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Solan News: खंड स्तर पर स्कूल क्लस्टर योजना में किए कार्यों की 15 जून को सौंपनी होगी रिपोर्ट
Thu, 06 Jun 2024 11:12 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Thu, 06 Jun 2024 11:12 PM IST
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शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा ने बीओ और बीपीओ को जारी किए निर्देश
12 जून को क्लस्टर प्रभारियों के साथ बैठक कर तैयार करनी होगी रिर्पोट
डाइट में शिक्षा खंड अधिकारियों के साथ क्लस्टर योजना पर किया मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। डाइट सोलन में खंड शिक्षा अधिकारी, खंड अधिकारियों के साथ बैठक होगी। जिसकी अध्यक्षता उपनिदेशक उच्च शिक्षा डॉ. जगदीश नेगी ने की। जबकि प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक डॉ. शिव कुमार शर्मा और उप जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा जिला सोलन राज कुमार पराशर विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में क्लस्टर सिस्टम में बदलाव के निर्णयों को लागू करने के लिए मंथन किया गया। इसमें सभी शिक्षा खंड अधिकारियों को 12 जून को खंड स्तर पर क्लस्टर स्कूल के प्रभारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं। जिसमें क्लस्टर को लेकर किए गए कार्यों का मंथन कर इसकी रिपोर्ट 15 जून को शिक्षा उपनिदेशक को सौंपनी होगी। वहीं यह रिपोर्ट विभाग की ओर से शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी।
इस दौरान क्लस्टर सिस्टम में किए गए बदलावों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लेकर मौजूद सभी अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए। इसके साथ बैठक में शामिल किए जा रहे नए निर्णय को लागू करने को लेकर भी अधिकारियों से सुझाव लिए गए। क्लस्टर सिस्टम में 300 मीटर के दायरे को बढ़ाकर अब 500 मीटर करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में कई स्कूल 300 मीटर के दायरे की शर्त के चलते क्लस्टर सिस्टम में शामिल नहीं हो पाए हैं उन स्कूलों को 500 मीटर के दायरे के तहत इस प्रणाली में लाया जाएगा। स्कूल की भौगाेलिक व अन्य परिस्थितियों को देखकर राहत भी प्रदान की जाएगी।
यदि स्कूलों में संयुक्त प्रार्थना सभा, मिड-डे मील एक साथ करने की व्यवस्था संभव नहीं होगी तब इसमें राहत दी जाएगी। हालांकि इन स्कूलों में क्लस्टर सिस्टम की अन्य शर्तों को शामिल किया जाएगा। जानकारी के अनुसार वर्तमान में क्लस्टर सिस्टम को लागू करने के लिए कई स्कूल 300 मीटर के दायरे की शर्त को पूरा नहीं कर पा रहे थे। जिस कारण संबंधित क्षेत्र के स्कूलों को क्लस्टर से नहीं जोड़ा गया है। वहीं अब संबंधित स्कूलों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा।
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इनसेट
योजना में किए जा रहे सार्थक बदलाव
उच्च शिक्षा उपनिदेशक सोलन डॉ. जगदीश नेगी ने बताया कि योजना में सार्थक बदलाव किए जा रहे हैं ताकि बचे हुए स्कूलों को इस योजना में लाया जा सके। हालांकि इन स्कूलों को कई शर्तों से राहत दिए जाने की भी संभावना है। इस सिलसिले में शिक्षा सचिव के साथ इसी माह में एक बैठक भी प्रस्तावित है।
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12 जून को क्लस्टर प्रभारियों के साथ बैठक कर तैयार करनी होगी रिर्पोट
डाइट में शिक्षा खंड अधिकारियों के साथ क्लस्टर योजना पर किया मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। डाइट सोलन में खंड शिक्षा अधिकारी, खंड अधिकारियों के साथ बैठक होगी। जिसकी अध्यक्षता उपनिदेशक उच्च शिक्षा डॉ. जगदीश नेगी ने की। जबकि प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक डॉ. शिव कुमार शर्मा और उप जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा जिला सोलन राज कुमार पराशर विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में क्लस्टर सिस्टम में बदलाव के निर्णयों को लागू करने के लिए मंथन किया गया। इसमें सभी शिक्षा खंड अधिकारियों को 12 जून को खंड स्तर पर क्लस्टर स्कूल के प्रभारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं। जिसमें क्लस्टर को लेकर किए गए कार्यों का मंथन कर इसकी रिपोर्ट 15 जून को शिक्षा उपनिदेशक को सौंपनी होगी। वहीं यह रिपोर्ट विभाग की ओर से शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी।
इस दौरान क्लस्टर सिस्टम में किए गए बदलावों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लेकर मौजूद सभी अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए। इसके साथ बैठक में शामिल किए जा रहे नए निर्णय को लागू करने को लेकर भी अधिकारियों से सुझाव लिए गए। क्लस्टर सिस्टम में 300 मीटर के दायरे को बढ़ाकर अब 500 मीटर करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में कई स्कूल 300 मीटर के दायरे की शर्त के चलते क्लस्टर सिस्टम में शामिल नहीं हो पाए हैं उन स्कूलों को 500 मीटर के दायरे के तहत इस प्रणाली में लाया जाएगा। स्कूल की भौगाेलिक व अन्य परिस्थितियों को देखकर राहत भी प्रदान की जाएगी।
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यदि स्कूलों में संयुक्त प्रार्थना सभा, मिड-डे मील एक साथ करने की व्यवस्था संभव नहीं होगी तब इसमें राहत दी जाएगी। हालांकि इन स्कूलों में क्लस्टर सिस्टम की अन्य शर्तों को शामिल किया जाएगा। जानकारी के अनुसार वर्तमान में क्लस्टर सिस्टम को लागू करने के लिए कई स्कूल 300 मीटर के दायरे की शर्त को पूरा नहीं कर पा रहे थे। जिस कारण संबंधित क्षेत्र के स्कूलों को क्लस्टर से नहीं जोड़ा गया है। वहीं अब संबंधित स्कूलों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा।
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योजना में किए जा रहे सार्थक बदलाव
उच्च शिक्षा उपनिदेशक सोलन डॉ. जगदीश नेगी ने बताया कि योजना में सार्थक बदलाव किए जा रहे हैं ताकि बचे हुए स्कूलों को इस योजना में लाया जा सके। हालांकि इन स्कूलों को कई शर्तों से राहत दिए जाने की भी संभावना है। इस सिलसिले में शिक्षा सचिव के साथ इसी माह में एक बैठक भी प्रस्तावित है।