फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Defect in drinking water distribution system of corporation, supply is available after eight days

Solan News: निगम की पेयजल वितरण प्रणाली में दोष, आठ दिन बाद मिल रही सप्लाई

Mon, 01 Jul 2024 11:11 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Mon, 01 Jul 2024 11:11 PM IST
विज्ञापन
बैठक में आमने-सामने हुए निगम व जलशक्ति विभाग के अधिकारी
विज्ञापन

जलशक्ति विभाग औसतन दे रहा 67 लाख लीटर पानी रोजाना
फिर भी शहरवासियों को नहीं मिल पा रहा है पर्याप्त पानी
जिन घरों पर अधिक टंकियां, वहां पर कट लगाने के दिए निर्देश
उपायुक्त ने ली जलशक्ति विभाग व नगर निगम अधिकारियों की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में जलसंकट पर उपायुक्त ने सोमवार को अधिकारियों की बैठक बुलाई। इसमें नगर निगम, जलशक्ति विभाग और बिजली बोर्ड के अधिकारी बैठक में पहुंचे। बैठक में चर्चा हुई कि निगम का शहर में पेयजल वितरण सिस्टम ठीक नहीं है। जिस हिसाब से जलशक्ति विभाग पानी दे रहा है, लोगों को चार से पांच दिन में पानी मिलना चाहिए, जबकि निगम सात से आठ दिन बाद दे रहा है।
बताया जा रहा है कि बैठक में निगम व जलशक्ति विभाग आमने-सामने हो गए। दोनों विभागों के अधिकारी आंकड़ों सहित आए हुए थे। जलशक्ति विभाग ने उपायुक्त के सामने बीते 14 दिनों के आंकड़ें प्रस्तुत किए आंकड़ों के अनुसार विभाग ने निगम को प्रतिदिन औसतन करीब 67 लाख लीटर पानी की आपूर्ति की है। इसके अनुसार शहर में कम से कम 4 या 5 दिन में पानी की आपूर्ति होनी चाहिए। जबकि निगम सात या आठ दिन बाद पानी ही आपूर्ति कर रहा है। वहीं शहर के करीब 30 फीसदी क्षेत्र में जलशक्ति विभाग द्वारा पानी की आपूर्ति की जा रही है। जिन क्षेत्रों में निगम पानी की सप्लाई करता है, समस्या वहीं पर आ रही है।
विज्ञापन


निगम के अधिकारियों ने कहा कि यदि जलशक्ति विभाग द्वारा औसतन 67 लाख लीटर पानी की आपूर्ति की जा रही है तो टैंक फिर खाली क्यों हैं। उन्होंने जवाब दिया कि अगर एक दिन पर्याप्त पानी आता था तो तीन दिन आधे पानी की सप्लाई होती थी। इससे पेयजल वितरण सिस्टम बिगड़ गया है। बताया कि शहर में प्रतिदिन 90 से 95 लाख लीटर पानी की खपत है जबकि विभाग के आंकड़ों के अनुसार ही इन 14 दिनों में प्रतिदिन 60 लाख लीटर से कम पानी ही निगम को मिला उपायुक्त ने बिजली बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अश्वनी व गिरि पेयजल योजना में बिजली की आपूर्ति को सुचारू रखें। बैठक में नगर निगम की आयुक्त एकता काप्टा, जलशक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता ई. आशीष राणा, समेत निगम व जलशक्ति विभाग के एसडीओ व बिजली बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, इस बारे में उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि शहर में पेयजल किल्लत पर अधिकारियों की बैठक ली गई। इसमें पाया गया कि शहर में निगम के पेयजल वितरण में दिक्कत है। इसके कारण ही पानी की यह समस्या खड़ी हुई है। जलशक्ति विभाग प्रतिदिन औसत 67 लाख लीटर पानी की आपूर्ति कर रहा है। इसके अनुसार तो शहर में चार या पांच दिन में सप्लाई लोगों को मिलनी चाहिए। फिर क्यों सात या आठ दिन में सप्लाई मिल रही है।

इनसेट

अवैध कनेक्शन कटेंगे

उपायुक्त ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निगम पानी के सभी अवैध कनेक्शन काट दें। शहर में पानी के वैध कनेक्शन की संख्या करीब 8800 है। इतने बड़े शहर में पानी के महज 8800 कनेक्शन से ऐसा लग रहा है कि अवैध कनेक्शन की संख्या काफी अधिक है। पेयजल संकट में ऐसे कनेक्शन ने समस्या को और बढ़ाया है। हालांकि निगम की एसडीओ अल्पना ठाकुर की अध्यक्षता में इसके लिए पहले ही चार सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। वहीं निर्णय लिया गया कि अब व्यक्ति के पास एक ही कनेक्शन रहेगा चाहे जलशक्ति विभाग का हो या निगम का।


इनसेट
एक घर पर कई-कई टंकियां, लगेगा कट

उपायुक्त ने आदेश दिए कि ऐसे घरों पर भी कट लगाने शुरू किए जाएं, जिन घरों पर कई-कई पानी की टंकियां रखी गई हैं। हालांकि शहर में ज्यादातर घरों पर कई-कई टंकियां रखी गई हैं। इससे उन घरों पर पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जहां पर टंकियां एक या दो हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed