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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Dirty water is being supplied in the wards of Solan city

Solan News: सोलन शहर के वार्डों हो रही मटमैले पानी की आपूर्ति

Mon, 28 Jul 2025 12:11 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Jul 2025 12:11 AM IST
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लोगों को सताने लगा बीमारियाें का खतरा, पैक बोलतों का पानी पी रहे लोग
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बरसात में अस्पतालों में जलजनित बीमारियों से पीड़ितों की लगी हैं कतारें
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में नगर निगम की ओर से इन दिनों लोगों को मटमैला पानी की आपूर्ति दी जा रही ह। इससे लोग घबराए हुए हैं। लोगों से सेहत से मटमैला पानी की आपूर्ति करने से खिलवाड़ हो रहा है। हालात यह है कि पानी पीने के लायक भी नहीं हैं। यही नहीं पानी में मिट्टी अधिक होने से इसका इस्तेमाल अन्य कार्यों के लिए भी नहीं किया जा सकता है। बीते तीन दिनों से शहर के कई वार्ड में यही हाल बने हुए हैं। लोग पैक बोतलों का पानी पीने को मजबूर हो गए हैं। वहीं, मटमैला पानी आने से जलजनित बीमारियों के बढ़ने की आशंका बनी हुई हैं। रविवार को भी शहर के कथेड़, चंबाघाट क्षेत्र में हुई आपूर्ति में भी लोगों को मटमैला पानी मिला है। बताया जा रहा है कि गिरि और अश्वनी पेयजल योजनाओं में पानी में अभी भी मिट्टी आ रही है। पानी को पीने योग्य बनाने के लिए जल शक्ति विभाग इसे फिल्टर कर रहा है। जल शक्ति विभाग दावा भी कर रहा है कि मटमैला पानी लिफ्ट करने के बाद पानी फिल्टर किया जा रहा है। रविवार को हुई आपूर्ति से ऐसे लग रहा है कि पानी बिना फिल्टर के ही लोगों को घर पहुंच रहा है।
क्षेत्रीय अस्पताल में पेट दर्द, दस्त व उल्टी के मरीजों का इजाफा
वर्तमान में भी अस्पतालों में बरसात के बाद से जलजनित बीमारियों की गिरफ्त में लोग हैं। अस्पतालों में पेट दर्द, दस्त व उल्टी के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। क्षेत्रीय अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में ही 400 से अधिक मरीज रोजाना उपचार के लिए पहुंच रहे हैं और इनमें से अधिकतर जलजनित रोगों से पीडि़त हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपनी रिपोर्ट जल शक्ति विभाग को भेजी है और पानी की नियमित तौर पर जांच का आग्रह भी किया है, लेकिन इन दिनों आ रहा पानी लोगों की सेहत बिगाड़ सकता है।
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मां शूलिनी मेले से पहले हुई है टैंक की सफाई
शहर के मुख्य भंडारण टैंक की मां शूलिनी मेले से पहले से ही सफाई हुई है। अब योजनाओं से पानी फिल्टर होने के बाद आ रहा है, लेकिन लोगों के घरों में मटमैला पहुंच रहा है। अब यह पता नहीं लग पा रहा है कि पानी मटमैला कहा हो रहा है। ऐसे में पानी की फिल्टर प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। टैंक में आने वाले पानी को साफ करने के लिए ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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शहर में पानी की सप्लाई अश्वनी और गिरि पेयजल योजना से होती है। बारिश के बाद पानी मटमैला हुआ है, लेकिन पानी को प्रक्रिया के अनुसार फिल्टर किया जाता है। इसके बाद ही साफ पानी मुख्य भंडारण टैंक में भेजा जाता है।
-ई. ऐन सिंह
सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग, सोलन
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