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Solan News: मैदानी क्षेत्रों में भी फॉल आर्मी वर्म से मक्की की फसल तबाह

Sun, 04 Aug 2024 11:45 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Sun, 04 Aug 2024 11:45 PM IST
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Maize crop destroyed by fall army worm even in plain areas
नालागढ़ में मक्की की फसल में लगा फॉल आर्मी वर्म से क्षतिग्रस्त मक्की के पौधे। संवाद
बीबीएन में मक्की में लगा सुंडी रोग, रुकने का नहीं ले रहा नाम
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बीबीएन में चार हजार हेक्टेयर पर लगती है मक्की की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बीबीएन के पहाड़ी क्षेत्र में मक्की की फसल पर फाल आर्मी वर्म (सुंडी) रोग रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अभी तक यह पहाड़ी क्षेत्रों में ही फसल का तबाह कर रहा था, मगर अब यह रोग मैदानी क्षेत्रों में होने वाली फसल में लगने लगा है। ऐसे में मक्की की फसल तबाह हो रही है।
यह एक प्रकार की सुंडी होती है जो मक्की के तने का रस चूस कर उसे सूखा देती है। यह सुंडी पिछले तीन साल से किसानों के लिए सिर दर्द है। ऐसे में आने वाले समय में किसान इस रोग को ध्यान में रखकर ही मक्की की बिजाई करेंगे।
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बीबीएन ने चार हजार हेक्टेयर जमीन पर मक्की लगाई जाती है। फाल आर्मी वर्म ने पहले पहाड़ी क्षेत्र में हमला किया उसके बाद अब मैदानी क्षेत्र में भी किसानों को फसल में रोग लगना शुरू हो गया है। वर्तमान में अधिकतर किसानों के खेत में सुंडी रोग ने हमला किया हुआ है। सुंडी मक्की की गोब में हमला करती है जिससे पौधे का विकास रुक जाता है। अगर बारिश होती है तो पानी भरने से यह सुंडी मर जाती है लेकिन इस साल कम बारिश होने से सुंडी का प्रकोप बहुत ज्यादा है। खेड़ा पंचायत के अवतार सैणी, बरूणा से विनोद ठाकुर, पंजेहरा से राम कुमार, भोगपुर से सुरेंद्र, डुमनवाला गांव से अमरचंद ठाकुर, बद्दी से ललित ठाकुर ने बताया कि इस साल बारिश बहुत कम हो रही है। जिससे सुंडी ने मक्की की फसल को तबाह करके रख दिया है। इस रोग ने पिछले तीन साल से किसानों की मक्की की फसल को बर्बाद करके रख दिया है। इस रोग का समय पर उपचार न होने पर यह तेजी से फैलता है और किसानों के खेत नष्ट कर देता है।
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प्रगतिशील किसान अमर चंद ठाकुर ने बताया कि किसान अपने खेत में पक्षियों को बैठने के लिए लकड़ी का टी बना कर लगाएं। इस पर बैठ कर पक्षी सुंडी व उसके अंडों को नष्ट करते हैं। सुंडी के लिए कोराजीन आदि दवाई का छिड़काव से सुंडी तो मर जाती है लेकिन हमारे मित्र कीट भी मर जाते है। जो फसल के लिए नुकसानदायक है।

वहीं कृषि विकास अधिकारी भोपाल ठाकुर ने बताया कि किसान 60 एमएल कोराजीन 200 लीटर पानी में मिला कर इसे पांच बीघा जमीन में छिड़काव करें। यह छिड़काव रात के समय करें। इसे सूंडी को रोकने में काफी सफलता मिलेगी। इसके अलावा अब बारिश होती है तो बारिश का पानी मक्की के गोब में जमा हो जाता है। पानी में यह कीट व उसके अंडे मर जाते हैं।
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