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नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के दोषी को छह साल की सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश करने के दोषी जगदेव सिंह को छह साल की सजा सुनाई हैं। धारा 506 के तहत दो साल के कठोर कारावास की सजा भी सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। दोषी को 10,000 रुपये जुर्माने भी देना होगा। जुर्माना नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जानकारी के अनुसार आठ अगस्त 2013 में नालागढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया था। 10 साल की बच्ची स्कूल से रोते हुए घर पहुंची और डरी हुई थी। मां और उसकी चाची की पूछताछ पर उसने बताया कि जब वह स्कूल से आ रही थी तो आरोपी जगदेव सिंह निवासी तपियां करसौली नालागढ़ ने उसे घास का भार उठाने में मदद करने के लिए कहा।
वह उसकी मदद करने के लिए चली गई। इसके बाद आरोपी ने उससे दुष्कर्म की कोशिश की। बच्ची के शोर मचाने पर वह भाग गया। अभियोजन ने अपराध साबित करने के लिए 18 गवाहों को पेश किया। अभियोजन पक्ष से मामले का संचालन विशेष लोक अभियोजक सुनील दत्त वासुदेव ने किया।
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सोलन। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश करने के दोषी जगदेव सिंह को छह साल की सजा सुनाई हैं। धारा 506 के तहत दो साल के कठोर कारावास की सजा भी सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। दोषी को 10,000 रुपये जुर्माने भी देना होगा। जुर्माना नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जानकारी के अनुसार आठ अगस्त 2013 में नालागढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया था। 10 साल की बच्ची स्कूल से रोते हुए घर पहुंची और डरी हुई थी। मां और उसकी चाची की पूछताछ पर उसने बताया कि जब वह स्कूल से आ रही थी तो आरोपी जगदेव सिंह निवासी तपियां करसौली नालागढ़ ने उसे घास का भार उठाने में मदद करने के लिए कहा।
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वह उसकी मदद करने के लिए चली गई। इसके बाद आरोपी ने उससे दुष्कर्म की कोशिश की। बच्ची के शोर मचाने पर वह भाग गया। अभियोजन ने अपराध साबित करने के लिए 18 गवाहों को पेश किया। अभियोजन पक्ष से मामले का संचालन विशेष लोक अभियोजक सुनील दत्त वासुदेव ने किया।
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