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Solan News: 50 साल बाद अपने शिष्यों से मिलकर भावुक हुए गुरु
Fri, 28 Jun 2024 11:14 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 28 Jun 2024 11:14 PM IST
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पुराने शिष्यों और स्थानीय लोगों के साथ पूर्व शिक्षा निदेशक अमरनाथ अपने परिवार सहित। संवाद
1971 में मितियां स्कूल में तैनात थे शिक्षक अमरनाथ
उनके शिष्य भी हो चुके हैं कई विभागों से सेवानिवृत्त
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। मितियां में एक अध्यापक 50 वर्ष बाद अपने शिष्यों से मिले। इस दौरान गुरु ने अपने शिष्यों से मिल कर पुरानी यादों को ताजा किया। जिला कांगड़ा के सेवानिवृत्त शिक्षा निदेशक अमर नाथ जो 1971 में मितियां स्कूल में सेवारत रहे थे, शुक्रवार को अपनी धर्मपत्नी गुरजीत कौर, बेटी और दामाद के साथ मित्तियां पहुंचे। खबर मिलते ही उनके पुराने छात्र उनसे मिलने पहुंच गए। अभी सभी शिष्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अपने गुरु से लंबे अंतराल के बाद मिलना सभी के लिए एक सुखद अनुभव था और मिलते ही स्कूल समय की यादें ताजा हो गई।
1971 में कांगड़ा निवासी अमरनाथ स्थानांतरण होकर मिडिल स्कूल मितियां में टीजीटी अध्यापक के रूप तैनात हुए थे। उन दिनों मितियां दुर्गम क्षेत्र माना जाता था। पहले उनकी तैनाती कांगड़ा जिला में ही थी मगर उन्होंने चंडीगढ़ के नजदीक क्षेत्र होने के परवाणू या आसपास तैनाती मिलने की आस में तत्कालीन शिमला जिला में स्थानांतरण के लिए आवेदन दिया था, जिससे वे चंडीगढ़ में संध्याकालीन काॅलेज में अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके। मगर राजनीतिक पहुंच न होने के कारण उन्हें मितियां में तैनात कर दिया गया। जहां कोई भी जाना नहीं चाहता था। गुरु ने नालागढ़ में कमरा ले रखा और वहां से दो घंटे पैदल चल कर समय से पहले स्कूल पहुंच जाते थे और शाम को छुट्टी के बाद नालागढ़ जाते थे। काफी समय बाद यहां से स्थानांतरण होकर चले और अंत में शिमला में शिक्षा निदेशक के पद से 2003 में सेवानिवृत्त हो गए थे।
मितियां की आज बदली सूरत देखकर बहुत खुश हुए। इस अवसर पर पंजाब नेशनल बैंक से सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रबंधक एचआर धीमान, सेवानिवृत्त शास्त्री बधाउं राम शर्मा, जलशक्ति विभाग से सेवानिवृत्त नानक चंद चंदेल, जोगिंद्र बैंक सेवानिवृत्त प्रबंधक श्यामलाल चंदेल, पंडित बुध राम, देवीलाल, राजकुमार, तेजपाल चौहान, दर्शनी देवी ने उपस्थित रहे।
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उनके शिष्य भी हो चुके हैं कई विभागों से सेवानिवृत्त
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। मितियां में एक अध्यापक 50 वर्ष बाद अपने शिष्यों से मिले। इस दौरान गुरु ने अपने शिष्यों से मिल कर पुरानी यादों को ताजा किया। जिला कांगड़ा के सेवानिवृत्त शिक्षा निदेशक अमर नाथ जो 1971 में मितियां स्कूल में सेवारत रहे थे, शुक्रवार को अपनी धर्मपत्नी गुरजीत कौर, बेटी और दामाद के साथ मित्तियां पहुंचे। खबर मिलते ही उनके पुराने छात्र उनसे मिलने पहुंच गए। अभी सभी शिष्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अपने गुरु से लंबे अंतराल के बाद मिलना सभी के लिए एक सुखद अनुभव था और मिलते ही स्कूल समय की यादें ताजा हो गई।
1971 में कांगड़ा निवासी अमरनाथ स्थानांतरण होकर मिडिल स्कूल मितियां में टीजीटी अध्यापक के रूप तैनात हुए थे। उन दिनों मितियां दुर्गम क्षेत्र माना जाता था। पहले उनकी तैनाती कांगड़ा जिला में ही थी मगर उन्होंने चंडीगढ़ के नजदीक क्षेत्र होने के परवाणू या आसपास तैनाती मिलने की आस में तत्कालीन शिमला जिला में स्थानांतरण के लिए आवेदन दिया था, जिससे वे चंडीगढ़ में संध्याकालीन काॅलेज में अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके। मगर राजनीतिक पहुंच न होने के कारण उन्हें मितियां में तैनात कर दिया गया। जहां कोई भी जाना नहीं चाहता था। गुरु ने नालागढ़ में कमरा ले रखा और वहां से दो घंटे पैदल चल कर समय से पहले स्कूल पहुंच जाते थे और शाम को छुट्टी के बाद नालागढ़ जाते थे। काफी समय बाद यहां से स्थानांतरण होकर चले और अंत में शिमला में शिक्षा निदेशक के पद से 2003 में सेवानिवृत्त हो गए थे।
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मितियां की आज बदली सूरत देखकर बहुत खुश हुए। इस अवसर पर पंजाब नेशनल बैंक से सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रबंधक एचआर धीमान, सेवानिवृत्त शास्त्री बधाउं राम शर्मा, जलशक्ति विभाग से सेवानिवृत्त नानक चंद चंदेल, जोगिंद्र बैंक सेवानिवृत्त प्रबंधक श्यामलाल चंदेल, पंडित बुध राम, देवीलाल, राजकुमार, तेजपाल चौहान, दर्शनी देवी ने उपस्थित रहे।
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