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Solan News: दून में तेंदुए का आतंक खत्म, एक महीने की घेराबंदी के बाद पिंजरे में कैद
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पट्टा नाली व बाड़ियां पंचायत के जगंल से पिंजरे में वन विभाग की टीम ने कैद किया तेदुंआ- स्रोत-
तेंदुए ने बाड़िया व पट्टा नाली में कई बकरियों को बनाया था अपना निवाला
मुख्यमंत्री संकल्प सेवा हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद वन विभाग ने लगाया था पिंजरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। दून विधानसभा क्षेत्र के बाड़ियां और पट्टा नाली इलाके में पिछले छह महीने से खौफ का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में फंस गया है। तेंदुए ने क्षेत्र के ग्रामीणों के दर्जनों मवेशियों को अपना निवाला बनाया था, जिससे लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर थे। रविवार रात जैसे ही तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ, क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों के मुताबिक, तेंदुआ पिछले काफी समय से रिहायशी इलाकों में सक्रिय था। रुहान के समाजसेवी नागेंद्र जसवाल ने मुख्यमंत्री संकल्प सेवा हेल्पलाइन नंबर 1100 पर इसकी शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के बाद हरकत में आए वन विभाग ने करीब एक माह पहले क्षेत्र में पिंजरा लगाया था। रविवार रात को तेंदुआ पिंजरे में रखे शिकार के लालच में आया और उसमें कैद हो गया। तेंदुआ पकड़े जाने पर हरविंदर कंवर, नरेंद्र कंवर, ज्ञान चंद, विनोद कुमार और रमेश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने खुशी जताई है। उन्होंने बताया कि अब वे बिना किसी डर के अपने पशुओं को चराने ले जा सकेंगे।
छह माह में कई बकरियों का किया था शिकार
तेंदुए ने सबसे ज्यादा नुकसान बकरी पालकों को पहुंचाया था। रुहान निवासी रोशन लाल की पिछले छह महीनों में 13 बकरियां तेंदुए का शिकार बनीं। वहीं, हरविंदर कंवर की आठ बकरियों को भी तेंदुए ने मार डाला था। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार तो दिन के उजाले में भी तेंदुए ने हमला किया, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी परिजन चिंतित थे।
अब शिमला से आएगी रेस्क्यू टीम
वन मंडलाधिकारी राज कुमार ने बताया कि विभाग ने एक माह से पिंजरे के साथ दो बकरों को चारे के रूप में बांधा था। तेंदुआ स्वस्थ है या नहीं, इसकी जांच के लिए शिमला से रेस्क्यू टीम बुलाई गई है। मेडिकल चेकअप के बाद यदि तेंदुआ पूरी तरह फिट पाया गया, तो उसे किसी सुरक्षित वन्य प्राणी सेंच्युरी में छोड़ दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री संकल्प सेवा हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद वन विभाग ने लगाया था पिंजरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। दून विधानसभा क्षेत्र के बाड़ियां और पट्टा नाली इलाके में पिछले छह महीने से खौफ का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में फंस गया है। तेंदुए ने क्षेत्र के ग्रामीणों के दर्जनों मवेशियों को अपना निवाला बनाया था, जिससे लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर थे। रविवार रात जैसे ही तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ, क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों के मुताबिक, तेंदुआ पिछले काफी समय से रिहायशी इलाकों में सक्रिय था। रुहान के समाजसेवी नागेंद्र जसवाल ने मुख्यमंत्री संकल्प सेवा हेल्पलाइन नंबर 1100 पर इसकी शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के बाद हरकत में आए वन विभाग ने करीब एक माह पहले क्षेत्र में पिंजरा लगाया था। रविवार रात को तेंदुआ पिंजरे में रखे शिकार के लालच में आया और उसमें कैद हो गया। तेंदुआ पकड़े जाने पर हरविंदर कंवर, नरेंद्र कंवर, ज्ञान चंद, विनोद कुमार और रमेश कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने खुशी जताई है। उन्होंने बताया कि अब वे बिना किसी डर के अपने पशुओं को चराने ले जा सकेंगे।
छह माह में कई बकरियों का किया था शिकार
तेंदुए ने सबसे ज्यादा नुकसान बकरी पालकों को पहुंचाया था। रुहान निवासी रोशन लाल की पिछले छह महीनों में 13 बकरियां तेंदुए का शिकार बनीं। वहीं, हरविंदर कंवर की आठ बकरियों को भी तेंदुए ने मार डाला था। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार तो दिन के उजाले में भी तेंदुए ने हमला किया, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी परिजन चिंतित थे।
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अब शिमला से आएगी रेस्क्यू टीम
वन मंडलाधिकारी राज कुमार ने बताया कि विभाग ने एक माह से पिंजरे के साथ दो बकरों को चारे के रूप में बांधा था। तेंदुआ स्वस्थ है या नहीं, इसकी जांच के लिए शिमला से रेस्क्यू टीम बुलाई गई है। मेडिकल चेकअप के बाद यदि तेंदुआ पूरी तरह फिट पाया गया, तो उसे किसी सुरक्षित वन्य प्राणी सेंच्युरी में छोड़ दिया जाएगा।
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