{"_id":"696d2be725e93c3d2b06aa64","slug":"emphasis-on-increasing-agricultural-production-and-water-conservation-solan-news-c-176-1-ssml1040-161582-2026-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: कृषि उत्पादन बढ़ाने और जल संरक्षण पर दिया जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: कृषि उत्पादन बढ़ाने और जल संरक्षण पर दिया जोर
विज्ञापन
जिला परियोजना प्रबंधन इकाई सोलन की ओर से कंडाघाट में जैविक खाद के प्रशिक्षण कार्य क्रम के दौर
सोलन में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों और सामुदायिक प्रेरकों को बांटी जानकारी
जीवामृत और प्राकृतिक खेती के तहत विकसित बगीचों को भी दिखाया
संवाद न्यूज एजेंसी
कंडाघाट (सोलन)। जिला परियोजना प्रबंधन इकाई सोलन की ओर से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सिंचाई की मूलभूत जानकारी और कृषि उत्पादन में वृद्धि पर आधारित था। कार्यक्रम में जिला सोलन, सिरमौर और शिमला से आए सामुदायिक प्रेरकों ने भाग लिया प्रशिक्षण के दौरान सेवानिवृत्त सब्जी वैज्ञानिक डॉ. एचआर शर्मा, केवीके कंडाघाट ने सब्जी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में सिंचाई की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। वहीं, सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष पादप रोग विज्ञान, यूएचएफ नौणी से डॉ. एचआर शर्मा ने फसलों में रोग प्रबंधन के लिए पर्यावरण अनुकूल और इको-फ्रेंडली विधियों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. राजिंदर ठाकुर, जिला परियोजना प्रबंधक, सोलन ने प्राकृतिक खेती के माध्यम से जल उपयोग दक्षता बढ़ाने और जल संरक्षण की भूमिका पर किसानों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाकर कम पानी में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को वीडीएस बैरटी फार्म का भ्रमण भी कराया गया, जहां जीवामृत का प्रदर्शन और प्राकृतिक खेती के तहत विकसित बगीचों को किसानों को दिखाया गया। इसके साथ ही किसानों को इन तकनीकों की उपयोगिता के बारे में समझाया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. तन्वी सूद, कृषि विशेषज्ञ, डॉ. ऐश्वर्या, कृषि अधिकारी, निशांत, मार्केटिंग अधिकारी, हिमानी, कृषि विशेषज्ञ और अभिषेक चौहान, कृषि विस्तार अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों और सामुदायिक प्रेरकों को आधुनिक जल संरक्षण आधारित एवं पर्यावरण हितैषी कृषि तकनीकों से अवगत कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।
विज्ञापन
जीवामृत और प्राकृतिक खेती के तहत विकसित बगीचों को भी दिखाया
संवाद न्यूज एजेंसी
कंडाघाट (सोलन)। जिला परियोजना प्रबंधन इकाई सोलन की ओर से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सिंचाई की मूलभूत जानकारी और कृषि उत्पादन में वृद्धि पर आधारित था। कार्यक्रम में जिला सोलन, सिरमौर और शिमला से आए सामुदायिक प्रेरकों ने भाग लिया प्रशिक्षण के दौरान सेवानिवृत्त सब्जी वैज्ञानिक डॉ. एचआर शर्मा, केवीके कंडाघाट ने सब्जी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में सिंचाई की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। वहीं, सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष पादप रोग विज्ञान, यूएचएफ नौणी से डॉ. एचआर शर्मा ने फसलों में रोग प्रबंधन के लिए पर्यावरण अनुकूल और इको-फ्रेंडली विधियों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. राजिंदर ठाकुर, जिला परियोजना प्रबंधक, सोलन ने प्राकृतिक खेती के माध्यम से जल उपयोग दक्षता बढ़ाने और जल संरक्षण की भूमिका पर किसानों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाकर कम पानी में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को वीडीएस बैरटी फार्म का भ्रमण भी कराया गया, जहां जीवामृत का प्रदर्शन और प्राकृतिक खेती के तहत विकसित बगीचों को किसानों को दिखाया गया। इसके साथ ही किसानों को इन तकनीकों की उपयोगिता के बारे में समझाया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. तन्वी सूद, कृषि विशेषज्ञ, डॉ. ऐश्वर्या, कृषि अधिकारी, निशांत, मार्केटिंग अधिकारी, हिमानी, कृषि विशेषज्ञ और अभिषेक चौहान, कृषि विस्तार अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों और सामुदायिक प्रेरकों को आधुनिक जल संरक्षण आधारित एवं पर्यावरण हितैषी कृषि तकनीकों से अवगत कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।