{"_id":"61097a588ebc3eaa0b262a3f","slug":"get-fair-price-for-cash-crops-solan-news-sml379161768","type":"story","status":"publish","title_hn":"नकदी फसलों का किसानों को मिले उचित दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नकदी फसलों का किसानों को मिले उचित दाम
विज्ञापन
सोलन सचिवालय में अपनी मांगो को लेकर प्रर्दशन करते किसान सभा के पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : SOLAN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोलन। किसानों को नकदी फसलों के उचित दाम न मिलने और नकली बीज और दवाओं के विरोध में किसान सभा ने सोलन में धरना प्रदर्शन किया। जिसके बाद उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। इस दौरान करीब 60 किसान मौजूद रहे।
हिमाचल किसान सभा के राज्य अध्यक्ष कुलदीप सिंह तोमर, राज्य सचिव ओंकार शाद, जिला सचिव प्यारे लाल वर्मा ने कहा कि सोलन जिले में भारी बारिश और तूफान से घरों, पशुशालाओं के साथ-साथ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
इसके बाद सोलन क्षेत्र में नकदी फसलें किसानों की मुख्य जीविका का साधन हैं, जिसमें मुख्य रूप से टमाटर, शिमला मिर्च और मक्की की फसलें हैं। इन फसलों का बीज और दवाइयां निजी कंपनियां बेच रही हैं, जिसकी गुणवत्ता निम्न स्तर की पाई गई। सब्जियों और मक्की के बीज रोगाणु ग्रस्त निकले, जिस कारण फसल विभिन्न बीमारियों से खराब हो रही है। इसकी रोकथाम के लिए जो कीटनाशक कंपनियां बेच रही हैं, उसके छिड़काव से भी फसलों का बचाव नहीं हो पा रहा है। जो फसल बच जाती है उसका साइज इतना बेतरतीब है कि जिसे न मंडी में आढ़ती खरीदते हैं और न ही उपभोक्ता। इस स्थिति के चलते सोलन, कंडाघाट, धर्मपुर और नालागढ़ क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन में लगी सब्जियां और मक्की बरबाद हो गई है।
विज्ञापन
ये हैं किसानों की मांगें
जिले में खराब और निम्नतम गुणवत्ता के बीज और कीटनाशक दवाइयों की विस्तृत जांच की जाए, किसानों की फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करवाया जाए और मुआवजे के तौर पर भरपाई की जाए। किसान मंडियों में आढ़तियों की जुगलबंदी और बाजार में आ रहे उतार चढ़ाव से फसलों की लागत कीमत भी पूरी नहीं मिल पा रही है। नकदी फसलों को डिब्बा बंद करने और स्टोरेज करने के लिए शीत भंडारण और प्रोसेसिंग उद्योग की कोई सुविधा नहीं है। इसलिए किसान सभा मांग करती है कि सरकार प्रोसेसिंग उद्योग और कोल्ड स्टोरेज की स्थापना करे। वाकनाघाट में प्रस्तावित सब्जी मंडी का निर्माण शीघ्र अति शीघ्र शुरू करवाया जाए।
विज्ञापन
हिमाचल किसान सभा के राज्य अध्यक्ष कुलदीप सिंह तोमर, राज्य सचिव ओंकार शाद, जिला सचिव प्यारे लाल वर्मा ने कहा कि सोलन जिले में भारी बारिश और तूफान से घरों, पशुशालाओं के साथ-साथ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन
इसके बाद सोलन क्षेत्र में नकदी फसलें किसानों की मुख्य जीविका का साधन हैं, जिसमें मुख्य रूप से टमाटर, शिमला मिर्च और मक्की की फसलें हैं। इन फसलों का बीज और दवाइयां निजी कंपनियां बेच रही हैं, जिसकी गुणवत्ता निम्न स्तर की पाई गई। सब्जियों और मक्की के बीज रोगाणु ग्रस्त निकले, जिस कारण फसल विभिन्न बीमारियों से खराब हो रही है। इसकी रोकथाम के लिए जो कीटनाशक कंपनियां बेच रही हैं, उसके छिड़काव से भी फसलों का बचाव नहीं हो पा रहा है। जो फसल बच जाती है उसका साइज इतना बेतरतीब है कि जिसे न मंडी में आढ़ती खरीदते हैं और न ही उपभोक्ता। इस स्थिति के चलते सोलन, कंडाघाट, धर्मपुर और नालागढ़ क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन में लगी सब्जियां और मक्की बरबाद हो गई है।
विज्ञापन
ये हैं किसानों की मांगें
जिले में खराब और निम्नतम गुणवत्ता के बीज और कीटनाशक दवाइयों की विस्तृत जांच की जाए, किसानों की फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करवाया जाए और मुआवजे के तौर पर भरपाई की जाए। किसान मंडियों में आढ़तियों की जुगलबंदी और बाजार में आ रहे उतार चढ़ाव से फसलों की लागत कीमत भी पूरी नहीं मिल पा रही है। नकदी फसलों को डिब्बा बंद करने और स्टोरेज करने के लिए शीत भंडारण और प्रोसेसिंग उद्योग की कोई सुविधा नहीं है। इसलिए किसान सभा मांग करती है कि सरकार प्रोसेसिंग उद्योग और कोल्ड स्टोरेज की स्थापना करे। वाकनाघाट में प्रस्तावित सब्जी मंडी का निर्माण शीघ्र अति शीघ्र शुरू करवाया जाए।