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Solan News: शिविर में पुरुषों को पोषण व समग्र स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक
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आईआरजी संस्था ने स्वराज माजरा में लगाया जागरूकता शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। आईआरजी संस्था ने प्रत्यूषा प्रोजेक्ट के तहत स्वराज माजरा में समुदाय के बीच एक प्रभावशाली जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पुराने अनाज (मिलेट्स) पोषण एवं समग्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।
इस दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुषमा शर्मा एवं पूनम शर्मा ने पुरुषों को दैनिक जीवन से जुड़े सरल उदाहरणों के माध्यम से रागी, ज्वार, बाजरा एवं कंगनी जैसे पारंपरिक एवं पोषक अनाजों के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही इन अनाजों को अपने दैनिक आहार में शामिल करने के आसान तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इससे उनमें इनके प्रति जागरूकता एवं रुचि बढ़ सके।
यह सत्र पूर्ण रूप से पुरुषों के साथ आयोजित किया गया। सत्र को विशेष रूप से पुरुषों के साथ इसलिए आयोजित किया गया। परिवार में भोजन एवं संसाधनों से जुड़े निर्णयों में उनकी अहम भूमिका होती है। पुरुषों को जागरूक कर पूरे परिवार के पोषण स्तर में सुधार लाने का उद्देश्य रखा गया। सत्र में पोषण एवं स्वस्थ जीवनशैली के विषय पर विस्तार से चर्चा की गई और प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इस गतिविधि के माध्यम से कुपोषण की रोकथाम, महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण तथा पारंपरिक अनाजों के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। आईआरजी संस्था ने प्रत्यूषा प्रोजेक्ट के तहत स्वराज माजरा में समुदाय के बीच एक प्रभावशाली जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पुराने अनाज (मिलेट्स) पोषण एवं समग्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।
इस दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुषमा शर्मा एवं पूनम शर्मा ने पुरुषों को दैनिक जीवन से जुड़े सरल उदाहरणों के माध्यम से रागी, ज्वार, बाजरा एवं कंगनी जैसे पारंपरिक एवं पोषक अनाजों के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही इन अनाजों को अपने दैनिक आहार में शामिल करने के आसान तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इससे उनमें इनके प्रति जागरूकता एवं रुचि बढ़ सके।
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यह सत्र पूर्ण रूप से पुरुषों के साथ आयोजित किया गया। सत्र को विशेष रूप से पुरुषों के साथ इसलिए आयोजित किया गया। परिवार में भोजन एवं संसाधनों से जुड़े निर्णयों में उनकी अहम भूमिका होती है। पुरुषों को जागरूक कर पूरे परिवार के पोषण स्तर में सुधार लाने का उद्देश्य रखा गया। सत्र में पोषण एवं स्वस्थ जीवनशैली के विषय पर विस्तार से चर्चा की गई और प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इस गतिविधि के माध्यम से कुपोषण की रोकथाम, महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण तथा पारंपरिक अनाजों के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
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