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किसान 15 जुलाई तक कर सकते हैं खरीफ फसल का बीमा
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Farmers may apply for crop insurance before 15 July in Solan
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बद्दी (सोलन)। किसान फसल बीमा योजना के तहत अब 15 जुलाई तक खरीफ की फसल का बीमा करा सकते हैं। प्रदेश के दो जिलों को छोड़ कर किसान अपनी धान और मक्की का बीमा करा सकते हैं। पहले फसलों के लिए ऋण लेने वाले किसानों को बीमा करना जरूरी था लेकिन अब ऐसा नहीं है।
किन्नौर और लाहौल स्पिति के किसानों को छोड़ कर सरकार ने सभी जिलों के धान-मक्की की फसल के लिए बीमा योजना शुरू की है। धान-मक्की के लिए 600 रुपये प्रति हेक्टेयर बीमा राशि है। किसान को फसल प्रभावित होने पर 30 हजार तक की मुआवजा राशि दी जाएगी।
कई बार किसानों की फसलें प्राकृतिक आपदा के चलते खराब हो जाती हैं। ओलावृष्टि, भूस्खलन, बादल फटना, आसमानी बिजली व बेमौसमी वर्षा से नुकसान होने के किसान दावा कर सकता है। कम वर्षा होने से भी कई बार किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है, ऐसी स्थिति में भी किसान मुआवजा मांग सकता है।
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किसान प्राकृतिक आपदा के लिए सुरक्षित करें फसलें
कृषि विभाग नालागढ़ के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार ने योजना को सभी किसानों के स्वैच्छिक कर दिया है। पहले जो किसान ऋण लेता था। उसका बैंक अपने आप ही बीमा कर देते थे। अब किसान की इच्छा पर निर्भर करता है कि उसे फसल बीमा लेना है या नहीं। उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि 15 जुलाई से पहले अपनी खरीफ की फसल का बीमा करा अपनी फसल को प्राकृतिक आपदा से सुरक्षित कर लें।
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किन्नौर और लाहौल स्पिति के किसानों को छोड़ कर सरकार ने सभी जिलों के धान-मक्की की फसल के लिए बीमा योजना शुरू की है। धान-मक्की के लिए 600 रुपये प्रति हेक्टेयर बीमा राशि है। किसान को फसल प्रभावित होने पर 30 हजार तक की मुआवजा राशि दी जाएगी।
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कई बार किसानों की फसलें प्राकृतिक आपदा के चलते खराब हो जाती हैं। ओलावृष्टि, भूस्खलन, बादल फटना, आसमानी बिजली व बेमौसमी वर्षा से नुकसान होने के किसान दावा कर सकता है। कम वर्षा होने से भी कई बार किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है, ऐसी स्थिति में भी किसान मुआवजा मांग सकता है।
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किसान प्राकृतिक आपदा के लिए सुरक्षित करें फसलें
कृषि विभाग नालागढ़ के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार ने योजना को सभी किसानों के स्वैच्छिक कर दिया है। पहले जो किसान ऋण लेता था। उसका बैंक अपने आप ही बीमा कर देते थे। अब किसान की इच्छा पर निर्भर करता है कि उसे फसल बीमा लेना है या नहीं। उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि 15 जुलाई से पहले अपनी खरीफ की फसल का बीमा करा अपनी फसल को प्राकृतिक आपदा से सुरक्षित कर लें।