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रामलोक के बाबा को छोड़नी होगी सरकारी जमीन
सोलन, ब्यूरो
Updated Sat, 13 May 2017 10:01 PM IST
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रामलोक मंदिर परिसर के निर्माण के लिए सरकारी जमीन पर किए कब्जे को लेकर मंदिर कमेटी को जारी नोटिस का अभी तक कमेटी कोई जवाब नहीं दे पाई है। अब राजस्व महकमे ने दूसरा नोटिस कमेटी को जारी कर जवाब मांगा है। विभाग का कहना है कि अब भी कमेटी जवाब नहीं देती है तो कब्जा उखाड़ दिया जाएगा। रामलोक मंदिर के निर्माण में 5 बीघा 6 विस्वा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण निकला है।
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यह खुलासा हाल ही में राजस्व विभाग की निशानदेही रिपोर्ट में हुआ था। इसमें भू राजस्व अधिनियम 163 के तहत विभाग ने मंदिर कमेटी के खिलाफ मामला दर्ज करके नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू कर रखी है। इसमें मंदिर कमेटी से अतिक्रमण को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। यह मामला नायब तहसीलदार के पास है। लेकिन भेजे गए नोटिस में मंदिर कमेटी ने कोई पक्ष नहीं रखा। इसके बाद राजस्व विभाग ने दूसरी बार मंदिर कमेटी को नोटिस जारी किया है।
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29 अप्रैल को विभाग ने की थी निशानदेही
साधु पुल के रूगड़ा स्थित श्रीराम लोक मंदिर के संचालक बाबा अमरदेव पर एक महिला के साथ तेजधार हथियार से मारपीट करने के आरोप लगे थे। इसके बाद ग्रामीणों ने बाबा के खिलाफ मोरचा खोलते हुए सरकारी और पंचायत की जमीन पर मंदिर के नाम पर अतिक्रमण करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद 29 अप्रैल को राजस्व महकमे ने जमीन की निशानदेही करवाई थी। इसमें मंदिर कमेटी के पास पांच बीघा छह बिस्वा सरकारी भूमि पर कब्जा निकला था। तहसीलदार रंजीत शर्मा ने इसकी पुष्टि की है कि मंदिर कमेटी को दोबारा नोटिस जारी किया है।
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क्या है रामलोक मंदिर विवाद
श्रीरामलोक मंदिर की जमीन को लेकर अक्सर ग्रामीणों और मंदिर कमेटी के बीच विवाद होता रहा है। 26 अप्रैल को बाबा अमरदेव और ग्रामीणों में एकबार फिर से हिंसक झड़प हो गई। इसमें बाबा पर एक महिला पर तेजधार हथियार से हमला करने के आरोप लगे थे। दूसरी तरफ बाबा की तरफ से ग्रामीणों पर हमला करने के आरोप लगाए थे। इसमें कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया था। वहीं दूसरी बाबा और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ लोगों ने सोलन शहर में प्रदर्शन भी किया था। लोग बाबा के खिलाफ धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। महिला अभी भी सोलन अस्पताल में दाखिल है वहीं बाबा का आईजीएमसी में उपचार चल रहा है। बाबा के पास अक्सर मंत्रियों और बड़े अधिकारियों का आना जाना लगता रहता है।