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फर्जी एनओसी के मामले में सदस्य सचिव को लिखा पत्र
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बद्दी (सोलन)। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बद्दी की तीन कंपनियों को फर्जी डिजिटल साइन के आधार पर फेक एनओसी लेने के मामले में बोर्ड के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया है। बोर्ड ने सदस्य सचिव को इस बारे में अवगत करवाया है।
भटोली कलां की हाईजिन एयरटेक इंडिया कंपनी को जिस कंसलटेंट ने एनओसी दिलाया था, इन तीनों कंपनियों को भी उसी आकाश कंसलटेंसी कंपनी ने एनओसी दिलाया है। तीनों कंपनियों ने भी सोमवार को प्रदूषण बोर्ड के कार्यालय में एनओसी मिलने की बात कही, लेकिन जब उनके कागजात चेक किए गए तो सरकार को बिना फीस के प्रदूषण बोर्ड के वरिष्ठ अभियंता के फेक डिजिटल लाइन कॉपी पेस्ट पाए गए।
इन तीनों कंपनियों को भी आकाश कंसलटेंसी कंपनी ने एनओसी दिलाया है। इन सभी कंपनियों ने एनओसी लेने का दावा करते हुए अपने कागजात कार्यालय में प्रस्तुत किए। लेकिन तीनों कंपनियों के कागजात फर्जी पाए गए। आकाश कंसलटेंसी कंपनी के संचालक ने सरकार को बिना फीस जमा किए ही इन कंपनियों को प्रदूषण बोर्ड का फर्जी एनओसी दिला दिया। उधर, प्रदूषण बोर्ड के वरिष्ठ अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि तीन और कंपनियों की एनओसी फेक पाई गई। बोर्ड ने इन तीनों कंपनियों के बारे में प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव को शिकायती पत्र लिखा है।
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भटोली कलां की हाईजिन एयरटेक इंडिया कंपनी को जिस कंसलटेंट ने एनओसी दिलाया था, इन तीनों कंपनियों को भी उसी आकाश कंसलटेंसी कंपनी ने एनओसी दिलाया है। तीनों कंपनियों ने भी सोमवार को प्रदूषण बोर्ड के कार्यालय में एनओसी मिलने की बात कही, लेकिन जब उनके कागजात चेक किए गए तो सरकार को बिना फीस के प्रदूषण बोर्ड के वरिष्ठ अभियंता के फेक डिजिटल लाइन कॉपी पेस्ट पाए गए।
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इन तीनों कंपनियों को भी आकाश कंसलटेंसी कंपनी ने एनओसी दिलाया है। इन सभी कंपनियों ने एनओसी लेने का दावा करते हुए अपने कागजात कार्यालय में प्रस्तुत किए। लेकिन तीनों कंपनियों के कागजात फर्जी पाए गए। आकाश कंसलटेंसी कंपनी के संचालक ने सरकार को बिना फीस जमा किए ही इन कंपनियों को प्रदूषण बोर्ड का फर्जी एनओसी दिला दिया। उधर, प्रदूषण बोर्ड के वरिष्ठ अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि तीन और कंपनियों की एनओसी फेक पाई गई। बोर्ड ने इन तीनों कंपनियों के बारे में प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव को शिकायती पत्र लिखा है।
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