{"_id":"5dfa66568ebc3e87ba6444e6","slug":"municipal-council-to-collect-house-tax-solan-news-sml3180224156","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर परिषद घर-घर जाकर करेगी हाउस टैक्स की वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर परिषद घर-घर जाकर करेगी हाउस टैक्स की वसूली
विज्ञापन
सोलन। नगर परिषद सोलन ने बकाया ढाई करोड़ रुपये के टैक्स की वसूली को लेकर घर-घर से उगाही का फैसला किया है। नगर परिषद अब अपने कर्मचारियों को वसूली के लिए भेजेगी। जो लोग अदायगी नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद पैसा न देने की सूरत में संबंधित व्यक्ति को नोटिस भेजा जाएगा। नगर परिषद ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने के लिए कड़ी कार्रवाई की योजना तैयार कर ली है।
नगर परिषद सोलन में करीब ढाई करोड़ हाउस टैक्स पिछले एक साल से लोगों पर बकाया है। हालांकि, नगर परिषद ने हाउस टैक्स न चुकाने वाले लोगों की अंतिम सूची पहले ही तैयार कर ली है। शहर में नगर परिषद से हर महीने पांच प्रतिशत के हिसाब से हाउस टैक्स वसूला जाता है। कई लोग लंबे समय से भुगतान नहीं कर रहे हैं। नगर परिषद के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए पैसों को सही समय पर नहीं चुका रहे हैं।
इससे नगर परिषद के विकास कार्यों पर रोक लग रही है। नगर परिषद घाटे की स्थिति से गुजरने लगी है। वहीं, दुकानों का एक करोड़ पर भी लोग कब्जा किए बैठे हैं। उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ललित कुमार ने बताया कि लाखों की राशि को वसूलने के लिए कर्मचारियों को डोर टू डोर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि पैसा न देने पर डिफाल्टरों का नोटिस भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही कार्रवाई को शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर परिषद सोलन में करीब ढाई करोड़ हाउस टैक्स पिछले एक साल से लोगों पर बकाया है। हालांकि, नगर परिषद ने हाउस टैक्स न चुकाने वाले लोगों की अंतिम सूची पहले ही तैयार कर ली है। शहर में नगर परिषद से हर महीने पांच प्रतिशत के हिसाब से हाउस टैक्स वसूला जाता है। कई लोग लंबे समय से भुगतान नहीं कर रहे हैं। नगर परिषद के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए पैसों को सही समय पर नहीं चुका रहे हैं।
विज्ञापन
इससे नगर परिषद के विकास कार्यों पर रोक लग रही है। नगर परिषद घाटे की स्थिति से गुजरने लगी है। वहीं, दुकानों का एक करोड़ पर भी लोग कब्जा किए बैठे हैं। उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ललित कुमार ने बताया कि लाखों की राशि को वसूलने के लिए कर्मचारियों को डोर टू डोर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि पैसा न देने पर डिफाल्टरों का नोटिस भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही कार्रवाई को शुरू की जाएगी।
विज्ञापन