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Solan News: कंडोल पंचायत भवन का काम चार साल के बाद भी अधूरा
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पटवार कार्यालय में चल रहा पंचायत का कामकाज
बरसात में पटवार आवास में पानी आने से रिकाॅर्ड हो रहा खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। पट्टा पंचायत को चार साल पहले दो भागों में बांट कर कंडोल पंचायत बनाई थी। पंचायत बनने के साथ ही यहां पर पंचायत भवन का कार्य शुरू हो गया था। कार्य धीमी गति से चलते यह भवन चार साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। पंचायत प्रधान का कहना है कि पांच साल एक पंचायत का कार्यकाल होता है। उनका पूरा कार्यकाल बिना पंचायत भवन के ही निकल गया है।
पिछले पंचायत चुनाव से पहले पट्टा पंचायत से कंडोल क्षेत्र को अलग करके पंचायत बनाई गई। गांव की एक महिला ने पांच बिस्वा जमीन पंचायत के नाम की। इससे पंचायत का भवन बन सके। तीन साल पहले ठेकेदार को काम दिया गया। इसके बावजूद अभी तक पंचायत भवन तैयार नहीं हो पाया।
पंचायत प्रधान अनिल शर्मा ने बताया कि पूर्व भाजपा सरकार ने चार वर्ष पूर्व नई पंचायत कंडोल बनाई। पंचायत के भवन का ठेका पंचायतीराज विभाग ने निजी ठेकेदार को दिया। दुर्भाग्यपूर्ण है कि ठेकेदार ने यह कार्य सबलेट करके दूसरे काे दे दिया। इसके चलते तीन साल बीत जाने के बाद भी भवन का काम पूरा नहीं हो पाया है। तीन वर्ष बीतने के बाद भी इस छोटे से निर्माणाधीन भवन पर लेंटर तक नहीं डल सका।
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उन्होंने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों से भी इस कार्य को जल्द करवाने का कई बार आग्रह किया, लेकिन विभाग की ओर से कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। यदि ऐसी धीमी गति से निर्माण चलाए गए तो पांच साल में कोई भी काम पूरा नहीं हो पाएगा। उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की कि लापरवाह ठेकेदार का टेंडर रद्द कर पंचायत भवन निर्माण का बाकी बचा कार्य किसी अन्य ठेकेदार को दिया जाए।
पंचायत भवन के साथ लगातार भूमि कटाव होने से भवन को खतरा हो गया था। इसके चलते ठेकेदार ने भूमि कटाव रोकने के लिए पहले वहां डंगे लगाने का कार्य किया। अब डंगे लग चुके हैं। जल्द ही लेंटर डाल दिया जाएगा। तीन माह के भीतर भवन को पंचायत के हैंड ओवर कर दिया जाएगा।
-राजेश चंदेल, अधिशासी अभियंता, पंचायतीराज विभाग
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बरसात में पटवार आवास में पानी आने से रिकाॅर्ड हो रहा खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। पट्टा पंचायत को चार साल पहले दो भागों में बांट कर कंडोल पंचायत बनाई थी। पंचायत बनने के साथ ही यहां पर पंचायत भवन का कार्य शुरू हो गया था। कार्य धीमी गति से चलते यह भवन चार साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। पंचायत प्रधान का कहना है कि पांच साल एक पंचायत का कार्यकाल होता है। उनका पूरा कार्यकाल बिना पंचायत भवन के ही निकल गया है।
पिछले पंचायत चुनाव से पहले पट्टा पंचायत से कंडोल क्षेत्र को अलग करके पंचायत बनाई गई। गांव की एक महिला ने पांच बिस्वा जमीन पंचायत के नाम की। इससे पंचायत का भवन बन सके। तीन साल पहले ठेकेदार को काम दिया गया। इसके बावजूद अभी तक पंचायत भवन तैयार नहीं हो पाया।
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पंचायत प्रधान अनिल शर्मा ने बताया कि पूर्व भाजपा सरकार ने चार वर्ष पूर्व नई पंचायत कंडोल बनाई। पंचायत के भवन का ठेका पंचायतीराज विभाग ने निजी ठेकेदार को दिया। दुर्भाग्यपूर्ण है कि ठेकेदार ने यह कार्य सबलेट करके दूसरे काे दे दिया। इसके चलते तीन साल बीत जाने के बाद भी भवन का काम पूरा नहीं हो पाया है। तीन वर्ष बीतने के बाद भी इस छोटे से निर्माणाधीन भवन पर लेंटर तक नहीं डल सका।
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उन्होंने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों से भी इस कार्य को जल्द करवाने का कई बार आग्रह किया, लेकिन विभाग की ओर से कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। यदि ऐसी धीमी गति से निर्माण चलाए गए तो पांच साल में कोई भी काम पूरा नहीं हो पाएगा। उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की कि लापरवाह ठेकेदार का टेंडर रद्द कर पंचायत भवन निर्माण का बाकी बचा कार्य किसी अन्य ठेकेदार को दिया जाए।
पंचायत भवन के साथ लगातार भूमि कटाव होने से भवन को खतरा हो गया था। इसके चलते ठेकेदार ने भूमि कटाव रोकने के लिए पहले वहां डंगे लगाने का कार्य किया। अब डंगे लग चुके हैं। जल्द ही लेंटर डाल दिया जाएगा। तीन माह के भीतर भवन को पंचायत के हैंड ओवर कर दिया जाएगा।
-राजेश चंदेल, अधिशासी अभियंता, पंचायतीराज विभाग