। देहूंघाट में सखी वन स्टॉप सेंटर बनकर तैयार हो गया है। इसमें घरेलू उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं को आश्रय प्रदान किया जाएगा। साथ ही महिलाओं को निशुल्क पुलिस सहायता, कानूनी सहायता, चिकित्सा सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श, अस्थायी आश्रय की सुविधा प्रदान की जाएगी। वन स्टॉप सेंटर में एक समय में पांच महिलाओं के रहने की व्यवस्था है। इस दौरान महिलाओं के खाने-रहने संबंधित सभी व्यवस्थाएं की जाएंगी।
पीड़ित महिलाओं के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर 24 घंटे खुला रहेगा। वहीं हिंसा संबंधी सभी समस्याओं के निजात का प्रयास किया जाएगा। साथ ही महिलाओं को समस्याओं से संबंधित विशेषज्ञ समाधान भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। सखी वन स्टॉप सेंटर में चार से पांच दिन तक महिलाओं को रखा जाएगा। उसके बाद उन्हें परिवार को सौंप दिया जाएगा। यदि किसी महिला के परिवार वाले नहीं है तो उसे आश्रम में भेजा जाएगा। वर्तमान समय में वन स्टॉप सेंटर क्षेत्रीय अस्पताल के पास किराये के भवन में चलाया जा रहा है। जल्द नए भवन में महिलाओं को आश्रय मिलेगा। इससे महिलाओं को आश्रय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सेंटर का निर्माण महिला एवं बाल विकास विभाग की आरे से तैयार करवाया गया है। महिलाओं की देखभाल और प्रशासनिक कार्यों के लिए 13 लोगों का स्टाफ हर समय मौजूद रहेगा।
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कोट
पीड़ित महिलाओं के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर तैयार हो चुका है। महिलाओं के लिए 24 घंटे सेंटर खुला रहेगा। महिलाओं के आश्रय के साथ भोजन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है। हमारा उद्देश्य पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें आश्रय प्रदान करना है।
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-डॉ. पदम देव शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी सोलन