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आपात स्थिति में मरीजों को पर्ची बनाने के लिए नहीं खाने होंगे धक्के
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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में आपात स्थिति में मरीजों को पर्ची बनाने के लिए पर्ची काउंटर पर धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने मौके पर ही पर्ची बनाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इससे जहां आपात स्थिति में आए मरीजों का इलाज जल्द शुरू हो जाएगा, वहीं तीमारदारों को पर्ची काउंटर की लंबी लाइन से भी छुटकारा मिलेगा। वर्तमान में आपात स्थिति में आने वाले मरीजों के तीमारदारों को पर्ची काउंटर पर कतारों में लगना पड़ता है। कई बार मरीज को काफी परेशानी होती है। इस समस्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने आपात कक्ष में ही पर्ची बनाने की व्यवस्था कर दी है।
जिला सिरमौर और शिमला के मरीज भी इलाज के लिए आते हैं। इसके चलते यहां पर ओपीडी 1200 से 1400 तक रहती है। ऐसे में पर्ची काउंटर पर 9:00 बजे से ही भीड़ उमड़नी शुरू हो जाती है।
उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल वर्मा ने बताया कि आपात स्थिति में आने वाले मरीजों की पर्ची आपातकालीन कक्ष में बनाने के आदेश दे दिए गए हैं। मरीजों को कोई असुविधा न हो इसके लिए यह व्यवस्था की गई है। पर्ची काउंटर भी तीन किए गए हैं।
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टोकन सिस्टम से पहुंचा मरीजों को लाभ
अस्पताल में दो साल बाद टोकन सिस्टम शुरू होने से मरीजों को काफी राहत मिली है। मरीज टोकन लेकर खुले स्थान पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई देते हैं। इससे ओपीडी के बाहर अधिक भीड़ भी नहीं लगती है।
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जिला सिरमौर और शिमला के मरीज भी इलाज के लिए आते हैं। इसके चलते यहां पर ओपीडी 1200 से 1400 तक रहती है। ऐसे में पर्ची काउंटर पर 9:00 बजे से ही भीड़ उमड़नी शुरू हो जाती है।
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उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल वर्मा ने बताया कि आपात स्थिति में आने वाले मरीजों की पर्ची आपातकालीन कक्ष में बनाने के आदेश दे दिए गए हैं। मरीजों को कोई असुविधा न हो इसके लिए यह व्यवस्था की गई है। पर्ची काउंटर भी तीन किए गए हैं।
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टोकन सिस्टम से पहुंचा मरीजों को लाभ
अस्पताल में दो साल बाद टोकन सिस्टम शुरू होने से मरीजों को काफी राहत मिली है। मरीज टोकन लेकर खुले स्थान पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई देते हैं। इससे ओपीडी के बाहर अधिक भीड़ भी नहीं लगती है।