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Solan News: अस्पताल में आधुनिक एमआरआई मशीन लगाने के लिए मांगी अनुमति
Wed, 13 Mar 2024 11:04 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Wed, 13 Mar 2024 11:04 PM IST
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क्षेत्रीय अस्पताल में वर्तमान में नहीं होती है एमआरआई
उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलते ही जेम पोर्टल से की जाएगी खरीद
निजी लैब में महंगे दाम पर होती है एमआरआई, मरीजों पर पड़ता है बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में एमआरआई (मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग) मशीन लगने की आस जग गई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से आधुनिक एमआरआई मशीन लगाने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही प्रशासन आधुनिक मशीन को खरीदेगा। अभी तक अस्पताल में एमआरआई की सुविधा मरीजों को नहीं मिलती है। इसके चलते मरीजों को निजी लैब के धक्के खाने पर मजबूर होना पड़ता है। जहां पर अधिक रुपये खर्च होते हैं। इससे मरीज की जेब पर भी बोझ पड़ता है। इसे देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने उच्चाधिकारियों से एमआरआई मशीन लगवाने की अनुमति मांगी है अनुमति के बाद जेम पोर्टल से अस्पताल प्रशासन इसकी खरीदारी करेगा।
गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल जिला का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर सोलन ही नहीं बल्कि जिला सिरमौर और शिमला के कुछ क्षेत्रों से मरीज सोलन अस्पताल पहुंचते हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में सर्जन, हड्डी रोग, मेडिसिन समेत अन्य विभागों के विशेषज्ञ है। जिनके पास विभिन्न बीमारियों को लेकर मरीज आते हैं। बीमारी की गहनता से जांच करने के लिए कई बार चिकित्सक एमआरआई कराने के लिए मरीज को लिखते हैं। लेकिन अस्पताल में एमआरआई की सुविधा न मिलने से मरीजों को काफी परेशानी होती है। अधिकतर परेशानी आपातस्थिति में होती है। क्योंकि दुर्घटनाओं के बाद मरीजों को सामुदायिक अस्पताल से कई बार क्षेत्रीय अस्पताल रेफर किया जाता है। इस दौरान भी पीड़िि को एमआरआई की सुविधा नहीं मिल पाती है और मरीजों को लेकर निजी लैब में जाना पड़ता है।
इनसेट
क्या है एमआरआई
एमआरआई इमेजिंग जांच का एक प्रकार है। इसमें शरीर के अंदर की उच्च गुणवत्ता वाली, विस्तृत तस्वीरें बनाने के लिए एक बड़े चुंबक, रेडियो तरंगों और कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है। एमआरआई जांच में दर्द नहीं होता। साथ ही किसी बीमारी का बारीकी से पता लगाने में भी सहायक होती है।
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इनसेट
इन रोगियों की करवाई जाती है एमआरआई
-जोड़ों और हड्डियों से संबंधित बीमारियां
-ब्रेस्ट कैंसर के खतरे का पता लगाने के लिए।
-हृदय से संबंधित बीमारियों का पता लगाने के लिए।
-गर्भ और लिवर कैंसर का डायग्नोसिस करने के लिए।
-महिलाओं में पैल्विक पेन के कारणों का मूल्यांकन करने के लिए
-रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क की समस्याओं का पता लगाने के लिए।
-शरीर के विभिन्न भागों में अल्सर, ट्यूमर या अन्य बीमारियों पता लगाने के लिए
इनसेट
अस्पताल में एमआरआई मशीन लगाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। अनुमति मिलते ही मशीन लगा दी जाएगी। आधुनिक मशीन के जरिए मरीजों को सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. एसएल वर्मा
चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलते ही जेम पोर्टल से की जाएगी खरीद
निजी लैब में महंगे दाम पर होती है एमआरआई, मरीजों पर पड़ता है बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में एमआरआई (मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग) मशीन लगने की आस जग गई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से आधुनिक एमआरआई मशीन लगाने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही प्रशासन आधुनिक मशीन को खरीदेगा। अभी तक अस्पताल में एमआरआई की सुविधा मरीजों को नहीं मिलती है। इसके चलते मरीजों को निजी लैब के धक्के खाने पर मजबूर होना पड़ता है। जहां पर अधिक रुपये खर्च होते हैं। इससे मरीज की जेब पर भी बोझ पड़ता है। इसे देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने उच्चाधिकारियों से एमआरआई मशीन लगवाने की अनुमति मांगी है अनुमति के बाद जेम पोर्टल से अस्पताल प्रशासन इसकी खरीदारी करेगा।
गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल जिला का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर सोलन ही नहीं बल्कि जिला सिरमौर और शिमला के कुछ क्षेत्रों से मरीज सोलन अस्पताल पहुंचते हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में सर्जन, हड्डी रोग, मेडिसिन समेत अन्य विभागों के विशेषज्ञ है। जिनके पास विभिन्न बीमारियों को लेकर मरीज आते हैं। बीमारी की गहनता से जांच करने के लिए कई बार चिकित्सक एमआरआई कराने के लिए मरीज को लिखते हैं। लेकिन अस्पताल में एमआरआई की सुविधा न मिलने से मरीजों को काफी परेशानी होती है। अधिकतर परेशानी आपातस्थिति में होती है। क्योंकि दुर्घटनाओं के बाद मरीजों को सामुदायिक अस्पताल से कई बार क्षेत्रीय अस्पताल रेफर किया जाता है। इस दौरान भी पीड़िि को एमआरआई की सुविधा नहीं मिल पाती है और मरीजों को लेकर निजी लैब में जाना पड़ता है।
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क्या है एमआरआई
एमआरआई इमेजिंग जांच का एक प्रकार है। इसमें शरीर के अंदर की उच्च गुणवत्ता वाली, विस्तृत तस्वीरें बनाने के लिए एक बड़े चुंबक, रेडियो तरंगों और कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है। एमआरआई जांच में दर्द नहीं होता। साथ ही किसी बीमारी का बारीकी से पता लगाने में भी सहायक होती है।
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इन रोगियों की करवाई जाती है एमआरआई
-जोड़ों और हड्डियों से संबंधित बीमारियां
-ब्रेस्ट कैंसर के खतरे का पता लगाने के लिए।
-हृदय से संबंधित बीमारियों का पता लगाने के लिए।
-गर्भ और लिवर कैंसर का डायग्नोसिस करने के लिए।
-महिलाओं में पैल्विक पेन के कारणों का मूल्यांकन करने के लिए
-रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क की समस्याओं का पता लगाने के लिए।
-शरीर के विभिन्न भागों में अल्सर, ट्यूमर या अन्य बीमारियों पता लगाने के लिए
इनसेट
अस्पताल में एमआरआई मशीन लगाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। अनुमति मिलते ही मशीन लगा दी जाएगी। आधुनिक मशीन के जरिए मरीजों को सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. एसएल वर्मा
चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन