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मीटर रीडिंग के आधार पर पानी बिल देने पर मेयर ने लगाई रोक

Mon, 07 Mar 2022 11:56 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Mar 2022 11:56 PM IST
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Mayor orders commissioner in Solan to stop distributing water metre reading based bills
सोलन नगर निगम कार्यालय में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते मेयर, डिप्टी मेयर व अन्य पदाधिकारी। संवा? - फोटो : SOLAN
संवाद न्यूज एजेंसी
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सोलन। शहर में मीटर रीडिंग के आधार पर पानी के बिल जारी करने पर मेयर ने रोक लगा दी। साथ ही कांग्रेस नेताओं ने पत्रकार वार्ता कर पानी का बिल 100 रुपये ही जारी करने का दावा किया है।
सोमवार को सुबह के समय सोलन के विधायक और कांग्रेस नेता डॉ. धनीराम शांडिल समेत मेयर और अन्य पार्षदों ने पत्रकार वार्ता के दौरान 100 रुपये में बिल जारी करने का दावा किया।
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साथ ही, कांग्रेस ने घाटा पूरा करने के बारे में जानकारी भी दी। इससे पहले दोपहर को मेयर समेत कांग्रेस पार्षद शहर में पानी के बिल जारी करने पर रोक लगाने की मांग को लेकर आयुक्त कार्यालय में पहुंच गए। उन्होंने बिल पर रोक लगाने को लेकर आयुक्त को ज्ञापन देना चाहा लेकिन उन्होंने ज्ञापन से बिल रोकने से मना कर दिया। उन्होंने मेयर से लिखित आदेश मांगे।
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इसके बाद मेयर समेत पार्षदों ने एमसी कार्यालय के बाहर कांग्रेस ने हाई वोल्टेज ड्रामा कर नारेबाजी शुरू कर दी है। काफी देर तक नारेबाजी के बाद बिल रोकने के लिए मेयर ने लिखित आदेश तैयार किए और उन्हें आयुक्त को दिया। मेयर से मिले आदेशों के बाद आयुक्त ने इन आदेशों को आगामी निर्णय लेने के लिए शहरी विकास विभाग को भेज दिया है। इस पर निर्णय के बाद तक फिलहाल शहर में बिल जारी करने पर रोक लगी है। इससे पहले आयुक्त ने सोलन से शहर में बिल जारी करने के आदेश दिए थे।
सरकार कर रही भेदभाव : शांडिल
पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व मंत्री और सोलन के विधायक कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि शहरवासियों को सस्ते बिल पर पानी देना कांग्रेस का एक बड़ा कदम है। इसे पूरा करने के बजाय भाजपा सरकार राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि सोलन विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का विधायक है, इसके चलते सरकार लगातार भेदभाव कर रही है। विकास के नाम पर कार्यों में रोक लगा दी गई है। जयराम सरकार की विदाई की शहनाई बज चुकी है। इस दौरान सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं और मुद्दों को सत्र में उठाने के लिए भी कहा है।
पानी के मुद्दे को लेकर राजनीति कर रही भाजपा सरकार
मेयर पूनम ग्रोवर ने बताया शहर में 100 रुपये में साढ़े 12 हजार लीटर पानी देने का वादा कर एक पॉलिसी बनाई थी। इसे बैठक में पारित कर सरकार को भेजा था। भाजपा पार्षद ने भी कोई आपत्ति दर्ज नहीं की और वे मामले को लेकर धरने पर बैठे लेकिन सरकार ने प्रस्ताव खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार से पांच मार्च को सरकार से यह जवाब आया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम पर पानी के बिल की देनदारी 78 करोड़ की है जो उन्हें नगर परिषद से गिफ्ट में मिली है।
अतिरिक्त इनकम से घाटा करेंगे पूरा
मेयर पूनम ग्रोवर ने कहा कि अतिरिक्त इनकम से पानी के घाटे को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने टावर, नेटवर्किंग, होर्डिंग आदि आमदनी के साधन हैं। इन कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। नगर निगम ने कई कंपनियों से सर्विस टैक्स की वसूली भी करनी है।

निगम आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि सोमवार से पानी के बिल जारी किए जाने थे लेकिन मेयर ने लिखित आदेश से इस पर रोक लगाने के लिए कहा है। मेयर को आदेशों को विभाग को भेज दिया है। अब निर्णय आने पर कार्रवाई होगी।
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