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Solan News: आभूषणों पर हालमार्क चिन्ह और उत्पाद प्रमाणन पर किया जागरूक
Fri, 26 Jul 2024 11:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 26 Jul 2024 11:03 PM IST
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बीआईएस परवाणू की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मौजूद लोग। संवाद
परवाणू शाखा की ओर से हुआ कार्यक्रम
52 प्रतिभागियों ने जानी उत्पाद सही होने की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। भारतीय मानक ब्यूरो परवाणू शाखा ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सौजन्य से जागरूकता कार्यक्रम किया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को उत्पाद सही होने की जानकारी दी गई। इसी के साथ आभूषणों पर हालमार्क चिन्ह और उत्पाद प्रमाणन पर लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में 52 प्रतिभागियों ने भाग लिया और कई मुद्दों पर भी बातचीत की।
कार्यालय प्रमुख सुभाष चंद्र नायक ने प्रतिभागियों को बीआईएस की कार्यप्रणाली से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि बीआईएस देश के गुणवत्ता पारिस्थितिकी तंत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानकों के निर्माण, अनुरूपता मूल्यांकन योजनाओं के माध्यम से उत्पादों, सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। बीआईएस प्रमाणन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता की तृतीय पक्ष गारंटी प्रदान करना है।
वहीं, संयुक्त निदेशक शिव प्रकाश ने विभाग के विशिष्ट मानकों, मानक निर्माण, उत्पाद प्रमाणन, हालमार्किंग और अनिवार्य पंजीकरण योजना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आईएसआई चिह्नित उत्पादों और हालमार्क वाले आभूषणों की प्रामाणिकता की जांच करने के लिए एप बनाए गए हैं। लोग मानकों ऑनलाइन पोर्टल और बीआईएस केयर एप के माध्यम से इस बारे में पता लगा सकते हैं। उन्होंने बीआईएस अधिनियम 2016 के तहत बीआईएस मानक चिह्न के दुरुपयोग और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के उल्लंघन के बारे में बताया। कार्यक्रम में राघव शर्मा, नीरज चांदना, कल्याणी गुप्ता समेत अन्य लोगों ने भाग लिया।
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52 प्रतिभागियों ने जानी उत्पाद सही होने की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। भारतीय मानक ब्यूरो परवाणू शाखा ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सौजन्य से जागरूकता कार्यक्रम किया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को उत्पाद सही होने की जानकारी दी गई। इसी के साथ आभूषणों पर हालमार्क चिन्ह और उत्पाद प्रमाणन पर लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में 52 प्रतिभागियों ने भाग लिया और कई मुद्दों पर भी बातचीत की।
कार्यालय प्रमुख सुभाष चंद्र नायक ने प्रतिभागियों को बीआईएस की कार्यप्रणाली से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि बीआईएस देश के गुणवत्ता पारिस्थितिकी तंत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानकों के निर्माण, अनुरूपता मूल्यांकन योजनाओं के माध्यम से उत्पादों, सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। बीआईएस प्रमाणन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता की तृतीय पक्ष गारंटी प्रदान करना है।
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वहीं, संयुक्त निदेशक शिव प्रकाश ने विभाग के विशिष्ट मानकों, मानक निर्माण, उत्पाद प्रमाणन, हालमार्किंग और अनिवार्य पंजीकरण योजना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आईएसआई चिह्नित उत्पादों और हालमार्क वाले आभूषणों की प्रामाणिकता की जांच करने के लिए एप बनाए गए हैं। लोग मानकों ऑनलाइन पोर्टल और बीआईएस केयर एप के माध्यम से इस बारे में पता लगा सकते हैं। उन्होंने बीआईएस अधिनियम 2016 के तहत बीआईएस मानक चिह्न के दुरुपयोग और गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के उल्लंघन के बारे में बताया। कार्यक्रम में राघव शर्मा, नीरज चांदना, कल्याणी गुप्ता समेत अन्य लोगों ने भाग लिया।
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