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पोस्टर व पंफ्लेट में मुद्रक का नाम पता अनिवार्य
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सोलन। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन कृतिका कुलहरी ने सोलन जिले के 50-अर्की विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उप निर्वाचन के दृष्टिगत सभी उम्मीदवारों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्वाचन से संबंधित पंफ्लेट, पोस्टर इत्यादि की छपाई के संबंध में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127-ए का पालन करें।
कृतिका कुलहरी ने कहा कि चुनाव से संबंधित पंफ्लेट, पोस्टर इत्यादि की छपाई जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा-127ए के तहत संचालित है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के अनुसार सभी प्रकार के पोस्टरों तथा पंफ्लेट पर मुद्रक तथा प्रकाशक का नाम एवं पता अंकित होना अनिवार्य है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मुद्रक प्रकाशक की पहचान के विषय में प्रकाशक की ओर से हस्ताक्षरित घोषणा उपलब्ध होने पर ही चुनावी पंफ्लेट या पोस्टर छापेगा। इस घोषणा को ऐसे दो व्यक्तियों की ओर से सत्यापित किया जाना चाहिए, जिन्हें मुद्रक स्वयं जानता हो। इस संबंध में घोषणा की प्रतिलिपि भी मुद्रक को उपलब्ध करवानी होगी।
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कृतिका कुलहरी ने कहा कि पंफ्लेट एवं पोस्टर की छपाई के उपरांत प्रकाशक की घोषणा एवं विषय वस्तु के संबंध में जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी को उपलब्ध करवानी जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजधानी में की गई छपाई के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी और अन्य सभी मामलों में इस संबंध में जानकारी उस जिले के जिला दंडाधिकारी को उपलब्ध करवानी होगी, जहां इन्हें छापा गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनावी पंफ्लेट अथवा पोस्टर में धर्म, जाति, समुदाय अथवा भाषा के आधार पर किसी भी तरह की अपील करना अपराध है। उन्होंने कहा कि इस तरह की चुनावी सामग्री में कोई भी उम्मीदवार अपने विरुद्ध चुनाव लड़ रहे अन्य उम्मीदवारों का चरित्र हनन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा-127ए उल्लंघन के सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कृतिका कुलहरी ने कहा कि चुनाव से संबंधित पंफ्लेट, पोस्टर इत्यादि की छपाई जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा-127ए के तहत संचालित है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के अनुसार सभी प्रकार के पोस्टरों तथा पंफ्लेट पर मुद्रक तथा प्रकाशक का नाम एवं पता अंकित होना अनिवार्य है।
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जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मुद्रक प्रकाशक की पहचान के विषय में प्रकाशक की ओर से हस्ताक्षरित घोषणा उपलब्ध होने पर ही चुनावी पंफ्लेट या पोस्टर छापेगा। इस घोषणा को ऐसे दो व्यक्तियों की ओर से सत्यापित किया जाना चाहिए, जिन्हें मुद्रक स्वयं जानता हो। इस संबंध में घोषणा की प्रतिलिपि भी मुद्रक को उपलब्ध करवानी होगी।
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कृतिका कुलहरी ने कहा कि पंफ्लेट एवं पोस्टर की छपाई के उपरांत प्रकाशक की घोषणा एवं विषय वस्तु के संबंध में जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी को उपलब्ध करवानी जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजधानी में की गई छपाई के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी और अन्य सभी मामलों में इस संबंध में जानकारी उस जिले के जिला दंडाधिकारी को उपलब्ध करवानी होगी, जहां इन्हें छापा गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनावी पंफ्लेट अथवा पोस्टर में धर्म, जाति, समुदाय अथवा भाषा के आधार पर किसी भी तरह की अपील करना अपराध है। उन्होंने कहा कि इस तरह की चुनावी सामग्री में कोई भी उम्मीदवार अपने विरुद्ध चुनाव लड़ रहे अन्य उम्मीदवारों का चरित्र हनन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा-127ए उल्लंघन के सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।